गोंडा। सरयू नदी का जलस्तर घटने से लोगों को बाढ़ से तो राहत मिली है, लेकिन कटान तेज हो गई है। इससे करनैलगंज क्षेत्र के भिखारीपुर-सकरौर व एल्गिन-चरसड़ी तटबंध पर संकट बढ़ गया है। नदी खेतों को काटते हुए तटबंधों से टकरा रही है। तटबंध और नदी के बीच में बनी कच्ची सड़क भी कटान में बह गई है। इससे तटबंध की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तटबंध की सुरक्षा में लगे अधिकारियों का कहना है कि तटबंध की निगरानी की जा रही है। कटान भी जल्द ही थमने की संभावना है। खतरे के निशान से नदी 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बहुवन मदार माझा गांव के पास नदी के तेवर कुछ ढीले पड़े हैं, लेकिन समस्या बनी है। नकहरा गांव में अभी जलभराव है, जिससे लोगों काे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तरबगंज के ऐली माझा के साथ ही जबर नगर, गढ़ी गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नवाबगंज के दत्तनगर, ब्यौंदा माझा आदि गांवों में भी पानी घटने के साथ ही नदी के तेवर तीखे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को क्षेत्रीय विधायक रमापति शास्त्री ने राहत सामग्री का वितरण किया। उन्होंने खेमपुर गांव में स्थित डाक बंगले पर जैतपुर माझा गांव के बाढ़ प्रभावित 400 लोगों को राहत सामग्री किट बांटी। इसके बाद दुल्लापुर गांव में पहुंच कर 600 बाढ़ प्रभावित लोगों में किट का वितरण किया। कहा कि जो लोग वंचित रह गए हैं, उन तक क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक व लेखपाल राहत किट पहुंचाएंगे। इस मौके पर चंदन जायसवाल, वेदप्रकाश दूबे, कमलेश पांडेय, रवि सिंह, धनलाल निषाद, संध्या शुक्ला आदि मौजूद रहे।