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कोविड की चपेट में आए लोगों को बढ़ा टीबी का खतरा

Sun, 20 Feb 2022 12:05 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 12:05 AM IST
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TB,CORONA
गोंडा। जिले में एक बार फिर टीबी की दर पता करने के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान (एसीएफ) शुरू होगा। सामान्य लोगों के साथ जो लोग कोरोना संक्रमण से उबर चुके हैं उनके सैंपल लिए जाएंगे। लंबे समय से खांसी व जुकाम के मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे, ताकि जिले भर में टीबी संक्रमण का पता लग सके। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के बाद लोगों में टीबी का खतरा बढ़ सकता है। आशंका के आधार पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से टीबी की जांच करने की अपील की है। जिन लोगों को कोरोना संक्रमण के बाद लंबे समय तक खांसी, जुकाम के लक्षण नजर आ रहे हैं, उन्हें टीबी की जांच करवाने को कहा जा रहा है।
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क्षय रोग के विभाग के डॉ. विवेक सरन का कहना है जिले में अभी तक संभावित 87 लोगों के खांसी साउंड के सैंपल लिए गए हैं। विभाग ने सतर्कता बरतते हुए इसकी जांच बढ़ाने की तैयारी कर ली है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण होने के बाद खांसी, बुखार व जुकाम लंबे समय तक बरकरार रहे और अगर लक्षण न भी नजर आएं तो भी टीबी की जांच अवश्य करवाएं ताकि समय रहते मरीज को इलाज मिल सके।
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कोरोना संक्रमण से फेफड़ा होता प्रभावित
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि कोरोना संक्रमण फेफड़ों को प्रभावित करता है और लंबे समय तक संक्रमण बने रहने व खांसी रहने से टीबी की आशंका बढ़ जाती है। एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा आंगनबाड़ी वर्कर और आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया जा रहा है। जिन्हें अपने इलाके में घर-घर जाकर लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करेंगे और लक्षणों वाले मरीजों के सैंपल लेने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
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87 मरीजों के खांसी की आवाज के सैंपल लिए
क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत जिले में 15 जनवरी से 3 फरवरी तक चले अभियान में 87 मरीजों के खांसी की आवाज रिकार्ड की गई। जिनसे टीबी की पहचान की जाएगी। संभावित मरीजों के खांसी की आवाज रिकार्ड करने के लिए मोबाइल एप लांच किया गया है, एप की सहायता से घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों व उनके संपर्क में आने वाले लोगों के सैंपल एकत्रित किए गए। कफ कलेक्शन एप में खांसी की आवाज व कुछ शब्दों के ज्यादा देर तक बोलने से टीबी की पहचान हो जाएगी। इस एप में रोगी या चिन्हित व्यक्ति की आवाज आठ बार अलग-अलग तरह से रिकार्ड की जा रही है।
टीबी के लक्षण
टीबी यानि ट्यूबर कोलॉसिस एक संक्रामक रोग है। टीबी का बैक्टीरिया सांस से फैलता है। यह छींकने या खांसने पर मुंह से निकले कणों से फैलता है। तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी होना, खांसी में खून आना, सीने में दर्द या सांस लेने व खांसने में दर्द होना, लगातार वजन कम होना, चक्कर आना रात में पसीना आना, ठंड लगना और भूख न लगना टीबी के लक्षण हैं।

टीबी की रोकथाम के लिए करें उपाय
- टीबी की रोकथाम के लिए बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाएं। लक्षण नजर आने पर अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें। टीबी के मरीज के संपर्क में आने से बचें। उनका बेड, तौलिया शेयर न करें और एक ही कमरे में न सोएं। मास्क का इस्तेमाल करें। यदि किसी को टीबी बीमारी पता चल गई हो तो वे सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचें।
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