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घाघरा में बाढ़ का खतरा

Sat, 13 Jul 2019 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 10:36 PM IST
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Threat of flood in Ghaghra river
घाघरा में उफान से बाढ़ का खतरा, 600 परिवारों ने छोड़े गांव
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लाल निशान से महज 20 सेमी दूर है नदी, कई गांवों के खेतों में कटान शुरू
फोटो-1
करनैलगंज( गोंडा)। घाघरा नदी में नेपाल के पानी का सैलाब आने से घाघरा उफान पर है। पानी के बढ़ने का सिलसिला जारी है। वहीं घाघरा खतरे का निशान छूने को बेताब है। शनिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 20 सेंटीमीटर नीचे रहा। घाघरा नदी में पानी का स्तर जैसे-जैसे बढ़ रहा है। वैसे-वैसे नदी कहीं खेतों में कटान कर रही है तो कहीं बांध से सटकर बहने लगी है। गोंडा जिले के नकहरा गांव के पास बांध को गांव के बाहर से बनाए जाने के बाद करीब 400 परिवारों का जीवन खतरे में पड़ गया है।
पानी बढ़ने के साथ ही उन परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी है। उधर सीमा पर बसे चार गावों के छह सौ परिवारों का पलायन शुरू हो गया है। एक बार फिर घाघरा नदी का जलस्तर अपने पूरे शबाब पर है और लगातार बढ़ रहे जलस्तर से घाघरा अब खतरे के निशान को छूने के लिए बेताब हो रही है। मात्र 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। घाघरा में आई बाढ़ से भले ही अभी इलाकों में बाढ़ का खतरा न हो, मगर गोंडा बाराबंकी जिले की सीमा पर बसे चार गांवों परसावल, नेपुरा, कमियार, एवं बेहटा के करीब 600 परिवारों का पलायन शुरू हो गया है। ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों पर एवं बांध पर बसने के लिए गांव से निकल कर बाहर आ रहे हैं। वहीं बेहटा गांव के पास नदी की कटान बढ़ रही है। खेतों को काटकर अपनी धारा में समाहित करते हुए घाघरा नदी बांध की ओर बढ़ रही है। बेहटा के पास घाघरा पिछले दो दिनों में करीब 400 बीघा से अधिक भूमि काटकर नदी में समाहित कर चुकी है। सबसे अधिक दयनीय स्थिति गोंडा जिले के नकहरा गांव के तकरीबन 400 परिवारों की है। जो नया अस्थाई बांध गांव के बाहर बनाए जाने के बाद अब बांध और नदी के मुहाने पर आ गए हैं। नदी का जलस्तर जैसे-जैसे बढ़ रहा है। उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और उन्हें अपना घर बार छोड़कर बंधे पर शरण लेना मजबूरी हो गया है। सिंचाई विभाग द्वारा नकहरा के सामने करीब पौने 5 किलोमीटर का पक्का बांध बनाने की कवायद बरसात के पूर्व पूरी नहीं हो सकी। करीब 12 सौ मीटर का बांध अस्थाई मात्र 2 मीटर चौड़ा बनाया गया है। अभी बांध का निर्माण कार्य चल ही रहा है उसी बीच घाघरा में बाढ़ आ चुकी है। बांध पक्का ना हो पाने के कारण लगातार बांध के कटने का खतरा बना हुआ है। पानी का स्तर अगर बढने का सिलसिला जारी रहा तो घाघरा का पानी बांध से सटकर नए बांध में भी कटान कर सकता है। हालांकि पुराने बांध से नदी सटकर बहने लगी है।
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इनसेट
सिंचाई विभाग का दावा तैयार हो गया है अस्थाई बांध
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एमके सिंह बताते हैं कि बांध का निर्माण को पूरा हो चुका है और बांध को मजबूत बनाने और पक्का करने का काम चल रहा है। किसी भी प्रकार का बांध को कोई खतरा नहीं है। एसडीएम ज्ञान चंद गुप्ता कहते हैं कि घाघरा लगातार बढ़ रही है मगर अभी तक बांध को या किसी परिवार को कोई खतरा नहीं है। जो परिवार बांध के अंदर हैं उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की योजना बनाई गई है। पानी बढ़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
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गड्ढे के पानी में डूबने से युवक की मौत
गेड़ास बुजुर्ग (बलरामपुर)। उतरौला कोतवाली क्षेत्र के मलमलिया गौरियनडीह गांव में बाढ़ के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। मृतक के पिता मेराज ने बताया कि उनका बेटा राज मोहम्मद (22) शनिवार सुबह धान की बेड़न लेकर खेत की रोपाई करने निकला था। काफी देर होने पर भी जब वह खेत में नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। लगभग 11 बजे राज मोहम्मद का शव रास्ते में बाढ़ के पानी से गड्ढे में उतराता हुआ मिला। पुलिस चौकी बांकभवानी प्रभारी सैय्यद खादिम सज्जाद ने बताया कि शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। हलका लेखपाल मदन गोपाल ने मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है।
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