{"_id":"65cd047320a597b75705a86d","slug":"proposals-related-to-development-work-stuck-due-to-incomplete-quorum-gonda-news-c-100-1-gon1002-112879-2024-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: कोरम अधूरा रहने से अटके विकास कार्य से जुड़े प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: कोरम अधूरा रहने से अटके विकास कार्य से जुड़े प्रस्ताव
Wed, 14 Feb 2024 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 14 Feb 2024 11:50 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। विकास कार्य से जुड़े मामलों को लेकर भी जनप्रतिनिधि उदासीन बने हैं। इसके चलते ही बुधवार को हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा न हो पाने के कारण विकास संबंधी कार्य से जुड़े कई अहम प्रस्ताव पारित न हो सके। पूरी बैठक बस मौजूद सदस्यों के स्तर पर हुई चर्चा तक ही सिमट कर रह गई।
बैठक में जिला पंचायत के 65 निर्वाचित सदस्यों के साथ ही 26 पदेन सदस्यों को आमंत्रित किया गया था। इसके बावजूद बोर्ड बैठक में सिर्फ 39 सदस्य ही पहुंचे। एक सदस्य की मृत्यु हो जाने से बैठक का कोरम पूरा होने के लिए न्यूनतम 45 सदस्यों की मौजूदगी होना जरूरी थी।
इनमें से कई जनप्रतिनिधियों ने बैठक के महत्व को हाशिए पर रखते हुए अपनी जगह नामित प्रतिनिधि को बैठक में हिस्सेदारी के लिए भेजा था। नियमत: उनकी गिनती कोरम पूरा करने में नहीं गिनी जाती है। इस कारण बोर्ड की बैठक में शामिल विकास संबंधी प्रस्तावों को पारित करने पर मुहर नहीं लग सकी।
विज्ञापन
अब लंबित प्रस्तावों को पारित कराने के लिए 23 फरवरी को पुन: बोर्ड बैठक आयोजित किए जाने पर मंथन किया जा रहा है। बैठक में आमंत्रित 26 पदेन सदस्यों में से सिर्फ एक एमएलसी, तीन ब्लॉक प्रमुखों को छोड़कर कोई अन्य नहीं पहुंचा। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र ने बताया कि वसंत पंचमी की तिथि और सहालग होने के चलते कई सदस्य बैठक में हिस्सेदारी के लिए नहीं पहुंचे। इसलिए बैठक में विकास से जुड़े नये एजेंडा पर चर्चा नहीं हो सकी। मौजूद सदस्यों ने सिर्फ बिजली, पानी, सड़क और आवारा पशुओं से हो रही परेशानी से जुड़े मामलों को ही जोर-शोर से उठाया।
इससे पूर्व जिला पंचायत परिसर के नवनिर्मित सभागार का लोकार्पण कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने फीता काटकर किया। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दी जाएं सड़कें
ग्रामीण सड़कों की बदहाली पर एमएलसी अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि गन्ना समिति, आरईएस और मंडी समिति की सड़कें पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दी जाएं। ताकि ये सड़कें समय पर दुरुस्त हो सकें। बिजली विभाग की लापरवाही से हादसे व मनमाने रवैये को लेकर सीडीओ ने एक्सईएन को तलब किया।
समाधान के जगह पिता के नाम काट दी आरसी
बैठक में मौजूद जिला पंचायत सदस्य रूपनारायण प्रजापति ने बिजली विभाग के अफसरों की मनमानी का मसला उठाया। बताया कि बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत करने पर समाधान की जगह उनके पिता के नाम ही आरसी काट दी गई। सदस्य ने कहा कि अगर वह चोर होते तो शायद जनता वोट देकर अपना जनप्रतिनिधि न बनाती। उन्होंने कटराबाजार ब्लॉक के गोड़वा व भैरमपुर में दो-दो मंजिला वाले लोगों को गरीबों का आवास देने का मामला भी उठाया।
पांच-पांच स्ट्रीट लाइट ही मिल जाए
सदस्यों ने कहा कि उनके पास कोई अधिकार व मद न होने के चलते जनता की ओर से उन्हें धिक्कारा जा रहा है। ऐसे में कम से कम चौराहों पर लगाने के लिए पांच-पांच स्ट्रीट लाइटें ही दे दी जाएं। उनके कहने पर किसानों को नि:शुल्क बोरिंग की सुविधा ही मिल जाए।
विज्ञापन
बैठक में जिला पंचायत के 65 निर्वाचित सदस्यों के साथ ही 26 पदेन सदस्यों को आमंत्रित किया गया था। इसके बावजूद बोर्ड बैठक में सिर्फ 39 सदस्य ही पहुंचे। एक सदस्य की मृत्यु हो जाने से बैठक का कोरम पूरा होने के लिए न्यूनतम 45 सदस्यों की मौजूदगी होना जरूरी थी।
विज्ञापन
इनमें से कई जनप्रतिनिधियों ने बैठक के महत्व को हाशिए पर रखते हुए अपनी जगह नामित प्रतिनिधि को बैठक में हिस्सेदारी के लिए भेजा था। नियमत: उनकी गिनती कोरम पूरा करने में नहीं गिनी जाती है। इस कारण बोर्ड की बैठक में शामिल विकास संबंधी प्रस्तावों को पारित करने पर मुहर नहीं लग सकी।
विज्ञापन
अब लंबित प्रस्तावों को पारित कराने के लिए 23 फरवरी को पुन: बोर्ड बैठक आयोजित किए जाने पर मंथन किया जा रहा है। बैठक में आमंत्रित 26 पदेन सदस्यों में से सिर्फ एक एमएलसी, तीन ब्लॉक प्रमुखों को छोड़कर कोई अन्य नहीं पहुंचा। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र ने बताया कि वसंत पंचमी की तिथि और सहालग होने के चलते कई सदस्य बैठक में हिस्सेदारी के लिए नहीं पहुंचे। इसलिए बैठक में विकास से जुड़े नये एजेंडा पर चर्चा नहीं हो सकी। मौजूद सदस्यों ने सिर्फ बिजली, पानी, सड़क और आवारा पशुओं से हो रही परेशानी से जुड़े मामलों को ही जोर-शोर से उठाया।
इससे पूर्व जिला पंचायत परिसर के नवनिर्मित सभागार का लोकार्पण कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने फीता काटकर किया। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दी जाएं सड़कें
ग्रामीण सड़कों की बदहाली पर एमएलसी अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि गन्ना समिति, आरईएस और मंडी समिति की सड़कें पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दी जाएं। ताकि ये सड़कें समय पर दुरुस्त हो सकें। बिजली विभाग की लापरवाही से हादसे व मनमाने रवैये को लेकर सीडीओ ने एक्सईएन को तलब किया।
समाधान के जगह पिता के नाम काट दी आरसी
बैठक में मौजूद जिला पंचायत सदस्य रूपनारायण प्रजापति ने बिजली विभाग के अफसरों की मनमानी का मसला उठाया। बताया कि बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत करने पर समाधान की जगह उनके पिता के नाम ही आरसी काट दी गई। सदस्य ने कहा कि अगर वह चोर होते तो शायद जनता वोट देकर अपना जनप्रतिनिधि न बनाती। उन्होंने कटराबाजार ब्लॉक के गोड़वा व भैरमपुर में दो-दो मंजिला वाले लोगों को गरीबों का आवास देने का मामला भी उठाया।
पांच-पांच स्ट्रीट लाइट ही मिल जाए
सदस्यों ने कहा कि उनके पास कोई अधिकार व मद न होने के चलते जनता की ओर से उन्हें धिक्कारा जा रहा है। ऐसे में कम से कम चौराहों पर लगाने के लिए पांच-पांच स्ट्रीट लाइटें ही दे दी जाएं। उनके कहने पर किसानों को नि:शुल्क बोरिंग की सुविधा ही मिल जाए।