फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Sleeper buses running on the roads ignoring the standards

मानकों की अनदेखी कर सड़कों पर दौड़ रहीं स्लीपर बसें

Fri, 21 Feb 2020 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2020 10:36 PM IST
विज्ञापन
Sleeper buses running on the roads ignoring the standards
गोंडा में स्लीपर बस।(फाइल फोटो) - फोटो : GONDA
गोंडा। पिछले कुछ दिनों में लगातार स्लीपर बसों के हादसे सामने आये हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण इन बसों में बड़े पैमाने पर तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा है। परिवहन विभाग की जांच में ऐसे तथ्य सामने आये हैं। बताया जा रहा है कि जिले में भी ऐसी लगभग तीन दर्जन स्लीपर बसों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में ये बसें भी किसी भी समय हादसे का सबब बन सकती हैं।
विज्ञापन

बता दें कि पिछले दिनों उन्नाव में स्लीपर बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जांच करने पहुंची टीम के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये थे। जांच में अब तक तीन बसें अनफिट मिली हैं। जिसमें मानकों की अनदेखी कर बस के अंदर निर्धारित सीटों से ज्यादा सीटें बस में बनाई गई थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों के सहायक संभागीय अधिकारियों को जांच के आदेश किये हैं। बताया जा रहा है कि कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जो कि विभाग को भी गच्चा देकर स्लीपर बसों का पंजीकरण करा लेते हैं और अपनी मनमानी कर यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ करते हैं।
विज्ञापन

ऐसे लोगों पर अब परिवहन विभाग का शिकंजा कसने जा रहा है। ये सभी बसें निजी बस ऑपरेटरों की ओर से संचालित हो रही हैं। अब इसकी जांच के लिए विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी बसों की जांच के बाद फिर से फिटनेस जारी किया जायेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन दर्जन से अधिक स्लीपर बसें संचालित हैं
विभागीय आंकड़ों में जिले में लगभग 42 स्लीपर बसों का पंजीकरण है। ये सभी बसें लखनऊ से दिल्ली और आगरा, कानपुर के साथ ही अन्य लंबी दूरी यात्रा के लिए संचालित की जा रही हैं। सबसे अधिक बसें गोंडा से दिल्ली के बीच में चलती हैं। जो कि आगरा एक्सप्रेस वे और यमुना एक्सप्रेस वे होकर जाती हैं। ऐसे तेज रफ्तार बसों में हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
सबको जारी किया गया है नोटिस
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन संजीव कुमार सिंह ने बताया कि जिले में स्लीपर बसों के मालिकों को नोटिस जारी कर जांच के लिए कार्यालय बुलाया गया है। कार्यालय आकर जांच न करवाने पर सभी लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। जांच की जिम्मेदारी संभागीय निरीक्षक संजय कुमार को दी गई है। जो जांच के बाद कमी को सुधार करने के बाद नई फिटनेस जारी करेंगे। आरआई संजय कुमार ने बताया कि तीन बसों में अब तक गड़बड़ी मिली है। इन बसों की बाडी में फेरबदल किया गया था।
गोंडा की स्लीपर बसें भी हो चुकीं हादसे का शिकार
पिछले साल ही जिले की तीन स्लीपर बसें हादसे का शिकार हो चुकी हैं। दिल्ली में एक बस में आग लगने की घटना हुई थी। दूसरी घटना में एक बस कन्नौज के पास कंटेनर से टकरा गई थी। वहीं तीसरी बस का पांच दिन पूर्व कर्नाटक में गोंडा की एक बस श्रद्धालुओं को लेकर जा रही थी। वहां हादसे का शिकार हुई। इस हादसे में मौके पर ही बस के चालक की मौत हो गई।

बसों के व्हीलबेस के मुताबिक निर्धारित होती हैं सीटें
आरआई संजय कुमार ने बताया कि बसों में कंपनी की ओर से बनाई गई चेसिस के व्हीलबेस के मुताबिक ही सीटों का निर्धारण किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसी के मुताबिक ही बसों की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई भी निर्धारित होती है। मानक से अधिक लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई में बदलाव करने से बसों का संतुलन प्रभावित होता है और हाई स्पीड पर ऐसी बसें हादसे का शिकार हो जाती हैं। सीट और स्लीपर बढ़ाने के चक्कर में कुछ लोग बसों की ऊंचाई और लंबाई बढ़ा देते हैं, ये खतरनाक साबित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed