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तीन महीने से अटका धान का तीन करोड़

Fri, 27 May 2022 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 11:42 PM IST
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फोटो-5 गोंडा के गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण करती डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा। -संवाद - फोटो : GONDA
गोंडा। बैंक प्रबंधन की उदासीनता गरीब किसानों पर भारी पड़ रही है। काम काज में बरती जा रही शिथिलता के कारण सरकारी भंडारण के लिए धान बेचने वाले ढाई सौ से अधिक किसानों को तीन करोड़ का भुगतान बीते तीन माह अटका पड़ा है। बैंक खाते का केवाईसी न होने से 252 किसानों की भुगतान राशि उनके खाते में जमा नहीं हो रही। इसके चलते ही भुगतान के लिए खाद्य विभाग की ओर से भेजा गयी धनराशि करीब 55 बार वापस हो चुकी है। काम के बोझ की बात कहकर बैंक प्रबंधक किसानों का केवाईसी कराने में उदासीन बना है।
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जिले में सरकारी दर पर धान की खरीद बीती 7 मार्च को खत्म हुई थी। इस दौरान जिले में विभाग ने 98 क्रय केंद्रों के माध्यम से लक्ष्य से अधिक 97811 मीट्रिक टन धान की खरीद की थी लेकिन खरीद बंद होने के दो महीने बीस दिन बाद भी 252 किसान अपनी उपज के भुगतान के लिए भटक रहे हैं। धान क्रय नीति के अनुसार धान का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में किया जाना था, लेकिन धान बेचने वाले तीन सौ से अधिक किसानों का खाता आधार से लिंक न होने के कारण उनके खाते में भुगतान की धनराशि अभी तक नहीं पहुंच सकी है। तीन महीने की कवायद के बाद कुछ किसानों का केवाईसी होने से भुगतान हो गया लेकिन 252 किसान अभी भी पैसे के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। इन किसानों का करीब तीन करोड़ रुपया बार-बार वापस हो जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार केवाईसी न होने से भुगतान राशि स्थानांतरित होने के बाद भी सिस्टम से रिजेक्ट हो जा रही है।
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बैंकों में मिल रहा तारीख पर तारीख
किसान भुगतान के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। जहां उन्हें केवाईसी के लिए अगले दिन आने को कहा जाता है। सहालग के मौसम में बैंकों में ग्राहकों की भारी भीड़ रहती है जिसके चलते बैंक प्रबंधक किसानों के केवाईसी करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। किसान राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने पिता के नाम से पंजीकरण कर धान बेचा था, लेकिन अभी तक खाते में पैसा नहीं आया। विभाग से पता कराया तो बताया गया के खाते का केवाईसी करवाओ। केवाईसी के लिए बैंक में तारीख पर तारीख मिल रही है। इसी प्रकार इंडियन बैंक, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक, एसबीआई, एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक तथा सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के खाता धारक 252 किसानों केवाईसी अपडेट तथा एनपीसीआई (भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम) पर मैपिंग नहीं हो सका।
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बैंक पेमेंट
इंडियन बैंक 87 लाख
प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक 76
एसबीआई 34
बैंक ऑफ इंडिया 17
एक्सिस बैंक 08
यूनियन बैंक 04
पीएनबी 12
सेंट्रल बैंक 14
धान बेचने वाले किसानों का भुगतान खाते का केवाईसी न होने कारण अटका हुआ है। विभाग की ओर से पैसा बार-बार स्थानांतरित होने के उपरांत पीएफएमएस की ओर से रिजेक्ट कर दिया जा रहा है। किसानों से अपील है कि बैंक प्रबंधक से मिलकर अपने खाते का केवाईसी तथा एनपीसीआई (भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम) करवा लें। खाद्य विभाग की ओर से भी बैंकों को विशेष शिविर लगाकर केवाईसी करने का निर्देश दिया गया है।
प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ
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