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बांध में कटान जारी, बाढ़ में 600 बीघा जमीन समाई
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25द्दस्रड्डश्च8-गोंडा में एल्गिन चरसडी बांध को बचाने के लिए बोल्डर लगवाते सिंचाई विभाग के अधिकारी
- फोटो : GONDA
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करनैलगंज (गोंडा)। एल्गिन-चरसड़ी बांध को बचाने की जद्दोजहद चौथे दिन भी जारी रही। तीन दिनों से एसडीएम व सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध पर कैंप किये हुए हैं। अब नदी सीधे बांध से टकराने लगी है। बांध के बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। घाघरा के पानी का तेज बहाव कभी भी बांध को नुकसान पहुंचा सकता है। बीते 24 घंटे में घाघरा की बाढ़ के पानी ने कटान करते हुए कृषि योग्य करीब 600 बीघे से अधिक भूमि काट कर नदी में समाहित कर ली है। कटान चंदापुर, कमियार, कोठरी, गौरिया व मांझा रायपुर के पास हुई है।
बरसात के चलते शारदा, गिरिजा एवं सरयू बैराज से प्रतिदिन पानी छोड़े जाने से घाघरा नदी में उतार-चढ़ाव प्रतिदिन हो रहा है। मौजूदा समय में चन्दापुर किटौली के पास नदी एल्गिन-चरसड़ी बांध से सट कर बह रही है। बुधवार को सुबह 8 बजे घाघरा नदी खतरे के निशान 106.07 के बराबर चल रही है। फिर भी घाघरा कई दिनों से सीधे बांध से टकराकर किलोमीटर 36.050 से 36.200 के बीच के हिस्से के बांध को निशाना बना रही है। चंदापुर किटौली गांव के पास अचानक आई इस समस्या को देखते हुए बाढ़ खंड के अधिकारी व कर्मचारी सहित प्रशासन के लोग बचाव कार्य में लग चुके है।
चंदापुर किटौली के पास बने दो स्परों के बीच घाघरा ने विगत दिनों से बांध की ओर अपना रूख कर लिया था। पहले से ही बने स्परों को लेकर बाढ़ खंड किसी बड़ी परेशानी से भी वाकिफ न था। बांध से करीब 100 मीटर दूर बह रही घाघरा इस दूरी को मिटाते हुए कटान करते हुए बांध से आ सटी। मौजूदा समय में नदी की धारा 60 डिग्री पर मुड़ कर दो स्परों के बीच बांध को सीधे निशाना बना रही है। बांध पर खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड एक्सईएन वीएन शुक्ल, एसई त्रियंबक त्रिपाठी, एई अमरेश सिंह व जेई सहित एसडीएम हीरालाल मौके पर पहुंच कर बचाव में लग चुके है। बार बार उठ रहे मसीना के चलते कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है। बांध के स्लोप पर 8 मीटर की गहराई में कटान होने से बचाव कार्य में बाधा आ रही है। एसडीएम हीरालाल ने बताया कि बांध से सटकर नदी की धारा चल रही है। नदी की कटान को रोकने के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं।
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बरसात के चलते शारदा, गिरिजा एवं सरयू बैराज से प्रतिदिन पानी छोड़े जाने से घाघरा नदी में उतार-चढ़ाव प्रतिदिन हो रहा है। मौजूदा समय में चन्दापुर किटौली के पास नदी एल्गिन-चरसड़ी बांध से सट कर बह रही है। बुधवार को सुबह 8 बजे घाघरा नदी खतरे के निशान 106.07 के बराबर चल रही है। फिर भी घाघरा कई दिनों से सीधे बांध से टकराकर किलोमीटर 36.050 से 36.200 के बीच के हिस्से के बांध को निशाना बना रही है। चंदापुर किटौली गांव के पास अचानक आई इस समस्या को देखते हुए बाढ़ खंड के अधिकारी व कर्मचारी सहित प्रशासन के लोग बचाव कार्य में लग चुके है।
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चंदापुर किटौली के पास बने दो स्परों के बीच घाघरा ने विगत दिनों से बांध की ओर अपना रूख कर लिया था। पहले से ही बने स्परों को लेकर बाढ़ खंड किसी बड़ी परेशानी से भी वाकिफ न था। बांध से करीब 100 मीटर दूर बह रही घाघरा इस दूरी को मिटाते हुए कटान करते हुए बांध से आ सटी। मौजूदा समय में नदी की धारा 60 डिग्री पर मुड़ कर दो स्परों के बीच बांध को सीधे निशाना बना रही है। बांध पर खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड एक्सईएन वीएन शुक्ल, एसई त्रियंबक त्रिपाठी, एई अमरेश सिंह व जेई सहित एसडीएम हीरालाल मौके पर पहुंच कर बचाव में लग चुके है। बार बार उठ रहे मसीना के चलते कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है। बांध के स्लोप पर 8 मीटर की गहराई में कटान होने से बचाव कार्य में बाधा आ रही है। एसडीएम हीरालाल ने बताया कि बांध से सटकर नदी की धारा चल रही है। नदी की कटान को रोकने के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं।
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