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कौन है सद्दाम शेख: अवध में आतंक की नर्सरी तैयार कर रहा था संदिग्ध, स्लीपिंग मॉड्यूल पर फेसबुक से बड़ा खुलासा

Tue, 04 Jul 2023 08:04 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 04 Jul 2023 08:04 AM IST
सार

यूपी एटीएस की गिरफ्त में आया सद्दाम शेख अवध में आतंक की नर्सरी तैयार कर रहा था। सोशल मीडिया और नेटवर्किंग साइट्स के जरिए अपने जैसे स्लीपिंग माड्यूल बना रहा था। देश की नीतियों का विरोध करने वालों को मंच देने का तानाबाना बुना था।
 

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Saddam Sheikh was preparing nursery of terror in Awadh, was making sleeping module
Saddam Sheikh - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए सद्दाम शेख ने अवध क्षेत्र के जिलों में आतंक की नर्सरी तैयार करने का जिम्मा संभाल रखा था। उसने भारत की नीतियों के विरोधियों को मंच देने का तानाबाना बुना था। इसके लिए उसने सोशल मीडिया को हथियार बनाया। नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से वह लोगों को उकसा कर अपने जैसा स्लीपिंग मॉड्यूल बना रहा था। 
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यूपी एटीएस ने सद्दाम के फेसबुक अकाउंट से मिलीं ऐसी तमाम पोस्ट की जांच में इसका खुलासा किया था। यूपी एटीएस ने देहात कोतवाली क्षेत्र के करनपुर के पठानपुरवा गांव निवासी सद्दाम शेख के फेसबुक अकाउंट के साथ ही उसकी डीपी पर मिले आतंकियों की फोटो के आधार पर जांच के बाद 30 जून को उसे गिरफ्तार किया था। 
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एटीएस की पूछताछ में उसने कई खुलासे किए। अल कायदा व आईएसआईएस से प्रेरित सद्दाम शेख ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश विरोधी सोच रखने वाले लोगों को उकसा कर अपने साथ जोड़ने के लिए पूरे अवध क्षेत्र के जिलों को चुना। उसे मालूम था कि यहां तराई के साथ ही नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की सक्रियता कम है। 
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ऐसे में वह अपने मंसूबों को आसानी से अंजाम दे सकता है। उसने अपने मिशन की कामयाबी के लिए इस क्षेत्र के गरीब तबके के लोगों पर नजर गड़ा रखी थी। सद्दाम शेख ने देहात कोतवाली के पठानपुरवा को इसी उद्देश्य से ठिकाना बनाया था। यहां शहर से दूर कम आबादी वाला इलाका होने की वजह से पुलिस ही नहीं खुफिया एजेंसियों की नजर से भी वह 18 साल तक बचता रहा।
 

सद्दाम का किस्मत अली से कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
स्लीपिंग मॉड्यूल सद्दाम शेख के वर्ष 2004 में गोंडा आने पर करनपुर पठानपुरवा के रहने वाले किस्मत अली ने ही उसे रुबीना के पिता मोहर्रम अली से मिलवाया था। किस्मत अली के मुताबिक सद्दाम ने खुद को यतीम बताया था। इसी वजह से मोहर्रम अली ने अपनी बेटी से उसका निकाह करा दिया था। किस्मत अली भी अब सद्दाम की असलियत नहीं बता पा रहे हैं। 
 

उनका कहना है कि वह गुजरात के सूरत से आया था मगर यह नहीं बता सके कि कहां का है। किस्मत अली की मानें तो सद्दाम ने बताया कि था कि वह गोंडा का ही रहने वाला है। किस्मत के दो तरह के बयान से पुलिस भी हैरान है। पुलिस ने किस्मत अली को भी संदेह के दायरे में रखा है। पुलिस अब किस्मत अली के सद्दाम से कनेक्शन को भी खंगाल रही है।
 

कौन है सद्दाम शेख, कहां है असली ठिकाना, तलाश जारी
सद्दाम शेख की असलियत क्या है? उसका असली ठिकाना कहां है? इसकी तलाश एटीएस के साथ ही जिले की पुलिस ने भी शुरू कर दी है। मगर परिजनों से मिली जानकारी में अभी तक असलियत सामने नहीं आ पाई है। सद्दाम शेख की पत्नी रुबीना और उसके मामू किस्मत अली बताते हैं कि 2004 में गोंडा आने पर सद्दाम ने बताया था कि उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है।

वह सूरत रेलवे स्टेशन पर भीख मांगकर खाता था। करनपुर के ही लालापुरवा के रहने वाले एक युवक को सद्दाम ने बताया था कि वह गोंडा का ही रहने वाला है, मगर जिले के किस जगह का रहने वाला है, ये नहीं बता सका था। एटीएस के साथ अब पुलिस भी सद्दाम का असली ठिकाना तलाश रही है।
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