{"_id":"5707ea4e4f1c1ba06cc81150","slug":"railway-closed","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 साल पुराने रास्ते को रेलवे ने किया बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 साल पुराने रास्ते को रेलवे ने किया बंद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2016 10:58 PM IST
विज्ञापन
रेलवे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे ने 50 साल पुराने रास्ते को बंद कर दिया है। इससे करीब पंद्रह हजार आबादी का आवागमन प्रभावित हो गया है। रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों व महिलाओं को काफी दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों ने सांसद व डीआरएम को पत्र भेज रास्ते को फिर से खुलवाने की मांग की है।
विज्ञापन
प्रकरण गाेंडा-बलरामपुर रेलप्रखंड पर फलैशबट्ट के मुख्यद्वार के सामने का है। यहां करीब 50 वर्ष पहले से इस रास्ते से तुर्काडीहा, तिवारीपुरवा, भवानीशाह पुरवा, केवलपुर, भटवलिया, कंधरातेजी, धनौली, पंडितपुरवा के ग्रामीणों का आवागमन होता रहा है।
विज्ञापन
मंडी समिति ने किसानों की सुविधा के लिए फलैशबट्ट से तुर्काडीहा तक लाखों की लागत से सड़क का निर्माण कराया था। इस रास्ते से करीब पंद्रह हजार आबादी का आवागमन होता था। कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज व गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज समेत आधा दर्जन छात्र-छात्राओं का आवागमन होता था।
विज्ञापन
लेकिन रेलवे विभाग द्वारा सड़क की खोदाई करने व रेलवे क्रॉसिंग को रेल लाइनें लगाकर रास्ता बंद कर देने से राहगीरों को काफी समस्याएं हो रही हैं। कुछ लोग पांच किलोमीटर की दूरी अधिक न जाना पड़े इसके लिए जान जोखिम में डालकर किसी तरह क्रॉसिंग पर कर रहे हैं। ग्रामीणों ने रास्ते को खुलवाने की मांग सांसद कीर्तिवर्धन सिंह व डीआरएम से की है।