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Gonda News: राम-भरत मिलन की कथा प्रेम, त्याग व मर्यादा का प्रतीक
Sat, 18 Oct 2025 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 18 Oct 2025 11:20 PM IST
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कटरा कुटी धाम में श्रीराम कथा सुनाते प्रवाचक मिथिला शरण पांडेय। - संवाद
नवाबगंज। हनुमान जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में कटरा कुटी धाम में चल रही रामकथा के छठे दिन शुक्रवार को प्रवाचक मिथिलाशरण पांडेय ने श्रीराम-भरत मिलन के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में प्रेम, त्याग और एकता का भाव होता है, वहां कभी विवाद नहीं रह सकता। यदि मतभेद की स्थिति भी बनती है तो त्याग और तपस्या के माध्यम से उसे समाप्त कर देना ही सच्ची भक्ति का मार्ग है। उन्होंने कहा जो व्यक्ति अपने परिवार के हित के लिए सब कुछ त्यागने को तत्पर रहता है, वही वास्तव में महापुरुष बनता है। महंत स्वामी चिन्मयानंद महाराज, बबलू तिवारी, उमेश प्रताप सिंह, भोलानाथ तिवारी, रिंकू पांडेय, रामगोपाल सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, विजय सोनी आदि उपस्थित रहे।
राम विवाह की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर
हलधरमऊ। नगवाकला में काली देवी मंदिर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ में शुक्रवार को प्रवाचक ज्ञानानंद शास्त्री ने भगवान राम के विवाह का प्रसंग सुनाया। बताया कि विवाह धर्म और कर्तव्य पालन का संकल्प है। श्रीराम का अवतार ही इसलिए हुआ ताकि धर्म की स्थापना और अधर्म का नाश हो सके। प्रवाचक ने कहा कि धनुष टूटते ही आकाश में देवताओं ने श्रीराम का जयघोष किया। फूलों की वर्षा होने लगी और राजा जनक भावविह्वल हो उठे। सीता ने श्रीराम को वर के रूप में स्वीकार किया। कथा पंडाल में उपस्थित महिला श्रद्धालुओं ने इस शुभ अवसर पर मांगलिक गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। कथा में राज बहादुर तिवारी, शेषनारायन, राजेश तिवारी, मनोज कुमार, हरिओम आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में प्रेम, त्याग और एकता का भाव होता है, वहां कभी विवाद नहीं रह सकता। यदि मतभेद की स्थिति भी बनती है तो त्याग और तपस्या के माध्यम से उसे समाप्त कर देना ही सच्ची भक्ति का मार्ग है। उन्होंने कहा जो व्यक्ति अपने परिवार के हित के लिए सब कुछ त्यागने को तत्पर रहता है, वही वास्तव में महापुरुष बनता है। महंत स्वामी चिन्मयानंद महाराज, बबलू तिवारी, उमेश प्रताप सिंह, भोलानाथ तिवारी, रिंकू पांडेय, रामगोपाल सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, विजय सोनी आदि उपस्थित रहे।
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राम विवाह की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर
हलधरमऊ। नगवाकला में काली देवी मंदिर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ में शुक्रवार को प्रवाचक ज्ञानानंद शास्त्री ने भगवान राम के विवाह का प्रसंग सुनाया। बताया कि विवाह धर्म और कर्तव्य पालन का संकल्प है। श्रीराम का अवतार ही इसलिए हुआ ताकि धर्म की स्थापना और अधर्म का नाश हो सके। प्रवाचक ने कहा कि धनुष टूटते ही आकाश में देवताओं ने श्रीराम का जयघोष किया। फूलों की वर्षा होने लगी और राजा जनक भावविह्वल हो उठे। सीता ने श्रीराम को वर के रूप में स्वीकार किया। कथा पंडाल में उपस्थित महिला श्रद्धालुओं ने इस शुभ अवसर पर मांगलिक गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। कथा में राज बहादुर तिवारी, शेषनारायन, राजेश तिवारी, मनोज कुमार, हरिओम आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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