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गन्ना बिकने को लेकर फिर सहमे किसान
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2015 11:57 PM IST
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जिले में गन्ना बिकने को लेकर बन रही अनिश्चितता से गन्ना किसान सहमे हुए हैं। प्रदेश में कई चीनी मिलों के बिकने व बंद होने को लेकर इस बार आगामी सीजन में मिल वालों की ओर से आ रही पेराई शुरू न कर पाने की सूचना से किसान गन्ना चिंतित हैं।
बताया जाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी का दाम कम होने से चीनी उद्योग घाटे में चल रहा है। ऐसे में इस बार आगामी सीजन में भी गन्ना मूल्य बढ़ोतरी व गन्ना मूल्य समय से भुगतान का मुद्दा फंसेगा। ऐसे में चीनी मिलों की ओर से इस बार भी गन्ना पेराई में देरी होना तय माना जा रहा है।
वहीं, गन्ना विभाग के सूत्रों की मानें तो शासन को गन्ना मिल मालिकों की ओर से इस बार मिल संचालन में असमर्थता जताई गई है। मिल मालिकानों ने कहा है कि इस बार की पेराई संचालन गन्ना मूल्य का निर्धारण व चीनी के भाव पर निर्भर करेगा।
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इस बात से किसान संगठनों व काश्तकारों की ओर से पेराई न होने से किसानों की समस्याओं के बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है। वहीं विभागीय सूत्रों का कहना है कि नये गन्ना आयुक्त की ओर से पेराई को लेकर टोह लेने के लिए चीनी मिल मालिकों की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद शासन के रुख से मामला स्पष्ट होगा।
अलग-अलग जिलों में चीनी मिलों के बिकने व आगामी सीजन में कई चीनी मिलों के पेराई कर पाने में असमर्थता जताने को लेकर किसान परेशान हैं। किसानों का चीनी मिलों व सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस बाबत अमर उजाला की बातचीत में किसानों का दर्द छलक कर सामने आया।
ग्राम भदुुआतरहर के गन्ना किसान शत्रोहन यादव का कहना है कि चीनी मिलों को पहले ही गन्ना पेराई करने से इन्कार कर देना चाहिए। किसानों ने अपनी गाढ़ी कमाई गन्ने की खेती में लगा रखी है। गन्ना न बिका तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
गन्ना किसान अवध राम चौबे का कहना है कि किसानों के साथ इस तरह की बात सरकार के गलत फैसले से आ रही है। गन्ना किसानों के लिए प्रदेश सरकार पिछले तीन सालों से कुछ भी बेहतर नही कर पा रही है। सरकार को गन्ना किसानों के गन्ने की बिक्री व गन्ना मूल्य भु्गतान मिलने का पक्का आश्वासन देने में नाकाम रही है, जिससे गन्ना किसान आज अनिश्चितता को लेकर परेशान हैं।
किसान राकेश ओझा ने बताया कि गन्ना किसानों का मुख्य आय का साधन है। इसके पैसे से ही किसानों के कई बड़े कार्य निर्भर हैं। गन्ना बिकने में देरी आदि से किसान बर्बाद हो जाएंगे।
फैक्ट फाइल
कुल गन्ना किसान - 1,17,952
कुल गन्ना क्षेत्रफल - 66,136 हेेे.
कुल चीनी मिल - 03
जिले की सभी चीनी मिलें पेराई करेंगी। जो समस्याएं या मुद्दे है, उसके हल के लिए उस पर चीनी मिल मालिकानों व अधिकारियों की गन्ना आयुक्त से वार्ता चल रही है। गन्ना किसान परेशान न हों, उनका गन्ना बिकेगा। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी गोंडा
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बताया जाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी का दाम कम होने से चीनी उद्योग घाटे में चल रहा है। ऐसे में इस बार आगामी सीजन में भी गन्ना मूल्य बढ़ोतरी व गन्ना मूल्य समय से भुगतान का मुद्दा फंसेगा। ऐसे में चीनी मिलों की ओर से इस बार भी गन्ना पेराई में देरी होना तय माना जा रहा है।
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वहीं, गन्ना विभाग के सूत्रों की मानें तो शासन को गन्ना मिल मालिकों की ओर से इस बार मिल संचालन में असमर्थता जताई गई है। मिल मालिकानों ने कहा है कि इस बार की पेराई संचालन गन्ना मूल्य का निर्धारण व चीनी के भाव पर निर्भर करेगा।
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इस बात से किसान संगठनों व काश्तकारों की ओर से पेराई न होने से किसानों की समस्याओं के बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है। वहीं विभागीय सूत्रों का कहना है कि नये गन्ना आयुक्त की ओर से पेराई को लेकर टोह लेने के लिए चीनी मिल मालिकों की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद शासन के रुख से मामला स्पष्ट होगा।
अलग-अलग जिलों में चीनी मिलों के बिकने व आगामी सीजन में कई चीनी मिलों के पेराई कर पाने में असमर्थता जताने को लेकर किसान परेशान हैं। किसानों का चीनी मिलों व सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस बाबत अमर उजाला की बातचीत में किसानों का दर्द छलक कर सामने आया।
ग्राम भदुुआतरहर के गन्ना किसान शत्रोहन यादव का कहना है कि चीनी मिलों को पहले ही गन्ना पेराई करने से इन्कार कर देना चाहिए। किसानों ने अपनी गाढ़ी कमाई गन्ने की खेती में लगा रखी है। गन्ना न बिका तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
गन्ना किसान अवध राम चौबे का कहना है कि किसानों के साथ इस तरह की बात सरकार के गलत फैसले से आ रही है। गन्ना किसानों के लिए प्रदेश सरकार पिछले तीन सालों से कुछ भी बेहतर नही कर पा रही है। सरकार को गन्ना किसानों के गन्ने की बिक्री व गन्ना मूल्य भु्गतान मिलने का पक्का आश्वासन देने में नाकाम रही है, जिससे गन्ना किसान आज अनिश्चितता को लेकर परेशान हैं।
किसान राकेश ओझा ने बताया कि गन्ना किसानों का मुख्य आय का साधन है। इसके पैसे से ही किसानों के कई बड़े कार्य निर्भर हैं। गन्ना बिकने में देरी आदि से किसान बर्बाद हो जाएंगे।
फैक्ट फाइल
कुल गन्ना किसान - 1,17,952
कुल गन्ना क्षेत्रफल - 66,136 हेेे.
कुल चीनी मिल - 03
जिले की सभी चीनी मिलें पेराई करेंगी। जो समस्याएं या मुद्दे है, उसके हल के लिए उस पर चीनी मिल मालिकानों व अधिकारियों की गन्ना आयुक्त से वार्ता चल रही है। गन्ना किसान परेशान न हों, उनका गन्ना बिकेगा। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी गोंडा