फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   The roof of the school was made of substandard material and the floor was made of sand and bricks

Gonda News: मानकविहीन ढाली स्कूल की छत, बालू व ईंट से बनाई फर्श

Wed, 10 Jul 2024 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Wed, 10 Jul 2024 11:36 PM IST
विज्ञापन
The roof of the school was made of substandard material and the floor was made of sand and bricks
बीईओ और डीसी (निर्माण) की जांच में हुआ खुलासा, पहली बारिश में ही नवनिर्मित भवन में सीलन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। जिले के परिषदीय विद्यालय भवन निर्माण में जमकर मानकों से खिलवाड़ किया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से आई शिकायत में डीएम ने बीईओ व डीसी (निर्माण) से जांच कराई तो मामले का खुलासा हो सका है। कार्यदायी संस्था ने 110 के सापेक्ष 75 मिमी मोटाई छत ढाली गई है। इतना ही नहीं बालू व ईंट से फर्श बना दी गई। ऐसे में बनते ही फर्श उखड़ गई है।
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (सिडको) को इटियाथोक शिक्षा क्षेत्र के ज्ञानापुर धन्नी प्राथमिक विद्यालयों भवन निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। गुणवत्ता स्तर को देखकर स्थानीय निवासी एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत की। डीएम नेहा शर्मा के आदेश पर बीईओ इटियाथोक उपेंद्र त्रिपाठी और जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्र ने जांच की तो भवन निर्माण में बड़ी खामियां सामने आई। विद्यालय भवन के फर्श की ऊंचाई भूमि तल से मानक 450 मिमी के सापेक्ष 150 मिमी पाई। बरामदे व कमरे की फर्श में ईंट गिट्टी के बजाय ईंट-अद्धे के ऊपर बालू डालकर प्लास्टर कर दिया गया। वहीं, छत की मोटाई मानक 110 के सापेक्ष 75 मिमी ढाल दी गई। इससे सरिया दिखने के साथ ही गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। कमजोर छत होने के कारण हैंडओवर से पहले ही सीलन आनी शुरू हो गई। दरवाजे, खिड़कियों, रैंप, दिव्यांग शौचालय, रेलिंग और ग्रिल तक बेहद खराब गुणवत्ता की लगाई गई है। रेन वाटर पाइप समेत अन्य तमाम खामियों के बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया है। बीम की गहराई और सीमेंट मसाले की खराब गुणवत्ता के अलावा ईंट चिनाई में द्वितीय क्लास का प्रयोग किया गया। ऐसे में अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था पर सख्ती दिखाई है।
विज्ञापन

मई में पीडब्ल्यूडी की जांच में भी आई थी खामी


विगत चार मई 2024 को कार्यदायी संस्था के भवन निर्माण कार्य पूरा होने के दावे के बाद डीएम नेहा शर्मा के आदेश पर पीडब्ल्यूडी के माध्यम से संबंधित विद्यालयों में फिनीशिंग कार्य पूरा न होने का तथ्य सामने आया था। ऐसे में बीएसए स्तर से जल्द कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य पूरा करने के आदेश दिए गए थे। बावजूद इसके कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण कार्य को गंभीरता से नहीं लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कार्यदायी संस्था का डीएम ने रोका भुगतान

बीईओ व डीसी निर्माण की जांच रिपोर्ट में खामियां मिलने के बाद कार्यदायी संस्था का पांच प्रतिशत भुगतान रोक दिया गया। वहीं जल्द ही खामियां दूर करने के लिए आदेश दिए गए हैं। अगर भविष्य में इस तरह की शिकायत दोबारा आने पर संबंधित के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -नेहा शर्मा, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article