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होटल और रेस्टोरेंट ने सर्विस टैक्स लिया तो तय होगी कार्रवाई
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गोंडा। होटल और रेस्टोरेंट में खाना खाने वाले उपभोक्ताओं को अब राहत मिलेगी। बिल लेते समय सर्विस टैक्स लेना अवैध है। इसे अनुचित व्यापार की श्रेणी में रखने का आदेश मुख्य सचिव ने जारी किया है, बिलों में सर्विस टैक्स शामिल करना गलत है। इसकी नियमित जांच हो और उपभोक्ताओं से गलत बिल न लिया जाए। इसको ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुुमार ने जिले के होटल और रेस्टोरेंट के बिलों पर निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने सीआरओ के साथ डिप्टी कमिश्नर राज्य कर विभाग व वरिष्ठ अधीक्षक बांट-माप को जिम्मेदारी दी है कि निगरानी कर उपभोक्ता हितों के आदेश को लागू कराएं। जहां पर भी ऐसा होते मिले, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
शहर में 50 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट हैं। यहां पर जब भी कोई खाना खाता है तो उसे कई तरह का टैक्स देना पड़ता है। सर्विस टैक्स भी लिए जाने की बात सामने आई है। ऐसा माना जा रहा है कि भुगतान के समय उपभोक्ताओं को टैक्सों के बारे में जानकारी नहीं रहती है। जिससे वह भुगतान कर देते हैं। सर्विस टैक्स के नाम पर उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा है। जिसकी जानकारी शासन को हुई है। मुख्य सचिव की ओर से आदेश जारी होने के बाद प्रशासन ने भी कड़ा कदम उठाया है।
टीम ने होटल में की जांच, हड़कंप
अब होटल और रेस्टोरेंटों की ओर से बिलों में सर्विस टैक्स जोड़ा गया तो भारी पड़ेगा। बीते दिनों अधिकारियों की टीम ने एक होटल में जांच की थी। इसके बाद अब नए आदेश आने से जिले के होटल व्यवसायियों में हड़कंप है। सभी बिल तैयार करने के तरीकों में बदलाव करने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि सर्विस टैक्स पहले से ही नहीं लिया जाना था। इसके बाद भी सर्विस टैक्स लिया जाता रहा है।
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होटल और रेस्टोरेंट में आम उपभोक्ताओं से सर्विस टैक्स लिए जाने पर रोक है। मुख्य सचिव के आदेश पर सीआरओ समेत अधिकारियों को निर्देशों का पालन कराने का निर्देश दिया गया है। उपभोक्ता हितों का संरक्षण प्राथमिकता में है। डॉ. उज्जवल कुुमार, जिलाधिकारी
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शहर में 50 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट हैं। यहां पर जब भी कोई खाना खाता है तो उसे कई तरह का टैक्स देना पड़ता है। सर्विस टैक्स भी लिए जाने की बात सामने आई है। ऐसा माना जा रहा है कि भुगतान के समय उपभोक्ताओं को टैक्सों के बारे में जानकारी नहीं रहती है। जिससे वह भुगतान कर देते हैं। सर्विस टैक्स के नाम पर उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा है। जिसकी जानकारी शासन को हुई है। मुख्य सचिव की ओर से आदेश जारी होने के बाद प्रशासन ने भी कड़ा कदम उठाया है।
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टीम ने होटल में की जांच, हड़कंप
अब होटल और रेस्टोरेंटों की ओर से बिलों में सर्विस टैक्स जोड़ा गया तो भारी पड़ेगा। बीते दिनों अधिकारियों की टीम ने एक होटल में जांच की थी। इसके बाद अब नए आदेश आने से जिले के होटल व्यवसायियों में हड़कंप है। सभी बिल तैयार करने के तरीकों में बदलाव करने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि सर्विस टैक्स पहले से ही नहीं लिया जाना था। इसके बाद भी सर्विस टैक्स लिया जाता रहा है।
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होटल और रेस्टोरेंट में आम उपभोक्ताओं से सर्विस टैक्स लिए जाने पर रोक है। मुख्य सचिव के आदेश पर सीआरओ समेत अधिकारियों को निर्देशों का पालन कराने का निर्देश दिया गया है। उपभोक्ता हितों का संरक्षण प्राथमिकता में है। डॉ. उज्जवल कुुमार, जिलाधिकारी