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Gonda News: मेहनत से मिली कामयाबी, अब कहलाती हैं ट्रेनर दीदी

Fri, 21 Mar 2025 10:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Fri, 21 Mar 2025 10:48 PM IST
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Success came through hard work, now she is called Trainer Didi
गोंडा। मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। इस कहावत को पंडरीकृपाल के बकठोरवा की रेनू मिश्रा चरितार्थ कर रही हैं। मेहनत के बूते न सिर्फ उन्होंने कामयाबी हासिल की, बल्कि अब वे अन्य महिलाओं और बेटियों की जिंदगी संवारने में जुटी हैं। कई तरह के प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं।
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रेनू के अनुसार वह परास्नातक पास हैं। घर पर बैठकर मन ऊब रहा था। परिवार में चर्चा की और कुछ अलग करने की ठानी। वर्ष 2021 में उन्होंने कार्य करना शुरू किया। सरकार की स्वयं सहायता समूह योजना उनके लिए वरदान साबित हुई। महिलाओं का समूह गठित करके उन्होंने अगरबत्ती तैयार करना शुरू कर दिया। उनके समूह से 10 महिलाएं जुड़ी थीं। फिर कई अन्य महिलाएं भी आने लगीं, जो अगरबत्ती बनाने में जुटी रहती हैं। रेनू के अनुसार प्रतिदिन आठ से दस हजार रुपये की अगरबत्ती की बिक्री हो रही है। इससे उनके साथ समूह से जुड़ी महिलाओं की अच्छी कमाई हो रही है। अगरबत्ती की कीमत दस से लेकर 50 रुपये तक है।
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रेनू के अनुसार अगरबत्ती के साथ अब वह ट्रेनर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र खोल रखा है। सुभागपुर में कार्यालय है, जहां ब्यूटी पार्लर, सिलाई, कढ़ाई व कंप्यूटर का प्रशिक्षण महिलाओं व बेटियों को दिया जा रहा है। महिलाओं को ट्रेनिंग देने के लिए वह दूसरे जिलों में भी जाती हैं। ट्रेनिंग लेने वाली महिलाएं उन्हें ट्रेनर दीदी बुलाती हैं। रेनू कहती हैं कि स्वयं सहायता समूह की वजह से आज वह न सिर्फ खुद के लिए कमाई कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को ट्रेनिंग देकर वह स्वरोजगार से जोड़ रही हैं।
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600 महिलाओं को बना चुकीं आत्मनिर्भर
रेनू का कहना है कि उनके प्रशिक्षण केंद्र में अब तक 600 से अधिक महिलाओं को विभिन्न कोर्सों का प्रशिक्षण दिया गया है। कोई ब्यूटी पार्लर चला रहा है तो कोई सिलाई-कढ़ाई के माध्यम से आमदनी कर रहा है। यही नहीं, कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेकर भी युवतियां व महिलाएं विभिन्न स्थानों पर कार्य कर रही हैं।



महिलाओं की तरक्की के लिए बेहतर मंच है समूह
सीडीओ अंकिता जैन का कहना है कि जिले में समूह से जुड़कर काफी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। अरगा ब्रांड के तहत उनके उत्पाद दुकानों के साथ ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म पर बेचे जा रहे हैं। महिलाओं की तरक्की के लिए समूह बेहतर मंच है। इसमें खुद के साथ अन्य को भी जोड़ा जा सकता है।
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