{"_id":"62dc318b13fa7e658e77d6da","slug":"river-flud-gonda-news-lko640824250","type":"story","status":"publish","title_hn":"घटने लगा सरयू का जलस्तर, कटान बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घटने लगा सरयू का जलस्तर, कटान बढ़ी
विज्ञापन
फोटो-9-गोंडा में करनैलगंज के माझा रायपुर में कटान करती घाघरा नदी। -संवाद
- फोटो : GONDA
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू (घाघरा) नदी शुक्रवार शाम को खतरे के निशान तक पहुंचने के बाद डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटने लगी है। घटते हुए नदी के जलस्तर से कटान हो रही है। ऐसे में नदी और बांध के बीच कई स्थानों पर फसल लगी भूमि एवं खाली पड़ी करीब 800 बीघे से अधिक भूमि काटकर नदी ने अपनी धारा में समाहित कर लिया।
सरयू की कटान व तबाही का मंजर देखकर बांध के आसपास बसे ग्रामीणों का पलायन शुरू हो गया है। ग्रामीण सुरक्षित बांध के हिस्से पर अपना आशियाना बनाने में लग गए हैं। बीते 24 घंटे में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जलस्तर घट रहा था। नदी के बारे में कहा जाता है कि इसका जलस्तर घटने लगता है तो जमीन को काटना शुरू कर देती है।
एल्गिन-चरसडी बांध से नदी का पानी सटकर बह रहा है। केंद्रीय जल आयोग संस्थान के आंकड़ों के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे नदी का जल स्तर 105.896 दर्ज किया गया था। खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर नीचे था। वहीं शाम को जलस्तर घटकर 105.736 पर पहुंच गया जो खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे था।
विज्ञापन
नदी का जलस्तर घटने के साथ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान का खतरा बढ़ गया है। उफनाई नदी का पानी मांझारायपुर, नकहरा के मजरों में स्थित नालों, तालाबों में जाना शुरू हो गया है। शारदा, गिरजा, सरयू बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में भी कमी दर्ज की गई है। शाम को कुल डिस्चार्ज एक लाख 89 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह कहते हैं कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है। निगरानी टीमें बांध पर नजर रख रही हैं।
एडीएम ने किया तटबंध का निरीक्षण
गोंडा। सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर एडीएम सुरेश कुमार सोनी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने तहसील तरबगंज के ऐली परसौली में तटबंध का निरीक्षण किया। एडीएम ने बताया कि सरयू नदी के किनारे पड़ने वाले सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। बाढ़ निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया। राजस्व विभाग की टीमें को निगरानी में लगाया गया है। बाढ़ खंड के अधिकारी भी तटंबंधों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए हैं। बताया कि सरयू खतरे के निशान से नीचे बह रही है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बाढ़ से बचाव व राहत के लिए जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम संचालित कर दिया गया है। जिम्मेदारों को तटबंधों की निगरानी में लगाया गया है। यदि शिथिलता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन
सरयू की कटान व तबाही का मंजर देखकर बांध के आसपास बसे ग्रामीणों का पलायन शुरू हो गया है। ग्रामीण सुरक्षित बांध के हिस्से पर अपना आशियाना बनाने में लग गए हैं। बीते 24 घंटे में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जलस्तर घट रहा था। नदी के बारे में कहा जाता है कि इसका जलस्तर घटने लगता है तो जमीन को काटना शुरू कर देती है।
विज्ञापन
एल्गिन-चरसडी बांध से नदी का पानी सटकर बह रहा है। केंद्रीय जल आयोग संस्थान के आंकड़ों के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे नदी का जल स्तर 105.896 दर्ज किया गया था। खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर नीचे था। वहीं शाम को जलस्तर घटकर 105.736 पर पहुंच गया जो खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे था।
विज्ञापन
नदी का जलस्तर घटने के साथ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान का खतरा बढ़ गया है। उफनाई नदी का पानी मांझारायपुर, नकहरा के मजरों में स्थित नालों, तालाबों में जाना शुरू हो गया है। शारदा, गिरजा, सरयू बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में भी कमी दर्ज की गई है। शाम को कुल डिस्चार्ज एक लाख 89 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह कहते हैं कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है। निगरानी टीमें बांध पर नजर रख रही हैं।
एडीएम ने किया तटबंध का निरीक्षण
गोंडा। सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर एडीएम सुरेश कुमार सोनी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने तहसील तरबगंज के ऐली परसौली में तटबंध का निरीक्षण किया। एडीएम ने बताया कि सरयू नदी के किनारे पड़ने वाले सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। बाढ़ निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया। राजस्व विभाग की टीमें को निगरानी में लगाया गया है। बाढ़ खंड के अधिकारी भी तटंबंधों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए हैं। बताया कि सरयू खतरे के निशान से नीचे बह रही है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बाढ़ से बचाव व राहत के लिए जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम संचालित कर दिया गया है। जिम्मेदारों को तटबंधों की निगरानी में लगाया गया है। यदि शिथिलता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)