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Gonda News: मेडिकल कॉलेज में थायरॉइड व मिर्गी की दवा खत्म
Thu, 06 Mar 2025 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 06 Mar 2025 11:43 PM IST
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गोंडा। संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज में दवाओं का संकट बरकरार है। इसके चलते दवा स्टॉक में थायरॉइड व मिर्गी या झटके आने के समय दी जाने वाली दवा भी खत्म हो जाने से मरीजों को बाजार से महंगी दवा खरीदने की परेशानी उठाना पड़ रही है। इससे पहले खांसी का सीरप भी स्टॉक से खत्म हो चुका है।
कटहाघाट निवासी पूजा ने फिजीशियन की ओपीडी में बाहर से खरीदी गई थायरॉइड की दवा दिखाते हुए बताया कि डॉक्टर साहब आप ने जो दवा लिखी थी वह अस्पताल में नहीं मिली। इस लिए बाहर से खरीदना पड़ी। तरबगंज निवासी कल्पना सिंह को भी थायराॅइड की समस्या थी, डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। इसी प्रकार मिर्गी का दौरा पड़ने या झटके आने की समस्या को लेकर दी जाने वाली फिनेटाइन नाम की दवा भी मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रही है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान ने बताया कि कई बार पत्र लिखने के बाद भी थायरॉक्सिन व फिनेटाइन की आपूर्ति मेडिकल सप्लाईज कार्पोरेशन की ओर से नहीं हो रही है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से यह दवा लोकल पर्चेज के तहत मंगाना पड़ती है। इसके लिए प्राचार्य को भी पत्र लिखा गया है।
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कटहाघाट निवासी पूजा ने फिजीशियन की ओपीडी में बाहर से खरीदी गई थायरॉइड की दवा दिखाते हुए बताया कि डॉक्टर साहब आप ने जो दवा लिखी थी वह अस्पताल में नहीं मिली। इस लिए बाहर से खरीदना पड़ी। तरबगंज निवासी कल्पना सिंह को भी थायराॅइड की समस्या थी, डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। इसी प्रकार मिर्गी का दौरा पड़ने या झटके आने की समस्या को लेकर दी जाने वाली फिनेटाइन नाम की दवा भी मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रही है।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान ने बताया कि कई बार पत्र लिखने के बाद भी थायरॉक्सिन व फिनेटाइन की आपूर्ति मेडिकल सप्लाईज कार्पोरेशन की ओर से नहीं हो रही है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से यह दवा लोकल पर्चेज के तहत मंगाना पड़ती है। इसके लिए प्राचार्य को भी पत्र लिखा गया है।
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