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लखनऊ में शादी से लौटे व्यापारी के परिवार के दस लोग पाॅजिटिव
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करनैलगंज (गोंडा)। लखनऊ में आयोजित एक शादी समारोह से करनैलगंज नगर में पहुंचा कोरोना अब नगर वासियों के लिए मुसीबत बन चुका है। शादी में शामिल होने वाले नगर के एक बड़े व्यापारी की मौत भी हो चुकी है और उसके परिवार के 10 सदस्य पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा व्यापारी के संपर्क में आने वाले करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों को चिन्हित किया गया है। जिनकी सैंपलिंग कराने का कार्य भी तेजी से हो रहा है।
मगर करनैलगंज में कोरोना लाने वाले एक बड़े व्यापारी के परिवार एवं उनके संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मृतक हो चुके बड़े व्यापारी के भाई की बेटी की शादी 25 जून को लखनऊ में थी। करनैलगंज से तमाम लोग शादी समारोह में शामिल हुई हुए थे। दिन में कार्यक्रम का आयोजन हुआ और सभी लोग रात के समय अपने घर आ गए। एक सप्ताह बाद शादी में शामिल हुए लोगों में कुछ लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई देने लगे। उसके बावजूद भी लोगों ने करनैलगंज में किसी को भनक तक नहीं लगने दी और अपना इलाज इधर-उधर कराते रहे।
सात जुलाई को व्यापारी की तबियत अचानक बिगड़ने के बाद उसके परिजन लखनऊ के हॉस्पिटल में ले गए। जहां कोरोना की जांच हुई तो पिता-पुत्र दोनों पॉजिटिव पाए गए और 9 जुलाई की भोर पॉजिटिव पाए गए पिता-पुत्र में पिता की मौत हो गई। उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग ने उनके पूरे परिवार एवं उनके घर में एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान पर काम करने वाले लोगों तथा संपर्क में आए हुए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू की। जिसमें करीब डेढ़ सौ से अधिक लोग चिन्हित किए गए।
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यही नहीं व्यापारी की मौत होने के बाद 9 तारीख की सुबह एक जांच रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल की गई। जिसमें व्यापारी की मौत कोरोना से न होने की बात दर्शाते हुए जांच रिपोर्ट को ही वायरल कर दिया गया। जिसमे व्यापारी को निगेटिव दिखाया गया। उसके बाद व्यापारी के अंतिम संस्कार में भी भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। जिन लोगों ने अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया वह भी अब चिन्हित किए गए हैं। जिससे पॉजिटिव पाए गए परिवार के संपर्क में आए हुए लोगों की संख्या ढाई सौ के पार हो गई है। और यह परिवार करनैलगंज नगर में कोरोना को फैलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर दोषी माना जा रहा है। एसडीएम ज्ञान चंद गुप्ता कहते हैं कि व्यापारी के परिवार द्वारा तथ्यों को छुपाया गया और नियमों का उल्लंघन करते हुए शादी समारोह का आयोजन एवं अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोगों को ले जाने की गलती की गई है। अब उसका खामियाजा नगर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है जिस पर कार्रवाई के लिए विचार किया जा रहा है।
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मगर करनैलगंज में कोरोना लाने वाले एक बड़े व्यापारी के परिवार एवं उनके संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मृतक हो चुके बड़े व्यापारी के भाई की बेटी की शादी 25 जून को लखनऊ में थी। करनैलगंज से तमाम लोग शादी समारोह में शामिल हुई हुए थे। दिन में कार्यक्रम का आयोजन हुआ और सभी लोग रात के समय अपने घर आ गए। एक सप्ताह बाद शादी में शामिल हुए लोगों में कुछ लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई देने लगे। उसके बावजूद भी लोगों ने करनैलगंज में किसी को भनक तक नहीं लगने दी और अपना इलाज इधर-उधर कराते रहे।
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सात जुलाई को व्यापारी की तबियत अचानक बिगड़ने के बाद उसके परिजन लखनऊ के हॉस्पिटल में ले गए। जहां कोरोना की जांच हुई तो पिता-पुत्र दोनों पॉजिटिव पाए गए और 9 जुलाई की भोर पॉजिटिव पाए गए पिता-पुत्र में पिता की मौत हो गई। उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग ने उनके पूरे परिवार एवं उनके घर में एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान पर काम करने वाले लोगों तथा संपर्क में आए हुए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू की। जिसमें करीब डेढ़ सौ से अधिक लोग चिन्हित किए गए।
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यही नहीं व्यापारी की मौत होने के बाद 9 तारीख की सुबह एक जांच रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल की गई। जिसमें व्यापारी की मौत कोरोना से न होने की बात दर्शाते हुए जांच रिपोर्ट को ही वायरल कर दिया गया। जिसमे व्यापारी को निगेटिव दिखाया गया। उसके बाद व्यापारी के अंतिम संस्कार में भी भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। जिन लोगों ने अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया वह भी अब चिन्हित किए गए हैं। जिससे पॉजिटिव पाए गए परिवार के संपर्क में आए हुए लोगों की संख्या ढाई सौ के पार हो गई है। और यह परिवार करनैलगंज नगर में कोरोना को फैलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर दोषी माना जा रहा है। एसडीएम ज्ञान चंद गुप्ता कहते हैं कि व्यापारी के परिवार द्वारा तथ्यों को छुपाया गया और नियमों का उल्लंघन करते हुए शादी समारोह का आयोजन एवं अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोगों को ले जाने की गलती की गई है। अब उसका खामियाजा नगर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है जिस पर कार्रवाई के लिए विचार किया जा रहा है।