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मदरसों में व्यवस्थाओं का होगा सर्वे
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गोंडा। जिले में शासन के निर्देश पर मदरसों के व्यवस्थाओं का सर्वे होगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को आदेश मिले हैं। तहसील स्तर पर टीम बनाकर मदरसों की सर्वे कराई जानी है। 10 सितंबर से टीम सर्वे करेगी, और 15 अक्तूबर तक जांच पूरी होगी। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार का कहना है टीम बनाकर सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारी को कहा गया है।
शासन से बिना मान्यता के चल रहे मदरसों का सर्वे करने का निर्देश मिला है। जिले में 400 के करीब मदरसे चल रहे हैं। मदरसों के सर्वे में बड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। बीते साल जांच हुई थी, जिसमें आठ मदरसे कार्रवाई के दायरे में आए थे। इनके अनुदान रोकने की कार्रवाई भी हो चुकी है। सर्वे के लिए गठित टीम में संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के निर्देशन में सर्वे कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मदरसों के सर्वे का काम 15 अक्तूबर को पूरा होगा। इसके बाद 25 अक्तूबर तक शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
टीम मदरसे का नाम, मदरसे का संचालन करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का सम्पूर्ण विवरण, मदरसे में छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक बुनियादी अवस्थापना सुविधाओं की सूचनाएं इकट्ठा करेगी। साथ ही वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कुल संख्या, मदरसों में शिक्षकों की कुल संख्या, मदरसों में लागू पाठ्यक्रम, मदरसे की आय का स्रोत और मदरसों में पढ़ रहे छात्र किसी अन्य विद्यालय में नामांकित हैं, आदि का विवरण संबंधी जानकारी जुटाएगी। साथ ही किसी गैर सरकारी समूह/संस्था से मदरसे की संबद्धता का विवरण भी लिया जाएगा। (संवाद)
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प्राथमिक स्कूलों में मिल चुका मदरसों के छात्रों का पंजीकरण
16 अगस्त को इटियाथोक के प्राथमिक विद्यालय बिरमापुर की जांच में गांव के एक मदरसा में पढ़ रहे छात्रों का नामांकन स्कूल में होने का मामला सामने आया था। मदरसे के छात्रों को स्कूल में दिखाकर एमडीएम के बजट को हड़पने का खुलासा हुआ था। 20 अगस्त को बीएसए अखिलेश प्रताप सिह ने प्राथमिक विद्यालय, बिरमापुर के प्रधानाध्यापक आलमगीर को निलंबित कर दिया था। मामले की जांच हो रही है, अब मदरसों के सर्वे में यह बात सामने आएगी। सर्वे करने वाली टीम इस मामले पर विशेष नजर रखेगी और जानकारी एकत्र करेगी।
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शासन से बिना मान्यता के चल रहे मदरसों का सर्वे करने का निर्देश मिला है। जिले में 400 के करीब मदरसे चल रहे हैं। मदरसों के सर्वे में बड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। बीते साल जांच हुई थी, जिसमें आठ मदरसे कार्रवाई के दायरे में आए थे। इनके अनुदान रोकने की कार्रवाई भी हो चुकी है। सर्वे के लिए गठित टीम में संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के निर्देशन में सर्वे कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मदरसों के सर्वे का काम 15 अक्तूबर को पूरा होगा। इसके बाद 25 अक्तूबर तक शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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टीम मदरसे का नाम, मदरसे का संचालन करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का सम्पूर्ण विवरण, मदरसे में छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक बुनियादी अवस्थापना सुविधाओं की सूचनाएं इकट्ठा करेगी। साथ ही वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कुल संख्या, मदरसों में शिक्षकों की कुल संख्या, मदरसों में लागू पाठ्यक्रम, मदरसे की आय का स्रोत और मदरसों में पढ़ रहे छात्र किसी अन्य विद्यालय में नामांकित हैं, आदि का विवरण संबंधी जानकारी जुटाएगी। साथ ही किसी गैर सरकारी समूह/संस्था से मदरसे की संबद्धता का विवरण भी लिया जाएगा। (संवाद)
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प्राथमिक स्कूलों में मिल चुका मदरसों के छात्रों का पंजीकरण
16 अगस्त को इटियाथोक के प्राथमिक विद्यालय बिरमापुर की जांच में गांव के एक मदरसा में पढ़ रहे छात्रों का नामांकन स्कूल में होने का मामला सामने आया था। मदरसे के छात्रों को स्कूल में दिखाकर एमडीएम के बजट को हड़पने का खुलासा हुआ था। 20 अगस्त को बीएसए अखिलेश प्रताप सिह ने प्राथमिक विद्यालय, बिरमापुर के प्रधानाध्यापक आलमगीर को निलंबित कर दिया था। मामले की जांच हो रही है, अब मदरसों के सर्वे में यह बात सामने आएगी। सर्वे करने वाली टीम इस मामले पर विशेष नजर रखेगी और जानकारी एकत्र करेगी।