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शिक्षक की कमी से टूट रहे संस्कृत स्कूलों में शिक्षकों की होगी तैनाती
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गोंडा। जिले के संस्कृत स्कूलों में कई सालों से बंद शिक्षकों की भर्ती जल्दी खुलेगी। इससे अपना अस्तित्व खोते जा रहे संस्कृत स्कूलों को बचाना संभव हो सकेगा। इसके लिए शासन ने संस्कृत स्कूलों में संविदा आधारित शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश दिया है। स्कूलों की ओर से संविदा शिक्षकों की भर्ती को लेकर कार्रवाई भी शुरू हो गई है। यह तैनाती फिलहाल दो साल के लिए होगी और इसके एवज में उन्हें 12 से 15 हजार तक का मानदेय मिलेगा। जिले के 12 संस्कृत स्कूलों में 22 पदों पर नियुक्तियां होंगी। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि संस्कृत स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने संविदा पर नियुक्ति करने का आदेश दिया है।
संस्कृत शिक्षकों का चयन मेरिट व साक्षात्कार के आधार पर होगा। इसके लिए 120 अंकों की मेरिट बनाई जाएगी और 80 अंक साक्षात्कार के होंगे। यह नियुक्तियां संविदा के आधार पर फिलहाल दो साल के लिए होंगी। पूर्व मध्यमा में स्नातक व उत्तर मध्यमा में स्नातकोत्तर में तृतीय श्रेणी वाले इन पदों के आवेदन के लिए पात्र नहीं होंगे। अतिरिक्त शैक्षिक योग्यता के लिए अलग से अंक दिए जाएंगे। पूर्व मध्यमा स्तर पर स्नातकोत्तर के लिए प्रथम व द्वितीय श्रेणी में 10 व 5 अंक और पीएचडी के लिए 10 अंक अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। इसी तरह उत्तर माध्यमा में अनिवार्य आर्हता स्नातकोत्तर है तो पीएचडी के लिए अलग से 20 अंक दिए जाएंगे। यह पद 2021-22 व 2022-23 तक या फिर नियमित शिक्षकों के आने पर स्वत: खत्म हो जाएंगे। इन शिक्षकों को अधिकतम 10 दिन का आकस्मिक अवकाश देय होगा।
डीएम की निगरानी में होंगी नियुक्तियां
मानदेय पर शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने के लिए जिले स्तर पर संबंधित संस्कृत अशासकीय माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक की अध्यक्षता में चयन समिति का गठन किया गया है। इसमें संबंधित जिले के जिलाधिकारी की निगरानी में चयन की कार्रवाई होगी। हर स्कूल में चयन के लिए जिलाधिकारी एक अधिकारी को नामित करेंगे। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक, मंडल के उप निरीक्षक संस्कृत पाठशालाएं तथा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से नामित दो विशेषज्ञ चयन कमेटी में शामिल होंगे। मानदेय पर नियुक्ति के लिए चयन समिति में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से नामित विशेषज्ञों द्वारा परंपरागत विषय के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार संस्कृत भाषा में ही लिया जाएगा।
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संस्कृत शिक्षकों का चयन मेरिट व साक्षात्कार के आधार पर होगा। इसके लिए 120 अंकों की मेरिट बनाई जाएगी और 80 अंक साक्षात्कार के होंगे। यह नियुक्तियां संविदा के आधार पर फिलहाल दो साल के लिए होंगी। पूर्व मध्यमा में स्नातक व उत्तर मध्यमा में स्नातकोत्तर में तृतीय श्रेणी वाले इन पदों के आवेदन के लिए पात्र नहीं होंगे। अतिरिक्त शैक्षिक योग्यता के लिए अलग से अंक दिए जाएंगे। पूर्व मध्यमा स्तर पर स्नातकोत्तर के लिए प्रथम व द्वितीय श्रेणी में 10 व 5 अंक और पीएचडी के लिए 10 अंक अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। इसी तरह उत्तर माध्यमा में अनिवार्य आर्हता स्नातकोत्तर है तो पीएचडी के लिए अलग से 20 अंक दिए जाएंगे। यह पद 2021-22 व 2022-23 तक या फिर नियमित शिक्षकों के आने पर स्वत: खत्म हो जाएंगे। इन शिक्षकों को अधिकतम 10 दिन का आकस्मिक अवकाश देय होगा।
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डीएम की निगरानी में होंगी नियुक्तियां
मानदेय पर शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने के लिए जिले स्तर पर संबंधित संस्कृत अशासकीय माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक की अध्यक्षता में चयन समिति का गठन किया गया है। इसमें संबंधित जिले के जिलाधिकारी की निगरानी में चयन की कार्रवाई होगी। हर स्कूल में चयन के लिए जिलाधिकारी एक अधिकारी को नामित करेंगे। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक, मंडल के उप निरीक्षक संस्कृत पाठशालाएं तथा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से नामित दो विशेषज्ञ चयन कमेटी में शामिल होंगे। मानदेय पर नियुक्ति के लिए चयन समिति में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से नामित विशेषज्ञों द्वारा परंपरागत विषय के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार संस्कृत भाषा में ही लिया जाएगा।
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