{"_id":"67eeca210b42acae7e063690","slug":"the-center-in-charge-should-call-every-farmer-who-sells-paddy-gonda-news-c-100-1-gon1001-135165-2025-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: धान बेचने वाले हर किसान को कॉल करें केंद्र प्रभारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: धान बेचने वाले हर किसान को कॉल करें केंद्र प्रभारी
Thu, 03 Apr 2025 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:19 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। खाद्य एवं रसद विभाग के विशेष सचिव अतुल कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को जिले विभिन्न क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर गेहूं खरीद की जानकारी ली। खरीद कम होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए धान बेचने वाले सभी किसानों को कॉल कर गेहूं बेचने की अपील करने का निर्देश दिया।
विशेष सचिव ने गोंडा मंडी स्थित क्रय केंद्र के साथ रुपईडीह के मंगलनगर, आर्यनगर, माधवपुर व करनैलगंज मंडी का निरीक्षण कर निर्देश दिया कि यहां किसानों के बैठने, पेयजल व शौचालय की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि अभी तक खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर 10.40 एमटी व पीसीयू के क्रय केंद्र पर 57.30 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी होने पर नाराजगी जताते हुए विशेष सचिव ने कहा कि सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया जाए कि वह एमएसपी पर धान बेचने वाले किसानों को कॉल कर क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए जागरूक किया जाए। यदि केंद्र पर किसान नहीं आ रहे तो गांव में जाकर मोबाइल क्रय केंद्र की शुरुआत की जाए।
विज्ञापन
विशेष सचिव ने गोंडा मंडी स्थित क्रय केंद्र के साथ रुपईडीह के मंगलनगर, आर्यनगर, माधवपुर व करनैलगंज मंडी का निरीक्षण कर निर्देश दिया कि यहां किसानों के बैठने, पेयजल व शौचालय की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि अभी तक खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर 10.40 एमटी व पीसीयू के क्रय केंद्र पर 57.30 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी होने पर नाराजगी जताते हुए विशेष सचिव ने कहा कि सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया जाए कि वह एमएसपी पर धान बेचने वाले किसानों को कॉल कर क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए जागरूक किया जाए। यदि केंद्र पर किसान नहीं आ रहे तो गांव में जाकर मोबाइल क्रय केंद्र की शुरुआत की जाए।
विज्ञापन