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श्याम प्रभु की निकाली झांकी
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2016 11:26 PM IST
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श्री श्याम मंदिर वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन कार्यक्रम का प्रारम्भ भव्य निशान ध्वजा शोभा यात्रा से हुआ। प्रात: काल से ही भक्तों का जमावड़ा श्री राम जानकी धर्मशाला एवं ठठेरी बाजार स्थित पीपल चौराहा, चौक पर होना प्रारम्भ हो गया था। श्री श्याम प्रभु एवं श्री राणी सती दादी की अनुपम झांकी तीन विशालकाय रथों पर धूमधाम से निकाली गई, जिसे कोलकाता, जयपुर एवं बनारस से आये पुष्पों से सजाया गया था।
श्री श्याम प्रभु के शीश की झांकी के आगे श्री खाटू श्याम से लाई गई अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित हो रही थी, जिसके दर्शन मात्र से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। शोभायात्रा में भक्तगण केसरिया परिधान पहन कर सम्मलित हुए।
रंग अबीर एवं गुलाल से पूरा वातावरण श्री श्याममय हो चुका था। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महेश सिंघल ने बताया कि यात्रा में स्थानीय भक्तों के साथ-साथ आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
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होली भजन ‘रंग ले के खेलते, गुलाल ले के खेलते, राधे रानी संग होली नंदलाल खेलते, आज ब्रज में होली रे रसिया, मंदिर में बड़ग्यो होली खेलण से डरग्यो सांवरो’ आदि भजनों से पूरा वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था।
नन्दू शर्मा के भजन ‘राधा की पायल छम छम बाजे, ऐसी मस्ती कहां मिलेगी, श्याम नाम रस पी ले’ ने भक्तों को नाचने के लिए विवश कर दिया। बड़गांव पुलिस चौकी के निकट पीपल चौराहे से आती हुई शोभायात्रा भी राम जानकी धर्मशाला से आने वाली शोभायात्रा से मिल गयी, फिर सभी भक्त झूमते नाचते हुए श्री श्याम मंदिर प्रांगण में पहुंचे।
जहां उन्होंने श्री श्याम ध्वजा को श्री श्याम प्रभु को अर्पित किया। सभी भक्त आशीर्वाद स्वरूप श्याम प्रभु की मोऱ छड़ी का स्पर्श पाने के लिए लालायित थे।
सायं 5 बजे से भजनों का सिलसिला प्रारम्भ हुआ। संकीर्तन प्रारम्भ होने से पूर्व ही मंदिर प्रांगण खचाखच भर गया था। भजनों की शुरुआत मुम्बई से पधारे पार्श्वगायक मनोज मिश्रा ने की।
इसके पश्चात इंदौर से पधारी भजन गायिका सोना जाधव ने अपने भजनों से श्याम प्रेमियों को खूब रिझाया। इसी क्रम में खलीलाबाद से पधारे सरदार हरमहेन्द्र सिहं ‘रोमी’ ने भक्तों के पैरों को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया।
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श्री श्याम प्रभु के शीश की झांकी के आगे श्री खाटू श्याम से लाई गई अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित हो रही थी, जिसके दर्शन मात्र से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। शोभायात्रा में भक्तगण केसरिया परिधान पहन कर सम्मलित हुए।
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रंग अबीर एवं गुलाल से पूरा वातावरण श्री श्याममय हो चुका था। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महेश सिंघल ने बताया कि यात्रा में स्थानीय भक्तों के साथ-साथ आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
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होली भजन ‘रंग ले के खेलते, गुलाल ले के खेलते, राधे रानी संग होली नंदलाल खेलते, आज ब्रज में होली रे रसिया, मंदिर में बड़ग्यो होली खेलण से डरग्यो सांवरो’ आदि भजनों से पूरा वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था।
नन्दू शर्मा के भजन ‘राधा की पायल छम छम बाजे, ऐसी मस्ती कहां मिलेगी, श्याम नाम रस पी ले’ ने भक्तों को नाचने के लिए विवश कर दिया। बड़गांव पुलिस चौकी के निकट पीपल चौराहे से आती हुई शोभायात्रा भी राम जानकी धर्मशाला से आने वाली शोभायात्रा से मिल गयी, फिर सभी भक्त झूमते नाचते हुए श्री श्याम मंदिर प्रांगण में पहुंचे।
जहां उन्होंने श्री श्याम ध्वजा को श्री श्याम प्रभु को अर्पित किया। सभी भक्त आशीर्वाद स्वरूप श्याम प्रभु की मोऱ छड़ी का स्पर्श पाने के लिए लालायित थे।
सायं 5 बजे से भजनों का सिलसिला प्रारम्भ हुआ। संकीर्तन प्रारम्भ होने से पूर्व ही मंदिर प्रांगण खचाखच भर गया था। भजनों की शुरुआत मुम्बई से पधारे पार्श्वगायक मनोज मिश्रा ने की।
इसके पश्चात इंदौर से पधारी भजन गायिका सोना जाधव ने अपने भजनों से श्याम प्रेमियों को खूब रिझाया। इसी क्रम में खलीलाबाद से पधारे सरदार हरमहेन्द्र सिहं ‘रोमी’ ने भक्तों के पैरों को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया।