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छात्राएं नहीं कर सकीं अंग्रेजी का अनुवाद
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2016 11:08 PM IST
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मानव संसाधन मंत्रालय की तरफ से आई टीम ने शनिवार को यहां राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज सहित तीन कॉलेजों में पढ़ाई की हकीकत देखी। छात्र-छात्राओं से रूबरू हुए टीम के सदस्य उस समय अवाक रह गए, जब हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं अंग्रेजी का सबसे सरल अनुवाद व हिंदी की बुनियादी जानकारियां नहीं दे सके। इस पर टीम के सदस्यों ने शिक्षिकाओं को फटकार भी लगाई।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पहुंची। प्रोफेसर वीके बाजपेई, डॉ. आरके जायसवाल, रोहित शुक्ला सहित टीम के अन्य सदस्यों ने यहां कक्षाओं में जाकर छात्राओं की पढ़ाई का स्तर परखा तो वह अवाक रह गए।
पता चला कि छात्राएं मैं जाती हूं, जैसे सरल वाक्य का अनुवाद अंग्रेजी में नहीं बताईं। यही नहीं हिंदी के कवियों व रचनाओं की जानकारी भी नहीं दे सके।
इसके अलावा विद्यालय में शौचालय, कक्ष सहित अन्य अव्यवस्थाओं का अभाव दिखा। प्रधानाचार्य नूतन खन्ना ने बताया कि 485 छात्राओं के लिए महज तीन शौचालय हैं तथा कक्ष भवनों व अध्यापकों की काफी कमी है, जिससे ठीक से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इसके बाद टीम ने राजकीय इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया।
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उधर, अजय कुमार दूबे की अगुवाई में एक टीम ने राजकीय हाईस्कूल गिलौली का जायजा लिया। जहां विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त मिला और सात शिक्षकों की जगह पर महज दो शिक्षिकाओं की तैनाती की कमी मिली।
निरीक्षण में प्रधानाचार्य कंचनबाला श्रीवास्तव ने विद्यालय के अभिलेखों के बारे में जानकारी दी। टीम ने इसके बाद राजकीय हाईस्कूल अचलनगर का जायजा लिया, वहां भी शिक्षकों की कमी व संसाधनों की कमी मिली।
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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पहुंची। प्रोफेसर वीके बाजपेई, डॉ. आरके जायसवाल, रोहित शुक्ला सहित टीम के अन्य सदस्यों ने यहां कक्षाओं में जाकर छात्राओं की पढ़ाई का स्तर परखा तो वह अवाक रह गए।
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पता चला कि छात्राएं मैं जाती हूं, जैसे सरल वाक्य का अनुवाद अंग्रेजी में नहीं बताईं। यही नहीं हिंदी के कवियों व रचनाओं की जानकारी भी नहीं दे सके।
इसके अलावा विद्यालय में शौचालय, कक्ष सहित अन्य अव्यवस्थाओं का अभाव दिखा। प्रधानाचार्य नूतन खन्ना ने बताया कि 485 छात्राओं के लिए महज तीन शौचालय हैं तथा कक्ष भवनों व अध्यापकों की काफी कमी है, जिससे ठीक से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इसके बाद टीम ने राजकीय इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया।
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उधर, अजय कुमार दूबे की अगुवाई में एक टीम ने राजकीय हाईस्कूल गिलौली का जायजा लिया। जहां विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त मिला और सात शिक्षकों की जगह पर महज दो शिक्षिकाओं की तैनाती की कमी मिली।
निरीक्षण में प्रधानाचार्य कंचनबाला श्रीवास्तव ने विद्यालय के अभिलेखों के बारे में जानकारी दी। टीम ने इसके बाद राजकीय हाईस्कूल अचलनगर का जायजा लिया, वहां भी शिक्षकों की कमी व संसाधनों की कमी मिली।