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स्कूल बंद, 45 हजार बच्चों का टीकाकरण बना चुनौती
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फोटो-15 गोंडा में छात्रा को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में 12 से 14 साल के बच्चों को कोरोनारोधी टीका लगाए जाने का अभियान शिथिल पड़ गया है। दो माह दस दिन बाद भी 45 हजार बच्चों को कोरोना से बचाव की खुराक नहीं मिल सकी। 20 मई के बाद स्कूल बंद हो गए। अब बच्चों को घर पर खोजकर कोरोना रोधी वैक्सीन लगाना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जिले में बच्चों का टीकाकरण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। करीब दो माह दस दिन बाद भी 12 से 14 साल तक के 45,346 बच्चों को कोरोनारोधी वैक्सीन की पहली खुराक नहीं मिल सकी। इस उम्र के 1,45,461 बच्चों को टीकाकरण के लिए चयनित किया गया था, लेकिन 100155 बच्चों को ही कोरोनारोधी वैक्सीन लगाई जा सकी। शुरुआत में टीकाकरण में लापरवाही बरती गई। अब 20 मई से सभी स्कूल बंद हो गए तो बच्चे खोजे नहीं मिल रहे हैं। छात्र गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए बाहर या रिश्तेदारी में चले गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को लक्ष्य पूरा करने में समस्या हो रही है।
जिले के बभनजोत, हलधरमऊ, इटियाथोक, खरगूूपुर, मनकापुर, नबाबगंज, काजीदेवर, तरबगंज तथा वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के तहत 75 फीसदी के अधिक टीकाकरण हो चुका है लेकिन अन्य सीएचसी कोविड टीकाकरण के मामले में फिसड्डी हैं। (संवाद)
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11 फीसदी लोगों को लगी बूस्टर डोज
कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के नौ माह बाद तीसरी डोज यानि बूस्टर डोज लगाया जाना जरूरी बताया जा रहा है, लेकिन 60 साल से कम आयु वाले लोगों के लिए बूस्टर डोज की व्यवस्था नहीं की गई। अभी तक 11 फीसदी लोगों को ही वैक्सीन की बूस्टर डोज मिल पाई।
जिले में 3,32,624 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगे नौ महीने बीत गए। अब इन्हें बूस्टर डोज की दरकार है। अभी तक 37,070 लोगों को ही बूस्टर डोज की खुराक मिल पाई। सीएमओ कार्यालय पर 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को बूस्टर डोज लगाया जा रहा है लेकिन इससे कम उम्र वाले लोगों के लिए बूस्टर डोज की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। शासन के निर्देशानुसार 60 साल से कम उम्र वालों को निर्धारित शुल्क देकर बूस्टर डोज निजी अस्पतालों में लगवानी थी, लेकिन अभी तक किसी भी निजी अस्पताल ने बूस्टर डोज नहीं खरीदा। जिससे युवाओं को बूस्टर डोज का टीका नहीं लग रहा है।
बच्चों के टीकाकरण में फिसड्डी सीएचसी
सीएचसी टीकाकरण का लक्ष्य वैक्सीन लगी
बेलसर- 8717- 4066
करनैलगंज- 8757- 5242
छपिया- 8058-4412
कटरा बाजार- 9332- 3058
मुजेहना- 8800- 3960
पड़रीकृपाल- 5442- 1531
परसपुर- 10786-6039
अर्बन- 6067- 1552
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जिले में बच्चों का टीकाकरण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। करीब दो माह दस दिन बाद भी 12 से 14 साल तक के 45,346 बच्चों को कोरोनारोधी वैक्सीन की पहली खुराक नहीं मिल सकी। इस उम्र के 1,45,461 बच्चों को टीकाकरण के लिए चयनित किया गया था, लेकिन 100155 बच्चों को ही कोरोनारोधी वैक्सीन लगाई जा सकी। शुरुआत में टीकाकरण में लापरवाही बरती गई। अब 20 मई से सभी स्कूल बंद हो गए तो बच्चे खोजे नहीं मिल रहे हैं। छात्र गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए बाहर या रिश्तेदारी में चले गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को लक्ष्य पूरा करने में समस्या हो रही है।
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जिले के बभनजोत, हलधरमऊ, इटियाथोक, खरगूूपुर, मनकापुर, नबाबगंज, काजीदेवर, तरबगंज तथा वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के तहत 75 फीसदी के अधिक टीकाकरण हो चुका है लेकिन अन्य सीएचसी कोविड टीकाकरण के मामले में फिसड्डी हैं। (संवाद)
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11 फीसदी लोगों को लगी बूस्टर डोज
कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के नौ माह बाद तीसरी डोज यानि बूस्टर डोज लगाया जाना जरूरी बताया जा रहा है, लेकिन 60 साल से कम आयु वाले लोगों के लिए बूस्टर डोज की व्यवस्था नहीं की गई। अभी तक 11 फीसदी लोगों को ही वैक्सीन की बूस्टर डोज मिल पाई।
जिले में 3,32,624 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगे नौ महीने बीत गए। अब इन्हें बूस्टर डोज की दरकार है। अभी तक 37,070 लोगों को ही बूस्टर डोज की खुराक मिल पाई। सीएमओ कार्यालय पर 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को बूस्टर डोज लगाया जा रहा है लेकिन इससे कम उम्र वाले लोगों के लिए बूस्टर डोज की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। शासन के निर्देशानुसार 60 साल से कम उम्र वालों को निर्धारित शुल्क देकर बूस्टर डोज निजी अस्पतालों में लगवानी थी, लेकिन अभी तक किसी भी निजी अस्पताल ने बूस्टर डोज नहीं खरीदा। जिससे युवाओं को बूस्टर डोज का टीका नहीं लग रहा है।
बच्चों के टीकाकरण में फिसड्डी सीएचसी
सीएचसी टीकाकरण का लक्ष्य वैक्सीन लगी
बेलसर- 8717- 4066
करनैलगंज- 8757- 5242
छपिया- 8058-4412
कटरा बाजार- 9332- 3058
मुजेहना- 8800- 3960
पड़रीकृपाल- 5442- 1531
परसपुर- 10786-6039
अर्बन- 6067- 1552