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शिक्षकों ने जताया विरोध
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:41 PM IST
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प्रदर्शन करते शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
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पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली की मांग को लेकर शिक्षक पूरी तरह लामबंद हो गए हैं। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षकों ने तुलसी पार्क से वीर विनय चौराहे तक कैंडिल मार्च निकालकर विरोध जताया। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन नीति को बहाल किए जाने की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
मार्च का नेतृत्व विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोेेेसिएशन के प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिलीप चौहान, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार शुक्ल व जिला महामंत्री सत्येंद्र सिंह ने किया।
र विनय चौराहे पर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार ने एक जनवरी 2004 में पुरानी पेंशन नीति समाप्त करके शिक्षकों के बुढ़ापे की लाठी छीन ली। अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों के पेंशन पर तो रोक लगाई गई लेकिन सांसदों व विधायकों को आज भी पेंशन दिया जा रहा है।
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सरकार का यह दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक नेताओं ने पुरानी पेंशन नीति को बहाल किए जाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि हमारी मांगों पर शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो इसका खामियाजा आगामी विधान सभा चुनाव में प्रदेश सरकार को भुगतना पड़ेगा।
इस अवसर पर राहुल, अजय प्रसाद, चंद्रेश, आफरीन, संगीता, प्रीति, संतोष आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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मार्च का नेतृत्व विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोेेेसिएशन के प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिलीप चौहान, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार शुक्ल व जिला महामंत्री सत्येंद्र सिंह ने किया।
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र विनय चौराहे पर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार ने एक जनवरी 2004 में पुरानी पेंशन नीति समाप्त करके शिक्षकों के बुढ़ापे की लाठी छीन ली। अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों के पेंशन पर तो रोक लगाई गई लेकिन सांसदों व विधायकों को आज भी पेंशन दिया जा रहा है।
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सरकार का यह दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक नेताओं ने पुरानी पेंशन नीति को बहाल किए जाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि हमारी मांगों पर शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो इसका खामियाजा आगामी विधान सभा चुनाव में प्रदेश सरकार को भुगतना पड़ेगा।
इस अवसर पर राहुल, अजय प्रसाद, चंद्रेश, आफरीन, संगीता, प्रीति, संतोष आदि शिक्षक मौजूद रहे।