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Gonda News: शत्रु संपत्ति मामले में पालिका अध्यक्ष उजमा को हाईकोर्ट से राहत

Mon, 20 May 2024 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 20 May 2024 11:16 PM IST
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Relief from High Court to Municipality President Uzma in enemy property case
गोंडा। शत्रु संपत्ति के मकान व दुकान से बेदखल करने के मामले में हाईकोर्ट ने नगर पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद को बड़ी राहत दी है। नगर मजिस्ट्रेट के बेदखली आदेश को स्थगित करते हुए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को उजमा राशिद को शत्रु संपत्ति पर कब्जा वापस दिलाने का आदेश दिया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ने पीपीई एक्ट के तहत नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया था। इसमें कहा कि मोहल्ला रकाबगंज स्थित मकान संख्या-15 व दुकान नंबर-16 की मालिक हमीदा बेगम थीं जो विभाजन के दौरान पाकिस्तान चलीं गईं इसलिए यह शत्रु संपत्ति है, जिसके संरक्षक कलेक्टर गोंडा हैं। उजमा राशिद ने इस मकान व दुकान की मरम्मत की अनुमति प्राप्त कर अवैध ढंग से दोनों का नवनिर्माण कराकर खुद को किरायेदार बताकर कब्जा कर रखा है। डीजीसी ने उजमा राशिद को शत्रु संपत्ति से बेदखल करने की मांग की। 27 फरवरी 2023 को मामले की सुनवाई के दौरान नगर मजिस्ट्रेट ने उजमा राशिद को शत्रु संपत्ति से बेदखल करने का आदेश दिया। 28 फरवरी 2024 को अपर जिला जज नवम ने उजमा राशिद की अपील भी खारिज कर दी।
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हाईकोर्ट के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह के अनुसार नगर पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद ने अधिवक्ता मोहम्मद असलम खान के माध्यम से उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की। इसमें नगर मजिस्ट्रेट के 27 फरवरी 2023 व अपीलीय न्यायालय के 28 फरवरी 2024 के आदेश को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए उजमा के अधिवक्ता ने कहा कि याची शत्रु संपत्ति मकान संख्या-15 व दुकान नंबर-16 की किरायेदार के रूप में अभिलेखों में दर्ज हैं। वह अनाधिकृत रूप से कब्जेदार नहीं हैं। इसलिए विनियमित क्षेत्र की ओर से नगर मजिस्ट्रेट द्वारा की गई बेदखली की प्रक्रिया विधिविरुद्ध है।
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याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता के कथन, मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों पर विचार करते हुए न्यायमूर्ति मनीष माथुर ने नगर मजिस्ट्रेट की ओर से जारी बेदखली आदेश व अपीलीय न्यायालय के आदेश को स्थगित कर दिया। आदेश में कहा गया कि यदि याची को कब्जे से बेदखल कर दिया गया हो तो जिला प्रशासन उसे मकान व दुकान का कब्जा वापस दिलाकर पूर्व स्थिति बहाल करे। याची के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय ने इस प्रकरण में अगली सुनवाई की तिथि चार जुलाई 2024 नियत की है।
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