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स्कूल लीडरशिप के लिए तैयार किए जाएंगे शिक्षक
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गोंडा। जिले के 7600 शिक्षकों को स्कूल लीडरशिप के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए 100 शिक्षकों का प्रशिक्षण प्रयागराज सीमैट में हुआ है। प्रशिक्षण करके आए मास्टर ट्रेनर अब ब्लॉकों में पांच-पांच दिनों की कार्यशाला लगाएंगे। बैचवार शिक्षकों को माह मार्च तक प्रशिक्षित कर स्कूल लीडरशिप के लिए तैयार किया जाएगा। इससे स्कूली शिक्षा में अमूलचूल परिवर्तन आने की उम्मीद है।
जिले के तीन हजार स्कूलों में तीन लाख 36 हजार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कई नई पहल हो रही है। निष्ठा मुहिम में शिक्षकों को स्कूल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाना है। इस बार कक्षा को बेहतर ढंग से संचालित करने के तरीकों को बताने के साथ ही अब स्कूली शिक्षा को सुगम बनाने के तरीके बताए जाएंगे।
शैक्षिक विकास में गुणात्मक सुधार के लिए कई नई पहल को कैसे सुव्यस्थित ढंग से बताए जाए, इसके लिए 7600 से अधिक शिक्षकों को चरण वार प्रशिक्षित किया जाना है। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए अब 100 मास्टर ट्रेनरों को प्रयागराज में प्रशिक्षित किया गया है।
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शिक्षकों के साथ ही जिले के चार हजार के करीब शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी प्रशिक्षित किया जाना है। इसके लिए बीआरसी स्तर पर प्रशिक्षण को हाईटेक ढंग से कराने के लिए बजट भी मिलेगा। प्रशिक्षण हाल को सुव्यस्थित कराने के साथ ही प्रोजेक्टर आदि के निर्देश दिए गए हैं।
जिले के तीन हजार स्कूलों में 14 फरवरी को बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता की परीक्षा का आयोजन फिर होगा। परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। लर्निंग आटट कम के तहत होने वाली परीक्षा में करीब दो लाख बच्चों को शामिल किया जा रहा है। इस परीक्षा में कक्षा 1 व 2 के बच्चों को छोड़कर 3, 4, 5, 6, 7, 8 कक्षा के बच्चों की परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा में बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन होगा और फिर आगे उन्हें तैयार किया जाएगा।
बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि शिक्षकों के प्रशिक्षण की तैयारी पूरी की जा रही है। हर बीआरसी पर निष्ठा के तहत प्रशिक्षण होंगे। शिक्षकों को तैयारी के लिए बुकलेट भी मिलेगी। जिसका वितरण हो रहा है।
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जिले के तीन हजार स्कूलों में तीन लाख 36 हजार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कई नई पहल हो रही है। निष्ठा मुहिम में शिक्षकों को स्कूल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाना है। इस बार कक्षा को बेहतर ढंग से संचालित करने के तरीकों को बताने के साथ ही अब स्कूली शिक्षा को सुगम बनाने के तरीके बताए जाएंगे।
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शैक्षिक विकास में गुणात्मक सुधार के लिए कई नई पहल को कैसे सुव्यस्थित ढंग से बताए जाए, इसके लिए 7600 से अधिक शिक्षकों को चरण वार प्रशिक्षित किया जाना है। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए अब 100 मास्टर ट्रेनरों को प्रयागराज में प्रशिक्षित किया गया है।
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शिक्षकों के साथ ही जिले के चार हजार के करीब शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी प्रशिक्षित किया जाना है। इसके लिए बीआरसी स्तर पर प्रशिक्षण को हाईटेक ढंग से कराने के लिए बजट भी मिलेगा। प्रशिक्षण हाल को सुव्यस्थित कराने के साथ ही प्रोजेक्टर आदि के निर्देश दिए गए हैं।
जिले के तीन हजार स्कूलों में 14 फरवरी को बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता की परीक्षा का आयोजन फिर होगा। परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। लर्निंग आटट कम के तहत होने वाली परीक्षा में करीब दो लाख बच्चों को शामिल किया जा रहा है। इस परीक्षा में कक्षा 1 व 2 के बच्चों को छोड़कर 3, 4, 5, 6, 7, 8 कक्षा के बच्चों की परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा में बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन होगा और फिर आगे उन्हें तैयार किया जाएगा।
बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि शिक्षकों के प्रशिक्षण की तैयारी पूरी की जा रही है। हर बीआरसी पर निष्ठा के तहत प्रशिक्षण होंगे। शिक्षकों को तैयारी के लिए बुकलेट भी मिलेगी। जिसका वितरण हो रहा है।