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Gonda News: खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा सरयू का जलस्तर
Mon, 03 Jul 2023 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 03 Jul 2023 10:56 PM IST
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एल्गिन-चरसड़ी तटबंध के निरीक्षण के दौरान जानकारी लेतीं डीएम। - संवाद
गोंडा। जिले में बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर बढ़कर 104.96 मीटर हो गया है, जो खतरे का निशान छूने से बस 1.11 मीटर ही दूर है। ऐसे में परसपुर, तरबगंज व करनैलगंज के करीब 200 गांवों में बाढ़ के खतरे की घंटी बजने लगी है। उधर, जिला प्रशासन बांधों के कटान से बचाने के लिए पहले से इंतजाम करने में जुटा है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने सोमवार को एल्गिन ब्रिज-चरसड़ी तटबंध का निरीक्षण कर उसकी स्थिति परखी।
सोमवार को गिरिजा बैराज से 1,11,207 क्यूसेक, शारदा बैराज से 25,352 क्यूसेक व सरयू बैराज से 4,167 क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़ा गया है। तीनों बैराजों से अब तक 1,40,726 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। माना जा रहा है कि जिस तरह नदियों में पानी बढ़ रहा है। एक सप्ताह के भीतर ही नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी। जिससे तरबगंज के माझा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि कोई भी तटबंध नहीं कटना चाहिए। संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में पहले से ही बाढ़ नियंत्रण के इंतजाम कर लिए जाएं। सीसीटीवी कैमरों से बांधों की निगरानी की जाए। जिला आपदा प्रबंधक राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि संभावित बाढ़ से होने वाली समस्याओं पर लोगों की मदद के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।
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सोमवार को गिरिजा बैराज से 1,11,207 क्यूसेक, शारदा बैराज से 25,352 क्यूसेक व सरयू बैराज से 4,167 क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़ा गया है। तीनों बैराजों से अब तक 1,40,726 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। माना जा रहा है कि जिस तरह नदियों में पानी बढ़ रहा है। एक सप्ताह के भीतर ही नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी। जिससे तरबगंज के माझा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
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जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि कोई भी तटबंध नहीं कटना चाहिए। संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में पहले से ही बाढ़ नियंत्रण के इंतजाम कर लिए जाएं। सीसीटीवी कैमरों से बांधों की निगरानी की जाए। जिला आपदा प्रबंधक राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि संभावित बाढ़ से होने वाली समस्याओं पर लोगों की मदद के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।
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