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Gonda News: भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड को हाईकोर्ट से मिली जमानत

Sat, 08 Jul 2023 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 08 Jul 2023 11:04 PM IST
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The mastermind of the land scam got bail from the High Court.
गोंडा। कूटरचित बैनामा दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के सात साल पुराने मामले में आरोपी अधिवक्ता बृजेश कुमार अवस्थी की जमानत याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने स्वीकार कर ली है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने याची को जमानत देते हुए व्यक्तिगत मुचलका और दो प्रतिभूति पर रिहा करने का आदेश दिया है।
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याची के अधिवक्ता एजेड सिद्दीकी ने कोर्ट में बहस के दौरान कहा कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस ने साल 2017 व 2018 में दूसरी बार अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। मगर देवीपाटन रेंज के तत्कालीन डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुनर्विवेचना का आदेश दे दिया। जबकि पीतांबरम बनाम केरल राज्य के मामले में उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद संबंधित न्यायालय अथवा उससे उच्च न्यायालय ही पुनर्विवेचना का आदेश दे सकता है। न्यायालय ने आरोपी को अदालती कार्यवाही में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
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आरोपी बृजेश कुमार अवस्थी के खिलाफ वादिनी सुंदरपती ने 22 मार्च 2016 को कोतवाली नगर में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि वह ग्राम पंचायत पथवलिया स्थित अपनी भूमि पर विगत 24 वर्षों से काबिज है। तीन जुलाई 2015 को वह तहसील में खतौनी लेने गई तो पता चला कि उसके स्थान पर राजकुमारी पत्नी अशोक कुमार निवासी जाजमऊ, कानपुर व हाल पता सिविल लाइंस, गोंडा का नाम दर्ज हो गया है। 15 जुलाई 1969 में हुए किसी कथित बैनामे के आधार पर यह नामांतरण हुआ है। जब उसने रजिस्ट्री ऑफिस में मुआयना कराया तो वह बैनामा वहां दर्ज नहीं पाया गया। बाद में पता चला कि कोतवाली देहात क्षेत्र के निवासी बृजेश कुमार अवस्थी ने उसकी जमीन हड़पने की नीयत से धोखाधड़ी व जालसाजी की है। नवंबर 2022 में पुलिस ने आरोपी बृजेश को गिरफ्तार कर लिया था। सत्र न्यायालय ने आरोपी का जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया तो हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सत्र न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।
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