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Gonda News: खतरे के निशान से महज एक सेंटीमीटर नीचे सरयू

Mon, 27 Jul 2026 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 27 Jul 2026 11:24 PM IST
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Saryu is just one centimeter below the danger mark
साकीपुर के बाड़ी माझा में नदी का कटान व ऐली परसौली में बाढ़ से बचाव का इंतजाम करते लोग। -स्रोत:
करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया। शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.060 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से महज एक सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि बैराजों से छोड़े जा रहे पानी में मामूली कमी आई है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ खंड और प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
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बाढ़ खंड के अनुसार सोमवार शाम चार बजे तक एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.060 मीटर और अयोध्या में 92.230 मीटर दर्ज किया गया। कुल जल प्रवाह 2,51,311 क्यूसेक रहा। इसमें गिरिजा बैराज से 1,23,073 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,26,629 क्यूसेक तथा सरयू बैराज से 1,609 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर बढ़ने के बावजूद कुल डिस्चार्ज में हल्की कमी का रुझान बना हुआ है।
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बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि एल्गिन-चरसड़ी तटबंध सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। कटान संभावित क्षेत्रों में विभागीय टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। आवश्यकता के अनुसार सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। किसी प्रकार का अतिरिक्त दबाव नहीं है, लेकिन जलस्तर में निरंतर बढ़ोतरी को देखते हुए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
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कटान थमने से ग्रामीणों को राहत
विश्नोहरपुर क्षेत्र के माझा इलाकों में दो दिन से जलस्तर में कमी आने और कटान रुकने से लोगों ने राहत की सांस ली है। दत्तनगर और साकीपुर के बाड़ी माझा में लगातार हो रही कटान के कारण कई परिवार पलायन कर चुके थे, जबकि सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई थी। सोमवार को कटान रुकने के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की। ग्रामीण रामसुफल यादव ने बताया कि कटान थमने से लोगों का पलायन भी रुक गया है। ननके और रामसजीवन ने कहा कि यदि कटान जारी रहती तो उन्हें भी घर छोड़ना पड़ता। हालांकि लोगों की चिंता अभी दूर नहीं हुई है।

मगरमच्छ दिखने से बढ़ी दहशत
नवाबगंज के माझा क्षेत्र में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। दयाशंकर यादव ने बताया कि कई बार मगरमच्छ सूखी जमीन पर भी दिखाई देता है, जिससे लोग खेत जाने से डर रहे हैं। हालांकि अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। चहलावा गांव के लोगों ने शिकायत की है कि उनका मजरा चारों ओर से पानी से घिरा होने के बावजूद अब तक सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं कराई गई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।

ढेमवा में सरकारी स्टीमर सेवा शुरू
ढेमवा घाट पर रविवार से सरकारी स्टीमर सेवा शुरू होने पर स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। टेंडर प्रक्रिया में विलंब के कारण 15 जुलाई से शुरू होने वाली सेवा समय पर शुरू नहीं हो सकी थी। इसके चलते लोगों को निजी नावों से नदी पार करने में अतिरिक्त किराया देना पड़ता था। अब सरकारी स्टीमर के संचालन से आवागमन सुगम होने के साथ ही लोगों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।

साकीपुर के बाड़ी माझा में नदी का कटान व ऐली परसौली में बाढ़ से बचाव का इंतजाम करते लोग। -स्रोत:

साकीपुर के बाड़ी माझा में नदी का कटान व ऐली परसौली में बाढ़ से बचाव का इंतजाम करते लोग। -स्रोत:

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