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160 आशा बहू की नौकरी पर खतरा
अमर उजाला/गोंडा
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:14 PM IST
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स्वास्थ्य संविदाकर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में कई महीनों से निष्क्रिय चल रहीं करीब 160 आशा बहुओं की नौकरी पर खतरे के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक आलोक कुमार ने जिलेवार निष्क्रिय चल रहीं आशा बहुओं के संबंध में इनका पूरा ब्यौरा सीएमओ से तलब किया है।
वहीं, सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा का कहना है कि मिशन निदेशक के हाल में आए आदेशों के क्रम में ऐसी आशा बहुओं की पूरी डिटेल तैयार करवाई जा रही है। आशा बहुओं को नोटिस भेजकर उनसे निष्क्रिय होने का जवाब मांगा जाएगा और अगर सही जवाब नहीं मिलता है तो उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
जिले के 16 ब्लॉकों में करीब 2200 आशा बहुएं कार्यरत हैं, जिनका काम गांव-गांव जाकर बीमारों की जानकारी एकत्र करना, टीकाकरण सहित तमाम राष्ट्रीय कार्यक्रमों में योगदान देना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को इलाज के साथ प्रसव संबंधी सुविधा आसानी से मुहैया हो सके। लेकिन इधर बीते छह महीनों से जिले में कार्यरत करीब 160 आशा बहुओं की तरफ से उनके किसी योगदान की कोई डिटेल स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है।
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यही नहीं उनकी किसी भी गतिविधि के बारे में भी स्वास्थ्य विभाग के लोगों को कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसे लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक आलोक कुमार ने बीते छह महीनों से ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति से गैरहाजिर चल रहीं आशा बहुओं का पूरा ब्यौरा सीएमओ से तलब करते हुए उन्हें तत्काल नौकरी से बर्खास्त करते हुए उनके स्थान पर किसी दूसरी आशा का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
ताते हैं कि मिशन निदेशक के इस फरमान पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसी निष्क्रिय आशा बहुओं को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने बताया कि जिले में करीब 160 आशा बहुएं काफी दिनों से निष्क्रिय चल रही हैं, जिन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अगर उनका जवाब उन्हें संतोषजनक नहीं मिलता है तो उन्हें हटाकर नई आशा बहुओं की नियुक्ति उनके स्थान पर की जाएगीा।
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वहीं, सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा का कहना है कि मिशन निदेशक के हाल में आए आदेशों के क्रम में ऐसी आशा बहुओं की पूरी डिटेल तैयार करवाई जा रही है। आशा बहुओं को नोटिस भेजकर उनसे निष्क्रिय होने का जवाब मांगा जाएगा और अगर सही जवाब नहीं मिलता है तो उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
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जिले के 16 ब्लॉकों में करीब 2200 आशा बहुएं कार्यरत हैं, जिनका काम गांव-गांव जाकर बीमारों की जानकारी एकत्र करना, टीकाकरण सहित तमाम राष्ट्रीय कार्यक्रमों में योगदान देना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को इलाज के साथ प्रसव संबंधी सुविधा आसानी से मुहैया हो सके। लेकिन इधर बीते छह महीनों से जिले में कार्यरत करीब 160 आशा बहुओं की तरफ से उनके किसी योगदान की कोई डिटेल स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है।
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यही नहीं उनकी किसी भी गतिविधि के बारे में भी स्वास्थ्य विभाग के लोगों को कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसे लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक आलोक कुमार ने बीते छह महीनों से ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति से गैरहाजिर चल रहीं आशा बहुओं का पूरा ब्यौरा सीएमओ से तलब करते हुए उन्हें तत्काल नौकरी से बर्खास्त करते हुए उनके स्थान पर किसी दूसरी आशा का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
ताते हैं कि मिशन निदेशक के इस फरमान पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसी निष्क्रिय आशा बहुओं को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने बताया कि जिले में करीब 160 आशा बहुएं काफी दिनों से निष्क्रिय चल रही हैं, जिन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अगर उनका जवाब उन्हें संतोषजनक नहीं मिलता है तो उन्हें हटाकर नई आशा बहुओं की नियुक्ति उनके स्थान पर की जाएगीा।