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Gonda News: सॉल्वर कुंदन का बिहार का खाता फ्रीज
Wed, 21 Feb 2024 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 21 Feb 2024 11:47 PM IST
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गोंडा। पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़े गए बिहार के सॉल्वर कुंदन चौधरी का बिहार के नालंदा में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का खाता पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। पुलिस ने पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान सॉल्वर कुंदन चौधरी व विकास कुमार को पकड़ा था। इसके अलावा दोनों जिन अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। पुलिस ने उनमें से भी तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। कुंदन के बाद पुलिस अब विकास कुमार के भी खाते की जानकारी पता लगाने में जुटी है।
पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान 17 फरवरी को नवाबगंज के श्रीगांधी इंटर कॉलेज में दूसरे के स्थान पर पुलिस भर्ती परीक्षा देते पकड़े गए बिहार के नालंदा नूर सराय बेलसर निवासी सॉल्वर कुंदन कुमार, मनकापुर के शिव रतन सिंह बनकसिया निवासी तन्मय सिंह और धानेपुर के दुल्हापुर बनकट रामगढ़वा निवासी हरिंद को गिरफ्तार किया था।
अभ्यर्थी तन्मय सिंह के नाम पर फर्जी प्रवेश पत्र व आईडी के जरिये कुंदन परीक्षा में शामिल हुआ था। दूसरे दिन 18 फरवरी को पूर्व मंत्री कुंवर आनंद सिंह के मनकापुर स्थित आरपी इंटर कॉलेज में खरगूपुर के इमिलिया गांव निवासी अभ्यर्थी विजय कुमार के स्थान पर बिहार के मधुबनी जिले के थाना फुलसराय क्षेत्र के धौसी बरही गांव निवासी साॅल्वर विकास कुमार व विजय कुमार को गिरफ्तार किया था।
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आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने खुलासा किया था कि परीक्षा के लिए साॅल्वरों ने लखनऊ में छह-छह लाख रुपये की अभ्यर्थियों से डील की थी। प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज मनोज कुमार राय ने बताया कि तफ्तीश के दौरान पता चला कि कुंदन चौधरी का खाता नालंदा के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है, जिसे नालंदा पुलिस व एसबीआई के अफसरों से संपर्क कर फ्रीज करा दिया गया है।
कोतवाल मनकापुर संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि साॅल्वर विकास कुमार के खाते के बारे में पता लगाया जा रहा है। इससे पहले वह कहां-कहां पकड़ा गया, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इनसेट
सॉफ्टवेयर के जरिए पकड़े में आए थे दोनों साॅल्वर
पुलिस भर्ती परीक्षा में कड़ी निगरानी के बाद भी साॅल्वर को कक्ष निरीक्षक और पुलिस टीम ने नहीं बल्कि साॅफ्टवेयर के जरिए पकड़ा गया था। साॅल्वर अपनी और अभ्यर्थियों की फोटो की मिक्सिंग कर बायोमीट्रिक कराने के बाद परीक्षा देने पहुंचे थे। तकरीबन एक घंटे परीक्षा में सम्मिलित होने के दौरान लखनऊ मुख्यालय के पुलिस महानिदेशक कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में लगाया गया साॅफ्टवेयर बायोमीट्रिक में गड़बड़ी के संकेत देने लगा। मुख्यालय कंट्रोल से मिली सूचना के आधार पर की गई क्राॅस चेकिंग में सॉल्वर पकड़ में आए थे। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि साफ्टवेयर के जरिए साॅल्वरों और अभ्यर्थियों को पकड़ा गया था।
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पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान 17 फरवरी को नवाबगंज के श्रीगांधी इंटर कॉलेज में दूसरे के स्थान पर पुलिस भर्ती परीक्षा देते पकड़े गए बिहार के नालंदा नूर सराय बेलसर निवासी सॉल्वर कुंदन कुमार, मनकापुर के शिव रतन सिंह बनकसिया निवासी तन्मय सिंह और धानेपुर के दुल्हापुर बनकट रामगढ़वा निवासी हरिंद को गिरफ्तार किया था।
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अभ्यर्थी तन्मय सिंह के नाम पर फर्जी प्रवेश पत्र व आईडी के जरिये कुंदन परीक्षा में शामिल हुआ था। दूसरे दिन 18 फरवरी को पूर्व मंत्री कुंवर आनंद सिंह के मनकापुर स्थित आरपी इंटर कॉलेज में खरगूपुर के इमिलिया गांव निवासी अभ्यर्थी विजय कुमार के स्थान पर बिहार के मधुबनी जिले के थाना फुलसराय क्षेत्र के धौसी बरही गांव निवासी साॅल्वर विकास कुमार व विजय कुमार को गिरफ्तार किया था।
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आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने खुलासा किया था कि परीक्षा के लिए साॅल्वरों ने लखनऊ में छह-छह लाख रुपये की अभ्यर्थियों से डील की थी। प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज मनोज कुमार राय ने बताया कि तफ्तीश के दौरान पता चला कि कुंदन चौधरी का खाता नालंदा के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है, जिसे नालंदा पुलिस व एसबीआई के अफसरों से संपर्क कर फ्रीज करा दिया गया है।
कोतवाल मनकापुर संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि साॅल्वर विकास कुमार के खाते के बारे में पता लगाया जा रहा है। इससे पहले वह कहां-कहां पकड़ा गया, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इनसेट
सॉफ्टवेयर के जरिए पकड़े में आए थे दोनों साॅल्वर
पुलिस भर्ती परीक्षा में कड़ी निगरानी के बाद भी साॅल्वर को कक्ष निरीक्षक और पुलिस टीम ने नहीं बल्कि साॅफ्टवेयर के जरिए पकड़ा गया था। साॅल्वर अपनी और अभ्यर्थियों की फोटो की मिक्सिंग कर बायोमीट्रिक कराने के बाद परीक्षा देने पहुंचे थे। तकरीबन एक घंटे परीक्षा में सम्मिलित होने के दौरान लखनऊ मुख्यालय के पुलिस महानिदेशक कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में लगाया गया साॅफ्टवेयर बायोमीट्रिक में गड़बड़ी के संकेत देने लगा। मुख्यालय कंट्रोल से मिली सूचना के आधार पर की गई क्राॅस चेकिंग में सॉल्वर पकड़ में आए थे। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि साफ्टवेयर के जरिए साॅल्वरों और अभ्यर्थियों को पकड़ा गया था।