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कान्वेंट स्कूलों से तालमेल बनाएंगे परिषदीय विद्यालय
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गोंडा। परिषदीय स्कूल अब कान्वेंट स्कूलों से तालमेल बनाकर शैक्षिक स्तर में बदलाव लाएंगे। निजी स्कूलों की लाइब्रेरी और खेल मैदान के साथ क्लास रूम की स्थिति साझा करेंगे। इसके लिए निजी शैक्षिक संस्थान परिषदीय स्कूलों को गोद भी लेंगे। जिससे परिषदीय स्कूलों में शिक्षा प्रबंधन संवारा जा सके। परिषदीय स्कूलों में कुशल शिक्षक होने के बावजूद अभिभावक कान्वेंट स्कूलों की ओर रुझान रखते हैं। इस प्रक्रिया में सरकारी स्कूलों के शिक्षक समझ सकेंगे और बदलाव लाकर अभिभावकों की पसंद का स्कूल बनाने की पहल करेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शासन शिक्षण संस्थाओं और शिक्षा के प्रत्येक स्तर को परस्पर सहज और समन्वय बनाने की पहल कर रहा है। शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं। तालमेल मॉडल के माध्यम से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों को निजी विद्यालय, मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय के शिक्षकों से शिक्षण संबंधी प्रशिक्षण ले सकेंगे। विकास खंड में निजी विद्यालय का चयन खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे। इसके बाद परिषदीय विद्यालयों का निजी विद्यालयों से तालमेल कराया जाएगा। यह साझीदारी दो विद्यालयों के बीच मेंटरशिप प्रोग्राम की तरह होगी। जिस विद्यालय के पास बेहतर संसाधन होंगे, वह इसे तालमेल किए विद्यालय के साथ साझा करेंगे।
एक-दूसरे विद्यालय के पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल के मैदान, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी, डिजिटल सुविधाओं का उपयोग आपसी सामंजस्य से किया जाएगा। इस पहल से शैक्षिक विकास को रफ्तार मिलेगी। विभाग की ओर से इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों का चयन करने और तालमेल कराने की पहल की जाएगी।
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निजी व सरकारी स्कूलों की स्थिति पर एक नजर
- परिषदीय स्कूल - 2611
- निजी कान्वेंट स्कूल (कक्षा आठ तक) - 600
- निजी इंटर कॉलेज - 485
- डिग्री कॉलेज - 36
परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था सुधारने के लिए नई पहल की जा रही है। तालमेल अभियान से शिक्षकों को काफी कुछ समझ में आएगा और नए बदलाव आएंगे। अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शासन शिक्षण संस्थाओं और शिक्षा के प्रत्येक स्तर को परस्पर सहज और समन्वय बनाने की पहल कर रहा है। शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं। तालमेल मॉडल के माध्यम से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों को निजी विद्यालय, मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय के शिक्षकों से शिक्षण संबंधी प्रशिक्षण ले सकेंगे। विकास खंड में निजी विद्यालय का चयन खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे। इसके बाद परिषदीय विद्यालयों का निजी विद्यालयों से तालमेल कराया जाएगा। यह साझीदारी दो विद्यालयों के बीच मेंटरशिप प्रोग्राम की तरह होगी। जिस विद्यालय के पास बेहतर संसाधन होंगे, वह इसे तालमेल किए विद्यालय के साथ साझा करेंगे।
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एक-दूसरे विद्यालय के पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल के मैदान, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी, डिजिटल सुविधाओं का उपयोग आपसी सामंजस्य से किया जाएगा। इस पहल से शैक्षिक विकास को रफ्तार मिलेगी। विभाग की ओर से इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों का चयन करने और तालमेल कराने की पहल की जाएगी।
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निजी व सरकारी स्कूलों की स्थिति पर एक नजर
- परिषदीय स्कूल - 2611
- निजी कान्वेंट स्कूल (कक्षा आठ तक) - 600
- निजी इंटर कॉलेज - 485
- डिग्री कॉलेज - 36
परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था सुधारने के लिए नई पहल की जा रही है। तालमेल अभियान से शिक्षकों को काफी कुछ समझ में आएगा और नए बदलाव आएंगे। अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए