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Gonda News: धमाकों से थराई जमीन, हिल रहे थे पक्के मकान
Sat, 20 Jan 2024 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 20 Jan 2024 12:36 AM IST
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भंभुआ/करनैलगंज/गोंडा। लखनऊ से एलपीजी सिलिंडर लादकर आ रहे ट्रक में छतौनी भुलियापुर के पास शाॅर्ट-सर्किट से लगी आग के बाद हुए धमाकों से आसपास के इलाकों की जमीन थर्रा गई।
पक्के मकान हिल रहे थे। यहां नजारा देखकर लोगों की रूह कांप रही थी। तीस मिनट तक हुए धमाकों के बाद जब टीम ने लपटों पर काबू पाया तब लोगों ने राहत की सांस ली।
छितौनी गांव निवासी अमन भाष्कर, भुलियापुर निवासी दिनेश कुमार और सर्वजीत कुमार ने बताया कि धमाके की तेज आवाज सुनकर घर से बाहर निकले।
सिलिंडरों में एक के बाद एक हो रहे धमाकों से करीब एक किलोमीटर तक की जमीन थर्रा गई। पक्के मकान हिल रहे थे। सिलिंडरों के टुकड़े तकरीबन 200 मीटर की ऊंचाई तक हवा में लहराकर सड़क किनारे व खेतों में गिरे थे। जिस जगह धमाका हुआ वहां से 500 मीटर की दूरी पर स्थित कोनहटा गांव निवासी हाजी बड़कऊ के टायलेट में एक काॅमर्शियल सिलिंडर फटने के बाद जा गिरा। गनीमत रही कि उस समय उनके परिवार का कोई भी सदस्य टाॅयलेट में नहीं था।
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नहीं बुझा सका आग तो रिहाइशी इलाके से ट्रक लेकर भागा
ट्रक चालक पंकज पाल ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे ट्रक लेकर लखनऊ से गोंडा के सूर्या गैस एजेंसी के लिए चला था। रास्ते में जरवल रोड के पास रिहाइशी इलाके में ट्रक के इंजन से धुआं उठने लगा। यह देखकर वह अग्निशमन यंत्र निकालने लगा। इसी बीच लपटें तेज हो गईं। उसने अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें बढ़ने लगीं। इस पर वह गोंडा की ओर ट्रक लेकर भागा और छितौनी गांव के पास जैसे ही ट्रक खड़ा किया। विस्फोट होने पर यूपी 112 को सूचना दी।
ट्रक में थे 342 डोमेस्टिक, 12 काॅमर्शियल व दस छोटे सिलिंडर
लखनऊ के गुडंबा स्थित भारत पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट के प्रभारी प्रियंक शेट्टी ने बताया कि शुक्रवार सुबह चालक पंकज पाल ट्रक में 342 डोमेस्टिक, 12 काॅमार्शियल व पांच किलो के दस सिलिंडर लोड करने के बाद गोंडा के लिए चला था।
तीन घंटे तक बदला गया वाहनों का रूट
गोंडा-लखनऊ मार्ग पर छितौनी भुलियापुर के पास हुए हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लगे जाम को देखते हुए पुलिस को तीन घंटे तक वाहनों का रूट बदलना पड़ा। सुबह 9 बजे आग लगने की सूचना पर गोंडा से लखनऊ जाने वाले वाहनों को करनैलगंज वाया हुजूरपुर होकर जरवल के रास्ते पास किया गया। लखनऊ से गोंडा आने वाले वाहनों को जरवल से बहराइच के रास्ते गोंडा के लिए डायवर्ट किया गया। यह डायवर्जन तीन घंटे बाद जाम खुलने पर अपराह्न 12 बजे समाप्त हुआ। इसके बाद गोंडा-लखनऊ मार्ग पर आवागमन बहाल कर दिया गया।
बहराइच व बाराबंकी से बुलाना पड़ा दमकल--
आग को बुझाने के लिए गोंडा में मौजूद तीन दमकल वाहनों से काम नहीं चला तो बहराइच के जरवल रोड और कैसरगंज से एक-एक व बाराबंकी से एक दमकल वाहन को बुलाना पड़ा। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे में लपटों पर काबू पाया जा सका।
लोहा लूटने की ग्रामीणाें में रही होड़
हादसा स्थल से तकरीबन 500 मीटर दूरी तक सिलिंडर के टुकड़े बिखरे पड़े थे। आग बुझने के बाद आसपास के ग्रामीणों में लोहा लूटने की होड़ रही। पुलिसकर्मी ग्रामीणों को भगाने में लगे थे। पुलिस के दौड़ाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने।
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पक्के मकान हिल रहे थे। यहां नजारा देखकर लोगों की रूह कांप रही थी। तीस मिनट तक हुए धमाकों के बाद जब टीम ने लपटों पर काबू पाया तब लोगों ने राहत की सांस ली।
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छितौनी गांव निवासी अमन भाष्कर, भुलियापुर निवासी दिनेश कुमार और सर्वजीत कुमार ने बताया कि धमाके की तेज आवाज सुनकर घर से बाहर निकले।
सिलिंडरों में एक के बाद एक हो रहे धमाकों से करीब एक किलोमीटर तक की जमीन थर्रा गई। पक्के मकान हिल रहे थे। सिलिंडरों के टुकड़े तकरीबन 200 मीटर की ऊंचाई तक हवा में लहराकर सड़क किनारे व खेतों में गिरे थे। जिस जगह धमाका हुआ वहां से 500 मीटर की दूरी पर स्थित कोनहटा गांव निवासी हाजी बड़कऊ के टायलेट में एक काॅमर्शियल सिलिंडर फटने के बाद जा गिरा। गनीमत रही कि उस समय उनके परिवार का कोई भी सदस्य टाॅयलेट में नहीं था।
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नहीं बुझा सका आग तो रिहाइशी इलाके से ट्रक लेकर भागा
ट्रक चालक पंकज पाल ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे ट्रक लेकर लखनऊ से गोंडा के सूर्या गैस एजेंसी के लिए चला था। रास्ते में जरवल रोड के पास रिहाइशी इलाके में ट्रक के इंजन से धुआं उठने लगा। यह देखकर वह अग्निशमन यंत्र निकालने लगा। इसी बीच लपटें तेज हो गईं। उसने अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें बढ़ने लगीं। इस पर वह गोंडा की ओर ट्रक लेकर भागा और छितौनी गांव के पास जैसे ही ट्रक खड़ा किया। विस्फोट होने पर यूपी 112 को सूचना दी।
ट्रक में थे 342 डोमेस्टिक, 12 काॅमर्शियल व दस छोटे सिलिंडर
लखनऊ के गुडंबा स्थित भारत पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट के प्रभारी प्रियंक शेट्टी ने बताया कि शुक्रवार सुबह चालक पंकज पाल ट्रक में 342 डोमेस्टिक, 12 काॅमार्शियल व पांच किलो के दस सिलिंडर लोड करने के बाद गोंडा के लिए चला था।
तीन घंटे तक बदला गया वाहनों का रूट
गोंडा-लखनऊ मार्ग पर छितौनी भुलियापुर के पास हुए हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लगे जाम को देखते हुए पुलिस को तीन घंटे तक वाहनों का रूट बदलना पड़ा। सुबह 9 बजे आग लगने की सूचना पर गोंडा से लखनऊ जाने वाले वाहनों को करनैलगंज वाया हुजूरपुर होकर जरवल के रास्ते पास किया गया। लखनऊ से गोंडा आने वाले वाहनों को जरवल से बहराइच के रास्ते गोंडा के लिए डायवर्ट किया गया। यह डायवर्जन तीन घंटे बाद जाम खुलने पर अपराह्न 12 बजे समाप्त हुआ। इसके बाद गोंडा-लखनऊ मार्ग पर आवागमन बहाल कर दिया गया।
बहराइच व बाराबंकी से बुलाना पड़ा दमकल
आग को बुझाने के लिए गोंडा में मौजूद तीन दमकल वाहनों से काम नहीं चला तो बहराइच के जरवल रोड और कैसरगंज से एक-एक व बाराबंकी से एक दमकल वाहन को बुलाना पड़ा। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे में लपटों पर काबू पाया जा सका।
लोहा लूटने की ग्रामीणाें में रही होड़
हादसा स्थल से तकरीबन 500 मीटर दूरी तक सिलिंडर के टुकड़े बिखरे पड़े थे। आग बुझने के बाद आसपास के ग्रामीणों में लोहा लूटने की होड़ रही। पुलिसकर्मी ग्रामीणों को भगाने में लगे थे। पुलिस के दौड़ाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने।