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Gonda News: तीन महीने से थायराइड व दस महीने से सीटी स्कैन जांच बंद
Wed, 31 Jan 2024 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 31 Jan 2024 12:35 AM IST
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज के क्षेत्रीय निदान केंद्र में कई महीनों से मशीनें खराब होने के कारण मरीजों को जांचों पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में हर रोज 1500 से अधिक मरीज आते हैं। इनमें से 50 से 60 मरीजों को थायराइड जांच की सलाह दी जाती है।
डाॅक्टर का पर्चा लेकर पहुंचने वाले मरीजों को क्षेत्रीय निदान केंद्र से यह कहकर लौटा दिया जाता है कि थायराइड की जांच नहीं हो रही है। परेशान मरीजों को बाहर निजी पैथोलॉजी में जांच के लिए 650 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सीटी स्कैन मशीन आठ मार्च से खराब है। करीब 70 मरीजों को रोज सीटी स्कैन जांच लिखी जाती है। निजी सेंटर पर सीटी स्कैन के लिए 3700 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
मरीजों की माने तो क्षेत्रीय निदान केंद्र से ही निजी सेंटरों के एजेंट मरीजों को अपने साथ ले जाकर महंगी जांच कराते हैं। इटियाथोक से आई राबिया बानो ने बताया कि उसके बेटे का सीटी स्कैन कराने का सुझाव डॉक्टर ने दिया था, लेकिन वहां ताला लटकता रहा। एक व्यक्ति ने अपने साथ ले जाकर बाहर 3700 रुपये की जांच कराई। पैथालॉजी प्रभारी डॉ. एसपी पांडेय ने बताया कि थायराइड जांच करने की मशीन खराब है, मरम्मत के लिए पत्र लिखा गया है।
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मरम्मत के लिए मांगा गया बजट
मेडिकल कॉलेज में काफी समय से सीटी स्कैन मशीन खराब है। मरम्मत में करीब 29 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को डिमांड भेजा गया है। थायराइड जांच मशीन जल्द ही बन जाएगी। - डॉ. अनिल तिवारी, सीएमएस
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डाॅक्टर का पर्चा लेकर पहुंचने वाले मरीजों को क्षेत्रीय निदान केंद्र से यह कहकर लौटा दिया जाता है कि थायराइड की जांच नहीं हो रही है। परेशान मरीजों को बाहर निजी पैथोलॉजी में जांच के लिए 650 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सीटी स्कैन मशीन आठ मार्च से खराब है। करीब 70 मरीजों को रोज सीटी स्कैन जांच लिखी जाती है। निजी सेंटर पर सीटी स्कैन के लिए 3700 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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मरीजों की माने तो क्षेत्रीय निदान केंद्र से ही निजी सेंटरों के एजेंट मरीजों को अपने साथ ले जाकर महंगी जांच कराते हैं। इटियाथोक से आई राबिया बानो ने बताया कि उसके बेटे का सीटी स्कैन कराने का सुझाव डॉक्टर ने दिया था, लेकिन वहां ताला लटकता रहा। एक व्यक्ति ने अपने साथ ले जाकर बाहर 3700 रुपये की जांच कराई। पैथालॉजी प्रभारी डॉ. एसपी पांडेय ने बताया कि थायराइड जांच करने की मशीन खराब है, मरम्मत के लिए पत्र लिखा गया है।
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मरम्मत के लिए मांगा गया बजट
मेडिकल कॉलेज में काफी समय से सीटी स्कैन मशीन खराब है। मरम्मत में करीब 29 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को डिमांड भेजा गया है। थायराइड जांच मशीन जल्द ही बन जाएगी। - डॉ. अनिल तिवारी, सीएमएस