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कर्मचारियों की हड़ताल का मिला जुला रहा असर
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:06 PM IST
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कर्मचारियों की हड़ताल का मिला जुल रहा असर
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से कर्मचारियों के हित की मांगों को लेकर छेड़े गए आंदोलन व हड़ताल का मिला जुला असर रहा। जिस विभाग में काम कम रहा वे हड़ताल पर दिखे जबकि जहां जरूरी कार्य होते थे वह हड़ताल के बावजूद कर्मचारी दायें-बायें से काम करते दिखे।
कई विभागों में सुबह तीन घंटे कार्य न करने के बाद कर्मचारी अपने दफ्तरों के कार्य निपटाते रहे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपनी मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में बुधवार से शुक्रवार तक हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है। बुधवार को सभी विभागों में इसका मिला जुला असर दिखा।
वैसे परिषद के सदस्य कर्मचारियों ने बुधवार को सिंचाई विभाग परिसर में गेट मीटिंग की। बुधवार को रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री कार्य होता रहा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यहां एक दर्जन रजिस्ट्री हुई।
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वाणिज्य कर विभाग में भी कर्मचारियों ने जरूरी काम निपटाएं। विकास भवन में भी कर्मचारियों ने पब्लिक के काम से परहेज रखा लेकिन जरूरी कार्य को दूसरे तरीके से करते दिखे। हड़ताल के बावजूद कृषि विभाग के कर्मचारी कृषि मेले में लग कर कार्य किया।
जिला अस्पताल में भी कर्मचारियों की कार्यशैली मिली जुली दिखाई पड़ी। इसी तरह का नजारा सभी विभागों में रहा। वैसे परिषद के जिलाध्यक्ष इन्द्रपाल तिवारी का कहना है कि गुरूवार को विकास भवन परिसर में गेट मीटिंग व धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके बाद शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार के सामने बड़ा धरना प्रदर्शन कर शासन को सम्बोधित जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कल से हड़ताल को और सख्त और धारदार करने का ऐलान किया है।
यहां प्रभावित हुआ कार्य
* स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ा व्यापक असर।
* मरीजों को देर तक नहीं मिलीं अस्पताल से दवाएं।
* मरीजों की नहीं हईं जांच, बन्द रहा पैथालाजी।
* उपनिबन्धक कार्यालय में प्रभावित हुआ कई कार्य।
* वाणिज्य कर विभाग में नहीं जमा हो सके बिल।
* सभी विभागों से मायूस लौटे दूर दराज से आये लोग।
प्रशासन भी किसी तरह से काट रहा समय
जिला प्रशासन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद लोगों की असुविधा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था का ऐलान नहीं किया है। करनैलगंज क्षेत्र में बाढ़ आ जाने से कुछ अधिकारी वहां तो कृ षि विभाग की ओर से किसान मेला व सोलर पॅम्प वितरण कार्यक्रम में अधिकारी व्यस्त रहे। जनता का क्या हाल है उन्हें क्या क्या दिक्कत हई इसे न कोई जनप्रतिनिधि देखने गया न अफसरों को फु रसत मिली। किसी तरह प्रशासन ने काम चला लिया।
ये हैं मांगें
* पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने।
* कर्मचारियों का नियमानुसार समय पर प्रमोशन करने।
* समय पर पद का नया वेतनमान दिये जाने।
* सेवानिवृत पर समय पर कर्मचारियों के देयों का भुगतान करने।
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कई विभागों में सुबह तीन घंटे कार्य न करने के बाद कर्मचारी अपने दफ्तरों के कार्य निपटाते रहे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपनी मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में बुधवार से शुक्रवार तक हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है। बुधवार को सभी विभागों में इसका मिला जुला असर दिखा।
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वैसे परिषद के सदस्य कर्मचारियों ने बुधवार को सिंचाई विभाग परिसर में गेट मीटिंग की। बुधवार को रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री कार्य होता रहा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यहां एक दर्जन रजिस्ट्री हुई।
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वाणिज्य कर विभाग में भी कर्मचारियों ने जरूरी काम निपटाएं। विकास भवन में भी कर्मचारियों ने पब्लिक के काम से परहेज रखा लेकिन जरूरी कार्य को दूसरे तरीके से करते दिखे। हड़ताल के बावजूद कृषि विभाग के कर्मचारी कृषि मेले में लग कर कार्य किया।
जिला अस्पताल में भी कर्मचारियों की कार्यशैली मिली जुली दिखाई पड़ी। इसी तरह का नजारा सभी विभागों में रहा। वैसे परिषद के जिलाध्यक्ष इन्द्रपाल तिवारी का कहना है कि गुरूवार को विकास भवन परिसर में गेट मीटिंग व धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके बाद शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार के सामने बड़ा धरना प्रदर्शन कर शासन को सम्बोधित जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कल से हड़ताल को और सख्त और धारदार करने का ऐलान किया है।
यहां प्रभावित हुआ कार्य
* स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ा व्यापक असर।
* मरीजों को देर तक नहीं मिलीं अस्पताल से दवाएं।
* मरीजों की नहीं हईं जांच, बन्द रहा पैथालाजी।
* उपनिबन्धक कार्यालय में प्रभावित हुआ कई कार्य।
* वाणिज्य कर विभाग में नहीं जमा हो सके बिल।
* सभी विभागों से मायूस लौटे दूर दराज से आये लोग।
प्रशासन भी किसी तरह से काट रहा समय
जिला प्रशासन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद लोगों की असुविधा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था का ऐलान नहीं किया है। करनैलगंज क्षेत्र में बाढ़ आ जाने से कुछ अधिकारी वहां तो कृ षि विभाग की ओर से किसान मेला व सोलर पॅम्प वितरण कार्यक्रम में अधिकारी व्यस्त रहे। जनता का क्या हाल है उन्हें क्या क्या दिक्कत हई इसे न कोई जनप्रतिनिधि देखने गया न अफसरों को फु रसत मिली। किसी तरह प्रशासन ने काम चला लिया।
ये हैं मांगें
* पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने।
* कर्मचारियों का नियमानुसार समय पर प्रमोशन करने।
* समय पर पद का नया वेतनमान दिये जाने।
* सेवानिवृत पर समय पर कर्मचारियों के देयों का भुगतान करने।