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Gonda News: बाढ़ से पहले तैयारियों को परखा
Thu, 11 Jun 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:48 PM IST
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करनैलगंज के नकहरा में बाढ़ के पूर्वाभ्यास की जानकारी लेतीं एसडीएम नेहा मिश्रा व गोड़ियनपुरवा घा
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गोंडा। तरबगंज के बाढ़ प्रभावित ऐली परसौली स्थित गोडियन पुरवा घाट पर बृहस्पतिवार को बाढ़ पूर्व तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने इस मौके पर स्वयं मौजूद रहकर प्रशासन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस व अन्य विभागों की तैयारियों के साथ मॉक ड्रिल को परखा। इस दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया।
इसमें नदी किनारे गए एक ग्रामीण के डूबने से बचाने का प्रदर्शन दिखाते हुए एसडीआरएफ की टीम ने पानी में डूब रहे व्यक्ति को बचाकर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद प्राथमिक उपचार देकर उसे एंबुलेंस के जरिये अस्पताल भेजने की प्रक्रिया को दर्शाया। इस दौरान जिलाधिकारी ने नावों, जीवन रक्षक उपकरणों, मेडिकल टीम, पशु चिकित्सा दल, राशन वितरण, पशु चारा और दवा छिड़काव आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध रखें और राहत शिविरों की तैयारी पूर्ण कर लें। उन्होंने बाढ़ प्रभावित संभावित गांवों की सूची, राहत सामग्री व नावों की उपलब्धता और संपर्क मार्गों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर प्रत्येक बाढ़ चौकी पर 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश भी दिया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए। आपदा के समय सतर्कता और समय पर सूचना ही जनहानि रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल, एडीएम आलोक कुमार, एसडीएम प्रदीप कुमार, नायब तहसीलदार जयशंकर सिंह, एक्सईएन जय सिंह, आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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इसमें नदी किनारे गए एक ग्रामीण के डूबने से बचाने का प्रदर्शन दिखाते हुए एसडीआरएफ की टीम ने पानी में डूब रहे व्यक्ति को बचाकर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद प्राथमिक उपचार देकर उसे एंबुलेंस के जरिये अस्पताल भेजने की प्रक्रिया को दर्शाया। इस दौरान जिलाधिकारी ने नावों, जीवन रक्षक उपकरणों, मेडिकल टीम, पशु चिकित्सा दल, राशन वितरण, पशु चारा और दवा छिड़काव आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध रखें और राहत शिविरों की तैयारी पूर्ण कर लें। उन्होंने बाढ़ प्रभावित संभावित गांवों की सूची, राहत सामग्री व नावों की उपलब्धता और संपर्क मार्गों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर प्रत्येक बाढ़ चौकी पर 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश भी दिया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए। आपदा के समय सतर्कता और समय पर सूचना ही जनहानि रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल, एडीएम आलोक कुमार, एसडीएम प्रदीप कुमार, नायब तहसीलदार जयशंकर सिंह, एक्सईएन जय सिंह, आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

करनैलगंज के नकहरा में बाढ़ के पूर्वाभ्यास की जानकारी लेतीं एसडीएम नेहा मिश्रा व गोड़ियनपुरवा घा