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Gonda News: सदर तहसील नहीं पहुंचे एक भी थानाध्यक्ष
Sat, 17 Jun 2023 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 17 Jun 2023 11:50 PM IST
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गोंडा। जिले के सदर तहसील में पुलिस की अनदेखी जनसुनवाई पर भारी पड़ी। ऐसा तब रहा जब सदर तहसील में कोई न तो वीआईपी मूवमेंट था और न ही कानून-व्यवस्था संबंधित कोई बैठक। फिर भी तहसील के सातों थानों के एक भी थानाध्यक्ष नहीं आए। जबकि संपूर्ण समाधान दिवस मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है और मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली अध्यक्षता कर रहीं थीं।
जनसुनवाई के बाद एसडीएम सदर कुलदीप सिंह ने ऐसी स्थिति पर नोटिस जारी की है। सदर के संपूर्ण समाधान दिवस में नगर कोतवाल राकेश सिंह, देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक महेंद्र कुमार तक नहीं आए। मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार, धानेपुर थानाध्यक्ष ब्रह्मानंद सिंह, खरगूपुर थानाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी, इटियाथोक के थानाध्यक्ष संतोष कुमार सरोज, कौड़िया थानाध्यक्ष संदीप सिंह ने जनसुनवाई के कार्यक्रम से मुंह मोड़ लिया। नवागत जिलाधिकारी नेहा शर्मा के कार्यकाल का यह पहला आयोजन था। एसडीएम ने पुलिस अधीक्षक को सातों थानाध्यक्षों के लापरवाही की रिपोर्ट भेजी है। फिलहाल लगातार थानों की कमान हासिल करने में महारत हासिल किए ये पुलिस कर्मियों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। मुख्यमंत्री ने जिले के दौरे पर भले ही समाधान दिवस में सभी की उपस्थिति और निस्तारण के लिए जवाबदेही तय की है। इसके बाद भी यह अनदेखी चौंकाने वाली है।
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जनसुनवाई के बाद एसडीएम सदर कुलदीप सिंह ने ऐसी स्थिति पर नोटिस जारी की है। सदर के संपूर्ण समाधान दिवस में नगर कोतवाल राकेश सिंह, देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक महेंद्र कुमार तक नहीं आए। मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार, धानेपुर थानाध्यक्ष ब्रह्मानंद सिंह, खरगूपुर थानाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी, इटियाथोक के थानाध्यक्ष संतोष कुमार सरोज, कौड़िया थानाध्यक्ष संदीप सिंह ने जनसुनवाई के कार्यक्रम से मुंह मोड़ लिया। नवागत जिलाधिकारी नेहा शर्मा के कार्यकाल का यह पहला आयोजन था। एसडीएम ने पुलिस अधीक्षक को सातों थानाध्यक्षों के लापरवाही की रिपोर्ट भेजी है। फिलहाल लगातार थानों की कमान हासिल करने में महारत हासिल किए ये पुलिस कर्मियों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। मुख्यमंत्री ने जिले के दौरे पर भले ही समाधान दिवस में सभी की उपस्थिति और निस्तारण के लिए जवाबदेही तय की है। इसके बाद भी यह अनदेखी चौंकाने वाली है।
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