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Gonda News: कागजों में ही गुम हो गई एड्स रोगियों के बच्चों का भविष्य संवारने की योजना

Sat, 30 Nov 2024 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 30 Nov 2024 11:08 PM IST
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The plan to improve the future of children of AIDS patients got lost in the papers
गोंडा। आर्थिक रूप से कमजोर एचआईवी पीड़ित मरीजों के बच्चों को अच्छी शिक्षा व पोषण मिल सके, इसके लिए बड़े आयोजन के साथ स्पॉन्सरशिप योजना की शुरुआत की गई थी। डीएम व सीएमओ की अगुवाई में मेगा शिविर लगाकर बच्चों का पंजीकरण किया गया था। अधिकारियों ने दावा किया था कि पंजीकरण कराने वाले मरीजों के खाते में हर महीने चार हजार रुपये सहायता राशि भेजी जाएगी, लेकिन पूरा साल बीतने पर भी किसी को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। मरीजों का कहना है कि योजना शायद कागजों में ही गुम हो गई है।
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जिले में करीब 1700 लोग एचआईवी संक्रमित हैं और नियमित दवा ले रहे हैं। इनके बच्चों का भविष्य संवारने के लिए विगत 18 जनवरी को मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में मेगा शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 72,000 रुपये (ग्रामीण) व 96,000 रुपये (शहरी) वार्षिक तक आय वाले रोगियों के बच्चों को 18 साल की उम्र तक प्रतिमाह चार हजार रुपये दिए जाने का दावा करते हुए स्पॉन्सरशिप योजना के तहत पंजीकरण कराया गया। जिलाधिकारी नेहा शर्मा व सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा सहित जिले के आला अधिकारियों की उपस्थिति में 138 मरीजों का पंजीकरण कराकर प्रमाणपत्र दिया गया था। मगर करीब सालभर बीतने के बाद भी इन मरीजों के खाते में फूटी कौड़ी तक नहीं पहुंची।
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बेलसर क्षेत्र के निवासी एक एचआईवी पीड़ित ने बताया कि पंजीकरण कराया था, लेकिन योजना का लाभ अभी तक नहीं मिला। इसी प्रकार इटियाथोक क्षेत्र के एक मरीज ने भी योजना का लाभ नहीं मिलने की बात कही।
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एआईटी सेंटर के कर्मचारी मोनू सिंह ने बताया कि योजना की शुरूआत की गई थी। आगामी दिसंबर महीने में बजट आने की संभावना है। योजना के लाभार्थियों के पंजीकरण में आय प्रमाणपत्र सहित कई कागजों व पीड़ित व बच्चे का ज्वाइंट खाते की कमी थी। जिसे पूरा कराया जा रहा है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि शासन स्तर से योजना की शुरुआत की गई थी। वर्तमान समय में आवेदन की स्थिति की जानकारी लेकर शासन को पत्र लिखा जाएगा। जल्द ही पीड़ितों को योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
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