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युवक ने की सुषमा स्वराज को किडनी देने की पेशकश
अमर उजाला/गोंडा
Updated Thu, 17 Nov 2016 11:29 PM IST
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सीआरओ को हलफनामा देता व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी फेल होने की खबर आने के बाद गोंडा के युवक घनश्याम ने उन्हें अपनी किडनी देने की पेशकश की है। पेशे से व्यवसायी घनश्याम ने इस बाबत गुरुवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) के मार्फत नोटरी का हलफनामा व पत्र भेजा है।
तहसील तरबगंज के रामापुर गांव के रहने वाले रघुनंदन प्रसाद जायसवाल के बेटे 27 वर्षीय घनश्याम जायसवाल ने बताया कि न्यूज चैनल पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी फेल होने व अस्पताल में भर्ती होने की खबर देखने के बाद उसने यह फैसला लिया है।
घनश्याम जायसवाल ने मुख्य राजस्व अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल को शपथ पत्र देकर इसकी सूचना सुषमा स्वराज तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। घनश्याम ने कहा कि देशहित में यदि उनका अंग काम आ जाए तो इससे बेहतर कुछ और नहीं हो सकता है।
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घनश्याम बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान करते हैं और वह चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। घनश्याम ने बताया कि उनके दो बेटे व दो बेटियां हैं और उनकी पत्नी सरिता जायसवाल भी इस कार्य से सहमत हैं। घनश्याम की पत्नी सरिता जायसवाल कहती हैं कि यह गर्व की बात है, इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
घनश्याम ने बताया कि सीआरओ को पत्र देने से पहले उसने तरबगंज में निजी पैथालॉजी पर अपनी जांच कराई है कि उसकी सेहत किडनी दान करने के लायक है या नहीं। उन्हें कोई बीमारी तो नहीं है। जांच में सब कुछ ठीक निकला है। ब्लड ग्रुप के बारे में घनश्याम नहीं बता सके। घनश्याम जायसवाल के अनुसार किडनी दान करने के लिए जो भी प्रक्रिया है उसका पालन करूंगा।
किडनी दान करने की प्रक्रिया लंबी है। इसके लिए दान करने वाले व्यक्ति की उम्र, स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके अलावा किडनी की जांच होगी और ब्लड ग्रुप का मिलान किया जाएगा। सभी प्रक्रिया पूरी होने पर ही किडनी निकालने की अनुमति मिलेगी। जब स्वास्थ्य विभाग संतुष्ट होगा तभी यह पूरी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
-डा अमर सिंह कुशवाहा, सीएमओ गोंडा
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तहसील तरबगंज के रामापुर गांव के रहने वाले रघुनंदन प्रसाद जायसवाल के बेटे 27 वर्षीय घनश्याम जायसवाल ने बताया कि न्यूज चैनल पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी फेल होने व अस्पताल में भर्ती होने की खबर देखने के बाद उसने यह फैसला लिया है।
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घनश्याम जायसवाल ने मुख्य राजस्व अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल को शपथ पत्र देकर इसकी सूचना सुषमा स्वराज तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। घनश्याम ने कहा कि देशहित में यदि उनका अंग काम आ जाए तो इससे बेहतर कुछ और नहीं हो सकता है।
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घनश्याम बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान करते हैं और वह चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। घनश्याम ने बताया कि उनके दो बेटे व दो बेटियां हैं और उनकी पत्नी सरिता जायसवाल भी इस कार्य से सहमत हैं। घनश्याम की पत्नी सरिता जायसवाल कहती हैं कि यह गर्व की बात है, इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
घनश्याम ने बताया कि सीआरओ को पत्र देने से पहले उसने तरबगंज में निजी पैथालॉजी पर अपनी जांच कराई है कि उसकी सेहत किडनी दान करने के लायक है या नहीं। उन्हें कोई बीमारी तो नहीं है। जांच में सब कुछ ठीक निकला है। ब्लड ग्रुप के बारे में घनश्याम नहीं बता सके। घनश्याम जायसवाल के अनुसार किडनी दान करने के लिए जो भी प्रक्रिया है उसका पालन करूंगा।
किडनी दान करने की प्रक्रिया लंबी है। इसके लिए दान करने वाले व्यक्ति की उम्र, स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके अलावा किडनी की जांच होगी और ब्लड ग्रुप का मिलान किया जाएगा। सभी प्रक्रिया पूरी होने पर ही किडनी निकालने की अनुमति मिलेगी। जब स्वास्थ्य विभाग संतुष्ट होगा तभी यह पूरी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
-डा अमर सिंह कुशवाहा, सीएमओ गोंडा