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स्टेशन मास्टर की डेंगू से मौत
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 01 Nov 2016 10:58 PM IST
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Dengue
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जिले में डेंगू से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 20 लोग डेंगू से जिले में अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन इन सबसे इतर स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला सिर्फ अपनी कमियों को छिपाते हुए इस बीमारी से इसलिए अपना पल्ला झाड़े बैठा है, क्योंकि यहां न तो डेंगू के इलाज की कोई व्यवस्था है और न ही उसकी जांच की। रविवार की रात डेंगू की चपेट में आकर स्टेशन मास्टर रामस्वरूप की लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई।
गोंडा रेलवे में तैनात स्टेशन मास्टर रामस्वरूप एक हफ्ते से डेंगू से बीमार चल रहे थे। परिवारीजनों ने जब उन्हें ले जाकर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया तो वहां जांच में रामस्वरूप को डेंगू होने की पुष्टि हुई।
जिसके बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रामस्वरूप का इलाज भी चला, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनकी मौत की सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने स्टेशन पर शोकसभा कर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस मौके पर प्रभाकर पांडेय, एमए सिद्दीकी, संतोषकुमार, पीके मिश्र, राजू सिंह, स्वतंत्र पाण्डेय, बीके सिंह आदि मौजूद रहे।
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जिले में रामस्वरूप की मौत के बाद डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा 20 के पार पहुंच गया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा से जब भी पूछो तो वह इस बीमारी के समुचित इलाज की दुहाई तो देते हैं, लेकिन डेंगू जैसी बीमारी का उपचार कहां हो रहा और कैसे। यह खुद उनको भी नहीं पता है।
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गोंडा रेलवे में तैनात स्टेशन मास्टर रामस्वरूप एक हफ्ते से डेंगू से बीमार चल रहे थे। परिवारीजनों ने जब उन्हें ले जाकर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया तो वहां जांच में रामस्वरूप को डेंगू होने की पुष्टि हुई।
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जिसके बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रामस्वरूप का इलाज भी चला, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनकी मौत की सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने स्टेशन पर शोकसभा कर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस मौके पर प्रभाकर पांडेय, एमए सिद्दीकी, संतोषकुमार, पीके मिश्र, राजू सिंह, स्वतंत्र पाण्डेय, बीके सिंह आदि मौजूद रहे।
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जिले में रामस्वरूप की मौत के बाद डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा 20 के पार पहुंच गया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा से जब भी पूछो तो वह इस बीमारी के समुचित इलाज की दुहाई तो देते हैं, लेकिन डेंगू जैसी बीमारी का उपचार कहां हो रहा और कैसे। यह खुद उनको भी नहीं पता है।