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पूरे होंगे काम, सभी को मिलेगा आराम
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Dec 2015 10:46 PM IST
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आने वाला नया साल सड़क, बिजली, पानी सहित स्वास्थ्य व शिक्षा के मामले में लोगों के लिए कई मायनों में बेहतर साबित होगा। नए साल में जहां लोगों को बिजली की तमाम दिक्कतों से छुटकारा मिल जाएगा तो वहीं करीब पांच हजार मजरों का विद्युतीकरण होने से यहां की आबादी भी बिजली का लुत्फ उठा सकेगी। जबकि कई वर्षों से जिले में अधूरी चल रहीं सड़क परियोजनाओं का काम पूरा होने से खासकर ग्रामीण इलाकों के लोगों को जर्जर सड़कों व हादसों को दावत देते पुलों से भी छुटकारा मिल जाएगा।
इतना ही नहीं आने वाले नए साल में गोंडा की लाइफ लाइन कही जाने वाली जरवल टू गोंडा रोड के भी भाग्योदय की संभावना है। जबकि गोंडा से इटियाथोक होते हुए बलरामपुर जाने वाली रोड भी नए साल में बननी शुरू हो जाएगी।
वहीं, पाइप लाइन पेयजल की तमाम परियोजनाओं का काम भी नए साल में पूरा हो जाने से लोगों को घर बैठे शुद्ध पानी मिलने लगेगा। जबकि आवागमन के बेहतर इंतजामों में गोरखपुर से गोंडा होते हुए लखनऊ के बीच मेमो ट्रेेन का सपना भी पूरा होने की उम्मीद है।
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उधर, तीन वर्षों से सिविल लाइंस इलाके में निर्माणाधीन आसरा योजना के 600 आवासों का काम भी नए साल में पूरा हो जाने से लोगों को रहने के लिए खुद का घर मिल जाएगा।
जबकि नए साल में स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में विगत वर्षों से चल रहे तमाम तरह के निर्माण कार्यों के अतिरिक्त समायोजन से वंचित शिक्षामित्रों के भाग्य का भी फैसला होने की उम्मीद है। पेश है राजेश तिवारी एवं छायाकार पवन कुमार मिश्र की रिपोर्ट-
सड़कों की जिस बदहाली से अभी लोग जूझ रहे हैं, उससे नए साल में लोगों को मुक्ति मिलने की उम्मीद है। गोंडा से जरवल रोड के बीच 48 किलोमीटर सड़क फोरलेन में पास है, जिसका निर्माण 450 करोड़ रुपये की लागत से इस साल किया जाना है।
वहीं, गोंडा से बलरामपुर 141 करोड़ रुपये की लागत से टू लेन आरसीसी सड़क का निर्माण नए साल में किया जाना है। जबकि गोंडा से उतरौला 52 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए दो सौ करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी को मिल चुके हैं।
वहीं, आर्यनगर से करनैलगंज 28 किलोमीटर टू लेन सड़क का निर्माण भी नए साल में 56 करोड़ रुपये की लागत से होना प्रस्तावित है, जिससे लोगों को जर्जर सड़कों की टेंशन से नए साल में मुक्ति मिलने की उम्मीद है। वहीं, जिला योजना में अधूरी चल रहीं 13 सड़कों तो पूर्वांचल विकास निधि योजना में अधूरी चलने वाली 31 सड़कों का निर्माण नए साल में पूरा होने की उम्मीद है।
उधर, राज्य योजना में वर्ष 2012-13 से मनवर नदी, दुर्जनपुर के तिन्निहिवा घाट और कूकनगर के अगयाघाट, तरबगंज के अमदही बंधे, पटपरगंज, त्रिमुहानीघाट, शाहपुर में बंधियाघाट, रमवापुर हरदोपटट्ी, गोड़वाघाट और सेमराशेखपुर में बन रहे सेतु निगम व पीडब्ल्यूडी के निर्माणाधीन पुलों का काम भी पूरा होने की उम्मीद है।
साथ ही वर्ष 2015 के फरवरी में की गई मुख्यमंत्री की घोषणा वाली पीडब्ल्यूडी की 49 अन्य सड़कों का काम भी नए साल में पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऊबड़-खाबड़ सड़कों से होकर नहीं जाना पड़ेगा।
आने वाला नया साल बिजली को लेकर लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। नए साल में जहां लोगों को कटौती मुक्त बिजली मिलेगी तो वहीं ओवरलोडिंग से जूझ रहे बिजलीघर पीक ऑवर में भी लोगों को भरपूर बिजली मुहैया कराएंगे।
इतना ही नहीं बिजली के वैकल्पिक स्रोतों से जूझ रहे गोंडा जिले को 400 केवीए बिजलीघर के मार्फत इस साल टांडा एनटीपीसी से भी बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।
जबकि करनैलगंज और नवाबगंज में 132 केवीए के दो बिजलीघर बन जाने से दोनों इलाकों की ओवरलोडिंग समस्या पूरी तरह से अगले कई वर्षों के लिए खत्म हो जाएगी।
इतना सब कुछ होने से नए साल में प्रदेश सरकार ने जो वादा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बिजली को लेकर कर रखा है, उसके भी पूरा होने की उम्मीद है।
जबकि नए साल में आरजीजीवाई की दो योजनाओं में चल रहे करीब पांच हजार मजरों का विद्युतीकरण भी नए साल में सितंबर के अंत तक पूरा हो जाने से जिले की ढाई लाख आबादी को बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।
गांव-गांव लोगों को पाइप लाइन के जरिए पीने का पानी मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री घोषणा के 10 जगहों, भंभुवा, पारा, सरैयानान्हू, सालपुर धौताल, गोगिया, डेहरास, चांदपुर, पसका, परसपुर व करनैलगंज में डाली गई पाइप लाइन योजना का काम भी नए साल में पूरा होने की उम्मीद है।
इसके बाद लोगों को निजी हैंडपंपों पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। यही नहीं जल निगम की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत गांवों में बनवाए जाने वाले आधा दर्जन से ऊपर ओवरहेड टैंकों का काम भी नए साल में पूरा हो जाएगा। इससे लोगों को दूषित पानी नहीं पीना पड़ेगा और इससे होने वाली बीमारियों से भी लोग बचे रहेंगे।
तीन साल से जिला अस्पताल में निर्माणाधीन 300 शैय्या के अस्पताल के भी इस साल पूरा होने की उम्मीद है। अगर ऐसा हुआ तो जिला अस्पताल आकर इलाज कराने वाले मरीजों की ज्यादातर दिक्कतें अपने आप ही खत्म हो जाएंगी और लोगों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
यही नहीं इस साल आसरा योजना में बन रहे 600 आवास भी जरूरतमंदों को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हैंडओवर कर दिए जाएंगे।
जबकि बीते सात साल से निर्माणाधीन लेखपाल ट्रेनिंग सेंटर सहित ट्रांजिल हाल, अपर निदेशक कार्यालय और महिला अस्पताल में 100 शैय्या के एमसीएच विंग का काम भी इस साल पूरा होने की उम्मीद है, जिससे जिले के लोगों को कई फायदे होंगे।
सात साल से राजधानी की यात्रा के लिए जिले के लोग जिस मेमो ट्रेन की आस लगाए बैठे हैं, आने वाले नए साल में उनकी उस उम्मीद को चार चांद लग सकते हैं।
बीते दिनों पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम ने पत्रकारों से वार्ता कर इस बात के संकेत भी दिए थे, कि अगर उन्हें बाराबंकी में बिजली का कनेक्शन नहीं मिलता है तो उनका गोरखपुर रूट का होने वाला रेल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य साल 2016 में हो जाएगा। जिसके बाद वह बस्ती से बिजली लेकर लखनऊ से गोरखपुर वाया गोंडा होते हुए मेमो ट्रेन का संचालन शुरू करा देंगे।
अगर ऐसा होता है तो आवागमन के नजरिए से जिले के लोगों के लिए नए साल में यह एक बड़ी उपलब्धि से कम न होगा। वहीं सड़कों का जाल दुरुस्त होने से जिले के रोडवेज के बेड़े में भी इजाफा होने की संभावना है।
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इतना ही नहीं आने वाले नए साल में गोंडा की लाइफ लाइन कही जाने वाली जरवल टू गोंडा रोड के भी भाग्योदय की संभावना है। जबकि गोंडा से इटियाथोक होते हुए बलरामपुर जाने वाली रोड भी नए साल में बननी शुरू हो जाएगी।
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वहीं, पाइप लाइन पेयजल की तमाम परियोजनाओं का काम भी नए साल में पूरा हो जाने से लोगों को घर बैठे शुद्ध पानी मिलने लगेगा। जबकि आवागमन के बेहतर इंतजामों में गोरखपुर से गोंडा होते हुए लखनऊ के बीच मेमो ट्रेेन का सपना भी पूरा होने की उम्मीद है।
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उधर, तीन वर्षों से सिविल लाइंस इलाके में निर्माणाधीन आसरा योजना के 600 आवासों का काम भी नए साल में पूरा हो जाने से लोगों को रहने के लिए खुद का घर मिल जाएगा।
जबकि नए साल में स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में विगत वर्षों से चल रहे तमाम तरह के निर्माण कार्यों के अतिरिक्त समायोजन से वंचित शिक्षामित्रों के भाग्य का भी फैसला होने की उम्मीद है। पेश है राजेश तिवारी एवं छायाकार पवन कुमार मिश्र की रिपोर्ट-
सड़कों की जिस बदहाली से अभी लोग जूझ रहे हैं, उससे नए साल में लोगों को मुक्ति मिलने की उम्मीद है। गोंडा से जरवल रोड के बीच 48 किलोमीटर सड़क फोरलेन में पास है, जिसका निर्माण 450 करोड़ रुपये की लागत से इस साल किया जाना है।
वहीं, गोंडा से बलरामपुर 141 करोड़ रुपये की लागत से टू लेन आरसीसी सड़क का निर्माण नए साल में किया जाना है। जबकि गोंडा से उतरौला 52 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए दो सौ करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी को मिल चुके हैं।
वहीं, आर्यनगर से करनैलगंज 28 किलोमीटर टू लेन सड़क का निर्माण भी नए साल में 56 करोड़ रुपये की लागत से होना प्रस्तावित है, जिससे लोगों को जर्जर सड़कों की टेंशन से नए साल में मुक्ति मिलने की उम्मीद है। वहीं, जिला योजना में अधूरी चल रहीं 13 सड़कों तो पूर्वांचल विकास निधि योजना में अधूरी चलने वाली 31 सड़कों का निर्माण नए साल में पूरा होने की उम्मीद है।
उधर, राज्य योजना में वर्ष 2012-13 से मनवर नदी, दुर्जनपुर के तिन्निहिवा घाट और कूकनगर के अगयाघाट, तरबगंज के अमदही बंधे, पटपरगंज, त्रिमुहानीघाट, शाहपुर में बंधियाघाट, रमवापुर हरदोपटट्ी, गोड़वाघाट और सेमराशेखपुर में बन रहे सेतु निगम व पीडब्ल्यूडी के निर्माणाधीन पुलों का काम भी पूरा होने की उम्मीद है।
साथ ही वर्ष 2015 के फरवरी में की गई मुख्यमंत्री की घोषणा वाली पीडब्ल्यूडी की 49 अन्य सड़कों का काम भी नए साल में पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऊबड़-खाबड़ सड़कों से होकर नहीं जाना पड़ेगा।
आने वाला नया साल बिजली को लेकर लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। नए साल में जहां लोगों को कटौती मुक्त बिजली मिलेगी तो वहीं ओवरलोडिंग से जूझ रहे बिजलीघर पीक ऑवर में भी लोगों को भरपूर बिजली मुहैया कराएंगे।
इतना ही नहीं बिजली के वैकल्पिक स्रोतों से जूझ रहे गोंडा जिले को 400 केवीए बिजलीघर के मार्फत इस साल टांडा एनटीपीसी से भी बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।
जबकि करनैलगंज और नवाबगंज में 132 केवीए के दो बिजलीघर बन जाने से दोनों इलाकों की ओवरलोडिंग समस्या पूरी तरह से अगले कई वर्षों के लिए खत्म हो जाएगी।
इतना सब कुछ होने से नए साल में प्रदेश सरकार ने जो वादा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बिजली को लेकर कर रखा है, उसके भी पूरा होने की उम्मीद है।
जबकि नए साल में आरजीजीवाई की दो योजनाओं में चल रहे करीब पांच हजार मजरों का विद्युतीकरण भी नए साल में सितंबर के अंत तक पूरा हो जाने से जिले की ढाई लाख आबादी को बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।
गांव-गांव लोगों को पाइप लाइन के जरिए पीने का पानी मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री घोषणा के 10 जगहों, भंभुवा, पारा, सरैयानान्हू, सालपुर धौताल, गोगिया, डेहरास, चांदपुर, पसका, परसपुर व करनैलगंज में डाली गई पाइप लाइन योजना का काम भी नए साल में पूरा होने की उम्मीद है।
इसके बाद लोगों को निजी हैंडपंपों पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। यही नहीं जल निगम की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत गांवों में बनवाए जाने वाले आधा दर्जन से ऊपर ओवरहेड टैंकों का काम भी नए साल में पूरा हो जाएगा। इससे लोगों को दूषित पानी नहीं पीना पड़ेगा और इससे होने वाली बीमारियों से भी लोग बचे रहेंगे।
तीन साल से जिला अस्पताल में निर्माणाधीन 300 शैय्या के अस्पताल के भी इस साल पूरा होने की उम्मीद है। अगर ऐसा हुआ तो जिला अस्पताल आकर इलाज कराने वाले मरीजों की ज्यादातर दिक्कतें अपने आप ही खत्म हो जाएंगी और लोगों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
यही नहीं इस साल आसरा योजना में बन रहे 600 आवास भी जरूरतमंदों को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हैंडओवर कर दिए जाएंगे।
जबकि बीते सात साल से निर्माणाधीन लेखपाल ट्रेनिंग सेंटर सहित ट्रांजिल हाल, अपर निदेशक कार्यालय और महिला अस्पताल में 100 शैय्या के एमसीएच विंग का काम भी इस साल पूरा होने की उम्मीद है, जिससे जिले के लोगों को कई फायदे होंगे।
सात साल से राजधानी की यात्रा के लिए जिले के लोग जिस मेमो ट्रेन की आस लगाए बैठे हैं, आने वाले नए साल में उनकी उस उम्मीद को चार चांद लग सकते हैं।
बीते दिनों पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम ने पत्रकारों से वार्ता कर इस बात के संकेत भी दिए थे, कि अगर उन्हें बाराबंकी में बिजली का कनेक्शन नहीं मिलता है तो उनका गोरखपुर रूट का होने वाला रेल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य साल 2016 में हो जाएगा। जिसके बाद वह बस्ती से बिजली लेकर लखनऊ से गोरखपुर वाया गोंडा होते हुए मेमो ट्रेन का संचालन शुरू करा देंगे।
अगर ऐसा होता है तो आवागमन के नजरिए से जिले के लोगों के लिए नए साल में यह एक बड़ी उपलब्धि से कम न होगा। वहीं सड़कों का जाल दुरुस्त होने से जिले के रोडवेज के बेड़े में भी इजाफा होने की संभावना है।