फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Saddam wanted to destroy Irfan's family

Gonda News: इरफान के परिवार को खत्म करना चाहता था सद्दाम

Fri, 14 Jul 2023 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Fri, 14 Jul 2023 11:19 PM IST
विज्ञापन
Saddam wanted to destroy Irfan's family
गोंडा। यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए स्लीपिंग माड्यूल सद्दाम शेख उर्फ रणजीत सिंह के बारे में नया खुलासा हुआ है। एक बार वह पत्नी के साथ एक रिश्तेदार की नजदीकी होने से बौखला गया था। दोनों में तनातनी इस कदर बढ़ी थी कि उसने पत्नी के मौसेरे भाई को सपरिवार खत्म करने की साजिश रच डाली। मगर असलहे का इंतजाम न हो पाने के चलते वह मंसूबे में कामयाब न हो सका। काम के सिलसिले में बाहर रहने वाला सद्दाम शक्की हो गया था। उसे पत्नी पर भी भरोसा नहीं था। परिवार में कोई दिक्कत होने पर पत्नी अपने रिश्तेदार मोहम्मद इरफान निवासी कलैहनपुरवा से मदद ले लेती थी। इससे सद्दाम खफा रहता था। उसने इरफान को पत्नी से दूर रहने की चेतावनी दी। न मानने पर पूरे परिवार को खत्म करने धमकी दे डाली थी। इरफान की पत्नी ने जुलाई 2022 में परसपुर थाने में इसकी लिखित शिकायत की थी। छह महीने बाद दिसंबर 2022 में प्रभारी निरीक्षक संतोष सरोज के सामने परसपुर थाने में दोनों पक्षों में समझौता हुआ। इसमें इरफान और सद्दाम व उनकी बीवियों के साथ ही परिजनों और रिश्तेदारों की गवाही भी हुई थी। परसपुर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संतोष सरोज ने दोनों को काफी डांटा था और बेवजह के शक में आकर किसी घटना होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। अब सद्दाम के नए नाम की चर्चा से परिवार के लोग भी सहमे हैं। सद्दाम की पत्नी के एक रिश्तेदार ने इस मामले की पुष्टि की। कहा कि उस समय दोनों पक्षो में काफी तनाव हो गया था।
विज्ञापन

रिश्तेदार से विवाद का मामला थाने पहुंचने पर सद्दाम के तेवर ढीले पड़ गए थे। उसने कदम पीछे खींचते हुए उस समय समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए थे। अब यह माना जा रहा है कि उस समय थाने में कार्रवाई होने पर सद्दाम पुलिस रिकार्ड में आ जाता। इससे बचने के लिए उसने कदम पीछे खींच लिए थे। इसका अंदाजा अब उसके रिश्तेदारों को भी लग रहा है। गांव के रहने वाले किस्मत अली ने कहा कि उनकी गलती थी कि वह लोग सद्दाम को पहचान नहीं पाए।
विज्ञापन

परसपुर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सरोज ने बताया कि मामला पुराना है। परसपुर थाने में रहने के दौरान दिसंबर 2022 में दोनों परिवारों का समझौता कराया गया था। इरफान और सद्दाम को आगे विवाद नहीं करने की हिदायत दी थी। इसके बाद दोनों ने लिखित समझौता किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article