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Gonda News: हादसे में क्लेम के लिए बयान में बदल दी बाइक
Wed, 07 May 2025 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 07 May 2025 11:40 PM IST
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गोंडा। नवाबगंज के लौव्वावीरपुर के पूरे जोगराय निवासी भरतलाल यादव की वर्ष 2019 में हुई सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। विशेष जांच दल के उपनिरीक्षक ने मृतक की पत्नी, बेटे समेत गवाहों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि बीमा क्लेम के लिए एफआईआर के बाद बयान में बाइक का नंबर बदल कर बीमा कंपनी पर 43.65 लाख रुपये का क्लेम किया गया।
विशेष जांच दल लखनऊ मुख्यालय में तैनात उपनिरीक्षक मुकुल भारती ने बताया कि 20 जून 2019 को भरत लाल के बेटे अनिल कुमार ने मौत मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस दौरान पुलिस को बताया कि (यूपी 43 वाई 5246) बाइक चालक ने पीछे से टक्कर मार दी। इससे उनकी मौत हो गई। जबकि बयान में (यूपी 43 एएम 0096) बाइक से टक्कर की बात कही गई।
संदेह के आधार पर इंश्योरेंस कंपनी की ओर से एसआईटी से जांच का अनुरोध किया गया। एसआईटी ने मामले में परिवहन विभाग से जांच कराई तो पता चला कि बाइक का इंश्योरेंस न होने से क्लेम के लिए बीमित बाइक का नंबर बयान में दिया गया। इसके बाद हाईकोर्ट में करीब 43.65 लाख रुपये बीमा क्लेम का दावा किया गया। कोर्ट ने क्लेम देने के लिए आदेश दिया। मगर, एसआईटी जांच में खुलासा के बाद उपनिरीक्षक मुकुल भारती ने नगर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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इंस्पेक्टर विवेक त्रिवेदी ने बताया कि इस मामले में तहरीर के आधार पर श्यामपति, बेटे अनिल कुमार, वाहन चालक विमल कुमार, वाहन स्वामी धर्मपाल रावत, चश्मदीद पवन कुमार और तिलकराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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विशेष जांच दल लखनऊ मुख्यालय में तैनात उपनिरीक्षक मुकुल भारती ने बताया कि 20 जून 2019 को भरत लाल के बेटे अनिल कुमार ने मौत मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस दौरान पुलिस को बताया कि (यूपी 43 वाई 5246) बाइक चालक ने पीछे से टक्कर मार दी। इससे उनकी मौत हो गई। जबकि बयान में (यूपी 43 एएम 0096) बाइक से टक्कर की बात कही गई।
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संदेह के आधार पर इंश्योरेंस कंपनी की ओर से एसआईटी से जांच का अनुरोध किया गया। एसआईटी ने मामले में परिवहन विभाग से जांच कराई तो पता चला कि बाइक का इंश्योरेंस न होने से क्लेम के लिए बीमित बाइक का नंबर बयान में दिया गया। इसके बाद हाईकोर्ट में करीब 43.65 लाख रुपये बीमा क्लेम का दावा किया गया। कोर्ट ने क्लेम देने के लिए आदेश दिया। मगर, एसआईटी जांच में खुलासा के बाद उपनिरीक्षक मुकुल भारती ने नगर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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इंस्पेक्टर विवेक त्रिवेदी ने बताया कि इस मामले में तहरीर के आधार पर श्यामपति, बेटे अनिल कुमार, वाहन चालक विमल कुमार, वाहन स्वामी धर्मपाल रावत, चश्मदीद पवन कुमार और तिलकराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।