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Gonda News: भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ सूकरखेत
Sun, 29 Dec 2024 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 29 Dec 2024 11:16 PM IST
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पसका (गोंडा)। लघु प्रयाग के नाम से प्रसिद्ध पसका स्थित सूकरखेत में पतित पावनी सरयू के त्रिमुहानी घाट पर कल्पवास कर रहे साधु-संतों व गृहस्थ जनों के भजन-कीर्तन व रामाधुन से वातावरण भक्तिमय हो गया है। त्रिमुहानी घाट पर कुटिया बनाकर अथवा टेंट में कल्पवास कर रहे श्रद्धालु दिनरात भजन-कीर्तन व सत्संग में लीन हैं। वहीं, घाट पर इन दिनों महिलाओं की दुरदुरिया महरानी, अवसान मैया आदि लौकिक देवियों के नाम पर आयोजनों की धूम मची है।
अमेठी से कल्पवास करने आए संत अशोकदास महाराज ने बताया कि सरयू नदी में स्नान दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। मेले में मिठाई, चाट टिक्की, झूले आदि की दुकानें सजने लगी हैं। नवाबगंज से आए रामप्रसाद बाबा ने बताया कि वह कई वर्षों से पसका मेले में मिठाई की दुकान लगा रहे हैं। मेले में दुकानों की आमद पौष अमावस्या से तेज हो जाती है। मेले में झूले, सर्कस, थियेटर, मौत का कुआं आदि मेलार्थियों को अपने तरफ आकर्षित करते हैं। वहीं घाट पर सौंदर्यीकरण व साफ सफाई के लिए सफाई के कार्य चल रहा है। (संवाद)
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अमेठी से कल्पवास करने आए संत अशोकदास महाराज ने बताया कि सरयू नदी में स्नान दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। मेले में मिठाई, चाट टिक्की, झूले आदि की दुकानें सजने लगी हैं। नवाबगंज से आए रामप्रसाद बाबा ने बताया कि वह कई वर्षों से पसका मेले में मिठाई की दुकान लगा रहे हैं। मेले में दुकानों की आमद पौष अमावस्या से तेज हो जाती है। मेले में झूले, सर्कस, थियेटर, मौत का कुआं आदि मेलार्थियों को अपने तरफ आकर्षित करते हैं। वहीं घाट पर सौंदर्यीकरण व साफ सफाई के लिए सफाई के कार्य चल रहा है। (संवाद)
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