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तीसरे चरण में भी जमकर बरसे वोट
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2015 12:08 AM IST
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ग्राम पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में मतदाताओं ने गांव की सरकार चुनने के प्रति भारी उत्साह दिखाया। सर्दी व कोहरे के मौसम में भी बूथों पर मतदाताओं की भारी भीड़ दिखी।
सवेरे से ही मतदाता बूथों पर कतारबद्ध खड़े हो गए। दोपहर दो बजे तक भारी मतदान होने की सूचना मिली। नई-नवेली दुल्हनों व पहली बार वोटर बने लोगों ने भी जमकर मतदान किया।
बूथों पर सुरक्षा की भारी व्यवस्था की गई थी। बूथों पर प्रत्याशियों के होर्डिंग्स व बैनर आचार संहिता की धज्जी उड़ा रहे थे। गनेशपुर बूथ पर शनिवार सुबह टेंट लगवाकर मतदान शुरू कराया गया।
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ठंड के कारण एक सुरक्षाकर्मी की तबियत भी खराब हो गई। बलरामपुर सदर तथा श्रीदत्तगंज ब्लॉक के 184 प्रधान पदों तथा 2354 सदस्य पदों के लिए वोट डाले गए।
ग्राम प्रधान तथा पंचायत सदस्य पदों के 3364 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई जिसका फैसला 13 दिसंबर को मतगणना के दौरान होगा।
तीसरे चरण में मतदान के दौरान चुनाव आचार संहिता की जमकर धज्जी उड़ाई गई। गनेशपुर बूथ के पास प्रत्याशी की होर्डिंग लगी थी।
कलवारी व धुसाह बूथ पर भी पोस्टर व होर्डिंग्स लगे थे। गंगाडीह बूथ के चारों तरफ प्रत्याशियों के पोस्टर्स चिपके हुए थे। कलवारी गांव के बाहर बने स्वागत गेट पर भी होर्डिंग लगी थी। प्रशासन के लोग भी पोस्टर व होर्डिंग्स के प्रति मूकदर्शक बने दिखे।
गांव की सरकार चुनने के प्रति बुजुर्गों में भारी उत्साह दिखा। कलवारी में वृद्धा राजपाली व बुधना अपनी बहू के साथ जाकर वोट डाला। 95 वर्षीय प्यारे ने बेटे श्यामलाल के साथ जाकर मतदान किया।
विशुनापुर बूथ पर बुजुर्ग नजबुल, सजारन व लाल बहादुर ने भी परिवारीजनों के साथ मतदान किया। बुजुर्गों का कहना था कि लोकतंत्र के हर चुनाव में नागरिकों को मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए
गनेशपुर बूथ संख्या 187 पर शुक्रवार को पहुंचे मतदान तथा सुरक्षाकर्मियों को सर्दी भरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। बूथ पर किसी तरह का कोई भवन नहीं था।
शनिवार सुबह यहां पर टेंट लगवाकर मतदान कराया गया। खुले आसमान के नीचे रात गुजारने के कारण यहां पर तैनात किये गए एक सुरक्षाकर्मी की तबियत भी खराब हो गई। पीठासीन अधिकारी प्रेम नरायन द्विवेदी ने बूथ पर रहने आदि की व्यवस्था न होने की पुष्टि करते हुए बताया कि हम लोगों ने जैसे-तैसे रात गुजारी।
प्रधानी के चुनाव में हर प्रत्याशी मतदाताओं को घरों की दहलीज से बाहर निकालने में जुटा रहा। दुल्हनों ने घूंघट की ओट में वोट डाला। कलवारी बूथ पर दुल्हन ऊषा अपनी सास के साथ वोट डालने आयी। लगभग सभी बूथों पर दुल्हनों के वोट डालने का नजारा दिखा। सुधा, चांदनी व मंजू आदि ने भी पहली बार मतदान किया।
कलवारी बूथ पर क्रमांक 3017 से 3061 तक वोटरों का नाम ही मतदाता सूची से नदारद था। ये लोग वोट नहीं डाल सके।
पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह ने बताया कि सूची में कई मतदाताओं के नाम पर लाल निशान लगा दिया गया। लाल निशान वाले मतदाताओं को भी वोट नहीं डालने दिया गया।
मतदान अधिकारी मतदान से वंचित लोगों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे थे। मतदाताओं में वोट न डाल पाने का आक्रोश साफ दिख रहा था।
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सवेरे से ही मतदाता बूथों पर कतारबद्ध खड़े हो गए। दोपहर दो बजे तक भारी मतदान होने की सूचना मिली। नई-नवेली दुल्हनों व पहली बार वोटर बने लोगों ने भी जमकर मतदान किया।
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बूथों पर सुरक्षा की भारी व्यवस्था की गई थी। बूथों पर प्रत्याशियों के होर्डिंग्स व बैनर आचार संहिता की धज्जी उड़ा रहे थे। गनेशपुर बूथ पर शनिवार सुबह टेंट लगवाकर मतदान शुरू कराया गया।
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ठंड के कारण एक सुरक्षाकर्मी की तबियत भी खराब हो गई। बलरामपुर सदर तथा श्रीदत्तगंज ब्लॉक के 184 प्रधान पदों तथा 2354 सदस्य पदों के लिए वोट डाले गए।
ग्राम प्रधान तथा पंचायत सदस्य पदों के 3364 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई जिसका फैसला 13 दिसंबर को मतगणना के दौरान होगा।
तीसरे चरण में मतदान के दौरान चुनाव आचार संहिता की जमकर धज्जी उड़ाई गई। गनेशपुर बूथ के पास प्रत्याशी की होर्डिंग लगी थी।
कलवारी व धुसाह बूथ पर भी पोस्टर व होर्डिंग्स लगे थे। गंगाडीह बूथ के चारों तरफ प्रत्याशियों के पोस्टर्स चिपके हुए थे। कलवारी गांव के बाहर बने स्वागत गेट पर भी होर्डिंग लगी थी। प्रशासन के लोग भी पोस्टर व होर्डिंग्स के प्रति मूकदर्शक बने दिखे।
गांव की सरकार चुनने के प्रति बुजुर्गों में भारी उत्साह दिखा। कलवारी में वृद्धा राजपाली व बुधना अपनी बहू के साथ जाकर वोट डाला। 95 वर्षीय प्यारे ने बेटे श्यामलाल के साथ जाकर मतदान किया।
विशुनापुर बूथ पर बुजुर्ग नजबुल, सजारन व लाल बहादुर ने भी परिवारीजनों के साथ मतदान किया। बुजुर्गों का कहना था कि लोकतंत्र के हर चुनाव में नागरिकों को मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए
गनेशपुर बूथ संख्या 187 पर शुक्रवार को पहुंचे मतदान तथा सुरक्षाकर्मियों को सर्दी भरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। बूथ पर किसी तरह का कोई भवन नहीं था।
शनिवार सुबह यहां पर टेंट लगवाकर मतदान कराया गया। खुले आसमान के नीचे रात गुजारने के कारण यहां पर तैनात किये गए एक सुरक्षाकर्मी की तबियत भी खराब हो गई। पीठासीन अधिकारी प्रेम नरायन द्विवेदी ने बूथ पर रहने आदि की व्यवस्था न होने की पुष्टि करते हुए बताया कि हम लोगों ने जैसे-तैसे रात गुजारी।
प्रधानी के चुनाव में हर प्रत्याशी मतदाताओं को घरों की दहलीज से बाहर निकालने में जुटा रहा। दुल्हनों ने घूंघट की ओट में वोट डाला। कलवारी बूथ पर दुल्हन ऊषा अपनी सास के साथ वोट डालने आयी। लगभग सभी बूथों पर दुल्हनों के वोट डालने का नजारा दिखा। सुधा, चांदनी व मंजू आदि ने भी पहली बार मतदान किया।
कलवारी बूथ पर क्रमांक 3017 से 3061 तक वोटरों का नाम ही मतदाता सूची से नदारद था। ये लोग वोट नहीं डाल सके।
पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह ने बताया कि सूची में कई मतदाताओं के नाम पर लाल निशान लगा दिया गया। लाल निशान वाले मतदाताओं को भी वोट नहीं डालने दिया गया।
मतदान अधिकारी मतदान से वंचित लोगों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे थे। मतदाताओं में वोट न डाल पाने का आक्रोश साफ दिख रहा था।