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मॉकड्रिल से परखी अधिकारी व कर्मचारियों की कार्यकुशलता
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फोटो-5-गोंडा में रेलवे ओवरब्रिज के पास मॉकड्रिल के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में जुटे अधिकारी व कर?
- फोटो : GONDA
गोंडा। लखनऊ जाते समय छपरा-मथुरा एक्सप्रेस ट्रेन की दो बोगियां रेलवे ओवरब्रिज के नीचे ट्रैक से उतर जाने की खबर से रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में रेलवे सेफ्टी से जुड़े सभी विभागीय लोगों के साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर दुर्घटना में घायल हुए यात्रियों को बचाने के साथ राहत व बचाव कार्य में जुटने को मुस्तैद दिखी। यह सारी कवायद बुधवार को रेलवे स्टेशन पर हुई मॉकड्रिल के दौरान दिखी। रेलवे प्रशासन ने अपने अधिकारियों व कर्मचारियों की सतर्कता परखने को इस मॉकड्रिल को आयोजित कराया था।
रेलवे सेफ्टी से जुड़े विभागीय लोगों की सतर्कता परखने के लिए एक निश्चित अंतराल के बाद इस तरह की मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है। कोरोना काल की वजह से इस बार माकड्रिल का आयोजन लंबे समय बाद हुआ है। करीब साढ़े ग्यारह बजे सुबह रेलवे प्रशासन की तरफ से इस सूचना को प्रसारित कराया गया कि छपरा से मथुरा जा रही 22531 एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार की सुबह 11 बजकर 17 मिनट पर बड़गांव ओवरब्रिज के नीचे दुर्घटनाग्रस्त हो गई और पिछले हिस्से के दो जनरल कोच ट्रैक से उतर गए। इसमें कई यात्रियों के घायल होने की बात भी कही गयी। सूचना मिलते ही रेलवे सेफ्टी से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारी व अधिकारी एनडीआरएफ टीम व सिविल पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य की कवायद शुरू में जुटने लगी।
घंटाभर चली राहत व बचाव की कवायद
दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के डिब्बे से घायल यात्रियों को निकालकर दुर्घटना सहायता यान में ले जाया गया। आधुनिक यंत्रों से डिब्बा व खिड़कियों को काटा गया। राहत बचाव की यह पूरी कवायद बुधवार को दोपहर 12:37 मिनट तक चली। क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष कुमार का कहना है कि रेलवे सेफ्टी का आंकलन करने के लिए इस तरह से मॉकड्रिल का आयोजन करता है। इससे अधिकारियों व कर्मचारियों की सतर्कता का पता लग जाता है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र, सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम, आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त अजय कुमार सिंह, आरपीएफ के कोतवाल नरेंद्र पाल सिंह, मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुज कुमार सिंह, वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार, मंडल वाणिज्य निरीक्षक आरपी पांडेय, प्लेटफार्म निरीक्षक केएल यादव, एसएस मिश्रा, डॉ. एसके मिश्र मौजूद रहे।
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रेलवे सेफ्टी से जुड़े विभागीय लोगों की सतर्कता परखने के लिए एक निश्चित अंतराल के बाद इस तरह की मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है। कोरोना काल की वजह से इस बार माकड्रिल का आयोजन लंबे समय बाद हुआ है। करीब साढ़े ग्यारह बजे सुबह रेलवे प्रशासन की तरफ से इस सूचना को प्रसारित कराया गया कि छपरा से मथुरा जा रही 22531 एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार की सुबह 11 बजकर 17 मिनट पर बड़गांव ओवरब्रिज के नीचे दुर्घटनाग्रस्त हो गई और पिछले हिस्से के दो जनरल कोच ट्रैक से उतर गए। इसमें कई यात्रियों के घायल होने की बात भी कही गयी। सूचना मिलते ही रेलवे सेफ्टी से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारी व अधिकारी एनडीआरएफ टीम व सिविल पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य की कवायद शुरू में जुटने लगी।
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घंटाभर चली राहत व बचाव की कवायद
दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के डिब्बे से घायल यात्रियों को निकालकर दुर्घटना सहायता यान में ले जाया गया। आधुनिक यंत्रों से डिब्बा व खिड़कियों को काटा गया। राहत बचाव की यह पूरी कवायद बुधवार को दोपहर 12:37 मिनट तक चली। क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष कुमार का कहना है कि रेलवे सेफ्टी का आंकलन करने के लिए इस तरह से मॉकड्रिल का आयोजन करता है। इससे अधिकारियों व कर्मचारियों की सतर्कता का पता लग जाता है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र, सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम, आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त अजय कुमार सिंह, आरपीएफ के कोतवाल नरेंद्र पाल सिंह, मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुज कुमार सिंह, वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार, मंडल वाणिज्य निरीक्षक आरपी पांडेय, प्लेटफार्म निरीक्षक केएल यादव, एसएस मिश्रा, डॉ. एसके मिश्र मौजूद रहे।
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