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संगीनो की साये में बहुचर्चित सरयू नहर खोदाई का काम शुरू 17-54-42

Fri, 18 Jun 2021 10:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 10:33 PM IST
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The work of digging the Saryu canal started in the shadow of the bayonets
गोंडा। किसानों के आंदोलन से बाधित चल रही बहुचर्चित सरयू नहर धनई पट्टी के खोदाई का कार्य आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन को कड़ा रुख अपनाना पड़ा। 18 साल बाद हरकत में आए प्रशासन ने शुक्रवार को निर्माण पूरा कराने के लिए पुलिस बल तैनात किया।
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एक दर्जन जेसीबी व चार थानों की पुलिस के साथ भारी मात्रा में पीएसी के जवानों के साथ उपजिलाधिकारी हीरा लाल यादव, सीओ मुन्ना उपाध्याय व सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निर्माण कार्य की निगरानी का मोर्चा संभाला।
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करनैलगंज तहसील के सालपुर धौताल गांव में अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती से लोग सकते में आ गए। भारी मात्रा में पुलिस बल व दमकल की गाड़ी देखकर विरोध कर रहे किसान सामने नहीं आये। सालपुर धौताल में एक किलोमीटर नहर खोदाई का काम बाकी था।
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जो आज शुरू हो गया है। सालपुर धौताल के साथ धानी धनखर व परसा गोड़री में भी नहर खोदाई का विरोध चल रहा है। परसा गोड़री में तो किसान खेत में ही पंडाल लगाकर सात माह से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों से वार्ता फेल हो चुकी है।
जिसके कारण पांच सालों से नहर खोदाई का काम चार स्थानों पर बन्द था। खोदाई का काम केवल 1.5 किलोमीटर बाकी है। सिंचाई विभाग के सामने कोई रास्ता दिखाई नहीं दिया तो अब बल पूर्वक नहर खोदाई का काम शुरू कर दिया है। इस दौरान अधिशाषी अभियंता सिंचाई सतीश कुमार, प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज संतोष कुमार सिंह, कोतवाल देहात वकील पांडेय, थाना प्रभारी परसपुर सुधीर सिंह, उप निरीक्षक सुनील तिवारी सहित भारी मात्रा में पीएसी के जवान मौजूद रहे।
वर्ष 2002 में सरयू नहर धनई पट्टी का खोदाई का काम पूरा हो गया था। सिंचाई विभाग ने 2011 में नहर खोदाई का काम पूरा दिखाकर 54 लाख रुपये का भुगतान भी हो गया।
जब मामले का खुलासा हुआ तो विभाग के अधिशाषी अभियंता सहित चार ठेकेदारों पर सरकारी धन हड़पने के कारण मुकदमा राज्य सरकार ने दर्ज कराकर धनराशि का तीन गुना रिकवरी की कार्यवाही हो गयी।
किसानों का कहना है कि वे लोग नहर खोदने का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब उनकी जमीन पर अब खोदाई हो रही है तो उन्हें नए सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। बिना मुआवजा दिए उनकी जमीन पर नहर की खोदाई जबरदस्ती किया जा रहा जो किसानों के साथ अन्याय है।
नहर खोदाई केवल 570 मीटर परसा गोड़री शिवशंकर पुरवा में व 1100 मीटर धानी धनखर, ठाकुरपुर में बाकी है। शेष नहर बनकर तैयार हो गयी है। नहर से निकलने वाले 56 किलोमीटर माइनर का काम भी पूरा हो चुका है।
परसा गोड़री के किसानों का कहना है कि जब अधिग्रहण मृतक के नाम से हुआ है, जो गलत है। वर्ष 2019 में सिंचाई विभाग ने बिना किसानों को मुआवजा दिए खोदाई करने के लिए जेसीबी पहुँच गयी। जिस पर किसान भड़क गये।

2019 में किसानों का 38 दिन तक अपने खेत में ही खोदाई के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। करनैलगंज के तत्कालीन उपजिलाधिकारी ज्ञान चन्द्र गुप्ता ने धरना स्थल पर जाकर किसानों को नए सर्किल रेट से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया था। इतना ही नही अगर मुआवजा नहीं मिलता है तो गांव में जमीन के बदले जमीन देने के लिये लेखपाल कानूनगो से गांव में सर्वे कराया लेकिन बात नहीं बनी।
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