फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Shock to health of five lakh people

पांच लाख लोगों की सेहत को झटका

Wed, 18 Mar 2020 10:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2020 10:30 PM IST
विज्ञापन
Shock to health of five lakh people
गोंडा के रुपईडीह स्थित प्राथमिक स्वास्थ केंद्र भुलईडीह। - फोटो : GONDA
रुपईडीह (गोंडा)। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लग गया है। दो स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मास्टि ही तैनात थे और करीब पांच लाख की आबादी का स्वास्थ्य लाभ मिल रहा था। मुख्य चिकित्साधिकारी के एक आदेश से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुलईडीह पर ताला लग गया है, जबकि यह स्वास्थ्य केंद्र शहर से करीब 30 किमी दूर है और रुपईडीह से 12 किमी दूर है। इसी तरह देवतहा भी सुदूर अंचल में ही है, लेकिन यहां कोई डॉक्टर नहीं हैं। एक फार्मासिस्ट हैं तो लेकिन उनके आने जाने का कोई समय तय नहीं है।
विज्ञापन

इससे इन दोनों स्वास्थ्य केन्द्रों से जुड़े करीब 40 गांवों की पांच लाख आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 20 से 50 लाख रुपए का बजट खर्च करके प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए हैं। लेकिन फार्मासिस्ट व डॉक्टरों की कमी से अब यह स्वास्थ्य केंद्र लोगों को राहत देने के बजाए दर्द दे रहे हैं। बात हम करते हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भुलईडीह की तो यहां वर्ष 2011 से लोगों को बीमारियों का प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल जाती है।
विज्ञापन

यहां डॉक्टर की तैनाती तो नहीं थी लेकिन फार्मासिस्ट से ही लोगों को इलाज की सुविधा मिल जाती थी। इसे भी विभाग की नजर लग गई। हुआ यह कि शासन संबद्धीकरण पर रोक के बाद भी मुख्य चिकित्साधिकारी के यहां से फार्मासिस्ट को जिला अस्पताल के टीबी क्लीनिक में संबद्घ कर दिया गया। तब से फार्मासिस्ट वहीं पर कार्यरत हैं, जबकि कर्मियों की कमी के कारण अधीक्षक ने उन्हें कार्यमुक्त तो नहीं किया। इसके बावजूद फार्मासिस्ट जिला अस्पताल के टीबी क्लीनिक में योगदान सीएमओ के आदेश पर कार्य करने लगे। अब यहां पर ताला लगा हुुआ है और लोगों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीएचसी भुलईडीह पर नहीं होता इलाज, हो गया है कब्जा
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भुलईडीह में अब इलाज नहीं होता है, वहां एक परिवार का कब्जा है। लोग चारपाई बनाते नजर आए। बात करने पर कहा कि डॉक्टर साहब दे गए हैं। पीएचसी पर कोई स्वास्थ्य कर्मी न होने से लोगों ने वहां अपना ठिकाना बना रखा है। इससे लोगों की सुविधाएं तो नहीं मिल रही हैं, लेकिन गांव के लोग यहीं पर रहते हैं। इनसेट
पीएचसी देवतहा में फार्मासिस्ट तो हैं, लेकिन आते कभी कभार
पीएचसी देवतहा में फार्मासिस्ट तो कार्यरत हैं लेनिक वहां पर वह कभी कभार ही आते हैं। देवतहा में रज्जनपुर, केवलपुर, मऊ समसाबाद, छब्बीसवां, निधि नगर, महादेवा कला, भवानीपुर खुर्द व अचल नगर समेत 20 से अधिक गांव के लोगों को इलाज की सुविधा मिलती है। लेकिन यहां पर डॉक्टर तो हैं नही फार्मासिस्ट आते ही नही हैं। यहां पर लोगों को दवा के बजाए दर्द ही मिल रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है। इसकी जानकारी सीएमओ को दी गई है। भुलईडीह में फार्मासस्ट की तैनाती थी लेकिन उन्हें टीबी िक्लिनिक से संबद्ध कर दिया गया है। देवतहा के फार्मासिस्ट से जानकारी की जाएगी। -डॉ. जेपी शुक्ला, अधीक्षक सीएचसी रुपईडीह
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed