फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Lower court's order set aside; directions issued for fresh consideration

Gonda News: निचली अदालत का आदेश निरस्त, नए सिरे से विचार के निर्देश

Sun, 13 Sep 2026 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:27 PM IST
विज्ञापन
Lower court's order set aside; directions issued for fresh consideration
गोंडा। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत ने दांडिक निगरानी याचिका पर सुनवाई करते हुए सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी प्रथम द्वारा 15 अप्रैल 2022 को पारित आदेश निरस्त कर दिया। अदालत ने प्रकरण को संबंधित मजिस्ट्रेट न्यायालय को वापस भेजते हुए उपलब्ध साक्ष्यों का समग्र परीक्षण कर नया एवं कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


निगरानीकर्ता का आरोप था कि निचली अदालत ने उसके तथा गवाहों के बयानों के साथ ही धारा 164 दंप्रसं के तहत दर्ज बयान में लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों पर समुचित विचार नहीं किया। उसका कहना था कि उपलब्ध सामग्री से प्रथमदृष्टया दुष्कर्म का अपराध भी बनता है। विपक्षियों ने निगरानी का विरोध करते हुए कहा कि मामले की पुलिस विवेचना हो चुकी है और अंतिम रिपोर्ट प्रेषित की जा चुकी है।
विज्ञापन


सत्र न्यायालय ने पाया कि धारा 200 व 202 दंप्रसं के बयान, धारा 164 का बयान, पूर्व पुलिस विवेचना, अंतिम रिपोर्ट तथा अन्य उपलब्ध सामग्री का तलबी के प्रश्न पर समुचित न्यायिक परीक्षण नहीं किया गया। अदालत ने सभी पहलुओं पर स्वतंत्र रूप से विचार कर विधि के अनुसार नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


झूठी गवाही पर महिला पर जुर्माना

गोंडा। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश नित्या पांडेय की अदालत ने न्यायालय में मिथ्या साक्ष्य देने की दोषी साक्षी सिंह पर 500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर पांच दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साक्षी सिंह के बयान के आधार पर आरोपी प्रवीण सिंह के विरुद्ध सत्र परीक्षण चला था। अदालत ने दो जनवरी 2026 को प्रवीण सिंह को दोषमुक्त कर दिया था। इसके बाद साक्षी सिंह के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई। संवाद

नवजात की मौत मामले में दायर निगरानी खारिज

गोंडा। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय संदीप तिवारी की अदालत ने नवजात की मौत के मामले में मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ दायर दांडिक निगरानी खारिज कर दी। प्रेमदास ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी सुमन देवी ने दूसरी शादी कर ली थी तथा 10 दिसंबर 2024 को घर पर जन्मी बच्ची की हत्या कर शव छिपा दिया गया। पुलिस जांच में बच्ची के घर पर जन्म लेने और अगले दिन उसकी मौत होने की पुष्टि हुई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में प्रथमदृष्टया अपराध नहीं बनना माना। संवाद

शस्त्र लाइसेंस आवेदन में पता छिपाने का आरोपी दोषमुक्त
गोंडा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह की अदालत ने शस्त्र लाइसेंस के आवेदन में पता छिपाने तथा कूटरचित दस्तावेज लगाने के आरोपी वीरेंद्र बहादुर को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार वीरेंद्र ने शस्त्र लाइसेंस आवेदन और शपथपत्र में जानकीनगर, गोंडा को अपना स्थायी एवं वर्तमान पता बताया था, जबकि उसका मूल निवास समदा, बलरामपुर बताया गया था। इसी आधार पर उसके खिलाफ वर्ष 2011 में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। संवाद


विधिक साक्षरता शिविर में लोगों को किया जागरूक

गोंडा। कोतवाली नगर के सामने विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वयंसेवक दिलीप तिवारी ने लोगों को विधिक साक्षरता और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। पुलिस कर्मियों ने भी उपस्थित लोगों को विभिन्न कानूनों और जनहित योजनाओं के प्रति जागरूक किया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed