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अभिलेखों में हेराफेरी कर 1.26 लाख रुपए उड़ाए
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गोंडा। बीमा कंपनी के अभिकर्ताओं ने अभिलेखों में हेराफेरी करके एक चीनी मिल के कर्मचारी के 1.26 लाख रुपए उड़ा लिए। इसकी जानकारी होने पर चीनी मिली कर्मी ने अभिकर्ताओ से संपर्क का प्रयास किया तो उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। मामले में मिलकर्मी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की फरियाद की है। एसपी ने मामले की जांच साइबर सेल को दी है।
गोंडा के एक चीनी मिल के कर्मचारी धर्मपाल सचान ने बताया कि उन्होंने एक बीमा कंपनी में बीमा कराया था। धर्मपाल के मुताबिक शहर के होटल में बीमा कंपनी की मीटिंग थी, जिसमें वह भी गए थे। वहां धर्मराज शेखावत व सुरेंद्र चौधरी नाम के दो अभिकर्ताओं ने उनकी मुलाकात हुई। दोनों ने बीमा के बारे में विस्तार से उसका फायदा बताया। धर्मपाल ने बताया कि दोनों के झांसे में आकर उन्होंने बीमा करा लिया।
तीन बार प्रीमियम भी जमा किया। उसके बाद दोनों ने प्रीमियम जमा करने को दूसरा खाता नंबर दे दिया। जिसमें उन्होंने दो बार में 126465 रुपये जमा कर दिया। उसके बाद से जब दोनों से संपर्क करने का प्रयास किया तो दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। कई बार प्रयास के बाद भी दोनों से संपर्क नहीं हो सका तो वह बीमा कंपनी के स्थानीय कार्यालय पहुंचे। जहां लोगों ने बताया कि उनका तीन प्रीमियम तो कंपनी में जमा है। मगर उसके बाद से दिए गए रुपये कंपनी के खाते में नहीं है। धर्मपाल सचान ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने की फरियाद की है। एसपी ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी है।
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गोंडा के एक चीनी मिल के कर्मचारी धर्मपाल सचान ने बताया कि उन्होंने एक बीमा कंपनी में बीमा कराया था। धर्मपाल के मुताबिक शहर के होटल में बीमा कंपनी की मीटिंग थी, जिसमें वह भी गए थे। वहां धर्मराज शेखावत व सुरेंद्र चौधरी नाम के दो अभिकर्ताओं ने उनकी मुलाकात हुई। दोनों ने बीमा के बारे में विस्तार से उसका फायदा बताया। धर्मपाल ने बताया कि दोनों के झांसे में आकर उन्होंने बीमा करा लिया।
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तीन बार प्रीमियम भी जमा किया। उसके बाद दोनों ने प्रीमियम जमा करने को दूसरा खाता नंबर दे दिया। जिसमें उन्होंने दो बार में 126465 रुपये जमा कर दिया। उसके बाद से जब दोनों से संपर्क करने का प्रयास किया तो दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। कई बार प्रयास के बाद भी दोनों से संपर्क नहीं हो सका तो वह बीमा कंपनी के स्थानीय कार्यालय पहुंचे। जहां लोगों ने बताया कि उनका तीन प्रीमियम तो कंपनी में जमा है। मगर उसके बाद से दिए गए रुपये कंपनी के खाते में नहीं है। धर्मपाल सचान ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने की फरियाद की है। एसपी ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी है।
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